V-BAT Unmanned Aerial System
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय सेना ने अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Shield AI के साथ V-BAT मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS) की खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते का मुख्य विवरण:
- प्रकार: यह खरीद आपातकालीन खरीद (Emergency Procurement) मार्ग के तहत की गई है।
- स्वदेशी निर्माण: ड्रोन्स का निर्माण भारत में JSW Defence द्वारा हैदराबाद के पास EMC महेश्वरम में स्थित एक नई इकाई में किया जाएगा।
- निवेश: इस विनिर्माण संयंत्र के लिए लगभग 90 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया है, जो भारत को इन ड्रोन्स के लिए एक वैश्विक उत्पादन हब के रूप में स्थापित करेगा।
- सॉफ्टवेयर और लाइसेंसिंग: समझौते में Shield AI के प्रसिद्ध Hivemind ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर के लाइसेंस भी शामिल हैं, जो भारतीय सेना को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार मिशन-विशिष्ट स्वायत्तता विकसित करने की अनुमति देगा।
V-BAT ड्रोन: तकनीकी विशिष्टताएँ
- श्रेणी: V-BAT एक ग्रुप 3 (Group 3) श्रेणी का वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (VTOL) मानवरहित विमान है।
- प्रक्षेपण (Launch): इसे किसी रनवे की आवश्यकता नहीं होती; यह रॉकेट की तरह वर्टिकल उड़ान भरता है।
- धीरज (Endurance): यह 12 से 13 घंटे से अधिक समय तक हवा में रह सकता है।
- इंजन: इसमें एक शक्तिशाली हैवी-फ्यूल इंजन (Heavy-fuel engine) का उपयोग किया गया है।
- डिजाइन: डक्टेड-फैन डिजाइन (Ducted-fan design) जो इसे सुरक्षित और संकीर्ण स्थानों (जैसे जहाज के डेक या छत) से संचालित करने में सक्षम बनाता है।
- परिचालन सीमा: यह लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और कठिन मौसम में भी कार्यक्षम है।
- Hivemind AI सॉफ्टवेयर: V-BAT का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसका ‘मस्तिष्क’ यानी Hivemind सॉफ्टवेयर है।
- स्वायत्तता (Autonomy): यह ड्रोन को बिना GPS या मानवीय नियंत्रण के जटिल और बाधित वातावरण में काम करने की अनुमति देता है।
- खतरों से बचाव: यह रीयल-टाइम में बाधाओं और खतरों को पहचान कर अपना रास्ता खुद बदल सकता है।
इसकी प्रभावशीलता:
- Shield AI की तकनीक ने यूक्रेन संघर्ष में अपनी प्रभावशीलता साबित की है।
- यूक्रेन में भारी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बावजूद, Hivemind-सक्षम V-BAT ड्रोन्स ने रूसी वायु रक्षा प्रणालियों और कमांड केंद्रों का पता लगाने में सफलता हासिल की।
- इसने 2025 में यूक्रेन में 35 से अधिक मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और 200 से अधिक लक्ष्यों की पहचान की।
महत्व:
- कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के लिए उपयुक्त: हिमालय की ऊँची चोटियों (LAC/LOC) से लेकर विशाल हिंद महासागर (IOR) तक, V-BAT भारत की विविध भौगोलिक स्थितियों में निगरानी (ISR) के लिए आदर्श है।
- लॉजिस्टिकल बोझ में कमी: रनवे और भारी लॉन्च उपकरणों की आवश्यकता न होने के कारण इसे आगे की चौकियों पर आसानी से तैनात किया जा सकता है।
- iCET पहल को मजबूती: यह सौदा भारत-अमेरिका Critical and Emerging Technology (iCET) पहल के तहत रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।
- तकनीकी संप्रभुता: ‘मेक इन इंडिया’ और सॉफ्टवेयर लाइसेंसिंग के माध्यम से भारत विदेशी कोड पर निर्भरता कम कर सकेगा और अपनी रक्षा तकनीक पर पूर्ण नियंत्रण रख सकेगा।

