उत्तर प्रदेश संगीत नाटक समारोह 2026 (Uttar Pradesh Sangeet Natak Akademi Awards 2026)
संदर्भ:
हाल ही में लखनऊ के लोक भवन में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें कुल 51 विशिष्ट कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट कला साधना के लिए सम्मानित किया गया।
- यह पुरस्कार मुख्य रूप से वर्ष 2021, 2022, 2023 और 2024 के लंबित चक्रों के लिए प्रदान किए गए हैं।
Uttar Pradesh Sangeet Natak Akademi Awards 2026 के प्रमुख विजेताओं की सूची:
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क्र. सं. |
विजेता का नाम |
कला विधा / क्षेत्र |
पुरस्कार का प्रकार / वर्ष |
संबंधित शहर |
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1 |
अजय कुमार |
रंगमंच (Theatre) |
सफदर हाशमी पुरस्कार (2023) |
गाजियाबाद |
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2 |
शुभदीप रहा |
रंगमंच (Theatre) |
सफदर हाशमी पुरस्कार (2024) |
लखनऊ |
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3 |
रविशंकर खरे |
रंगमंच निर्देशन व अभिनय |
बी. एम. शाह पुरस्कार (2023) |
गोरखपुर |
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4 |
संजय मेहता |
रंगमंच (Theatre) |
बी. एम. शाह पुरस्कार (2024) |
भोपाल |
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5 |
रामशंकर |
शास्त्रीय गायन (Classical Vocal) |
अकादमी पुरस्कार (2023) |
– |
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6 |
रितेश रजनीश मिश्रा |
शास्त्रीय गायन (Classical Vocal) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
– |
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7 |
आकांक्षा श्रीवास्तव |
कथक नृत्य (Kathak Dance) |
अकादमी पुरस्कार (2023) |
लखनऊ |
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8 |
चेतन कुमार जोशी |
बांसुरी वादन (Flute Recital) |
अकादमी पुरस्कार (2023) |
– |
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9 |
राकेश श्रीवास्तव |
लोक गायन (Folk Singing) |
अकादमी पुरस्कार (2023) |
– |
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10 |
मुक्ता चटर्जी |
सुगम संगीत (Light Music) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
– |
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11 |
रामास्थ पांडेय |
आल्हा गायन (Folk Lore) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
– |
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12 |
पं. मंगला प्रसाद |
दुक्कड़ वादन (Dukkad Recital) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
काशी (वाराणसी) |
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13 |
सुखदेव मिश्रा |
वायलिन वादन (Violin Recital) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
– |
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14 |
राजेश शाह |
सितार वादन (Sitar Recital) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
वाराणसी |
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15 |
सुषमा शर्मा |
रंगमंच निर्देशन (Direction) |
अकादमी पुरस्कार (2024) |
– |
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (UPSNA) के बारे में:
- परिचय: यह राज्य में प्रदर्शनकारी कलाओं (Performing Arts) के संरक्षण और संवर्धन की शीर्ष संस्था है।
- स्थापना व मुख्यालय: इसकी स्थापना 13 नवंबर 1963 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के अधीन एक स्वायत्तशासी इकाई के रूप में हुई थी।
- प्रारंभ में इसका नाम ‘उत्तर प्रदेश नाट्य भारती’ था, जिसे 2 सितंबर 1969 को बदलकर वर्तमान नाम दिया गया।
- प्रमुख प्रशासनिक इकाइयाँ: अकादमी के सुचारू संचालन के लिए इसके अंतर्गत चार प्रमुख एकांश (Divisions) कार्यरत हैं:
- अकादमी मुख्य शाखा
- सर्वेक्षण एकांश (कलाओं का दस्तावेजीकरण)
- सांस्कृतिक दल
- कथक केंद्र (स्थापना: 1972, लच्छू महाराज के प्रयासों से)
- मुख्य उद्देश्य व कार्य: इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत, नृत्य, लोकगीत और रंगमंच (थिएटर) की समृद्ध विधाओं का प्रचार-प्रसार करना है।
- यह संस्था नवोदित कलाकारों को प्रशिक्षण देती है, लुप्तप्राय लोक कलाओं (जैसे आल्हा, नौटंकी) को मंच प्रदान करती है और महत्वपूर्ण कलाकृतियों व दुर्लभ रिकॉर्डिंग्स का एक समृद्ध अभिलेखागार तथा पुस्तकालय संचालित करती है।
- पुरस्कार एवं सम्मान: अकादमी द्वारा उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को प्रतिष्ठित ‘अकादमी पुरस्कार’ (जिसमें ताम्रपत्र, अंगवस्त्रम शामिल हैं) और विशेष अध्येतावृत्ति (Fellowship) प्रदान की जाती है।
FAQs:
Q1. उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान समारोह 2026 क्या है?
यह लखनऊ में आयोजित प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सव है, जहां वर्ष 2021 से 2024 तक के उत्कृष्ट कलाकारों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.
Q2. Who received the UP Sangeet Natak Akademi Awards 2026?
समारोह में डॉ. राकेश श्रीवास्तव, रविशंकर खरे और सुगम सिंह सहित संगीत, नृत्य एवं रंगमंच से जुड़े 51 विशिष्ट कलाकारों को पुरस्कृत किया गया.
Q3. Why are these awards important for artists?
यह सम्मान कलाकारों को सामाजिक प्रतिष्ठा, राज्य की ‘विशिष्ट श्रेणी’ का दर्जा और सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ₹70,000 का निश्चित मानदेय प्रदान करता है.
Q4. उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की पारंपरिक संगीत, नृत्य, नाटक, लोक विधाओं और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना है.
