Vande Bharat Sleeper Train
संदर्भ:
हाल ही में भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की अंतिम उच्च-गति परीक्षण और रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा प्रमाणन (certification) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर हो चुकी है। यह विकास भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में:
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक सेमी-हाई-स्पीड स्वदेशी ट्रेन है, जिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है।
- इसे BEML (बेंगलुरु) और ICF (चेन्नई) द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है। यह पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
- परीक्षणों के दौरान इसने 180 किमी/घंटा की गति प्राप्त की है, जबकि इसका नियमित परिचालन 160 किमी/घंटा की रफ्तार पर होगा।
- यह 16 कोचों वाली एक ‘सेल्फ-प्रोपल्शन’ ट्रेनसेट है (इसमें अलग से इंजन की आवश्यकता नहीं होती)। इसमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 प्रथम श्रेणी एसी कोच शामिल हैं।
- इसके फर्स्ट एसी में शॉवर (नहाने की सुविधा), बायो-वैक्यूम शौचालय, सेंसर-आधारित नल, और ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए बेहतर सीढ़ियाँ दी गई हैं।
- यह ट्रेन लगभग 823 से 1,128 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
- यह स्वदेशी रूप से विकसित ‘कवच’ (Kavach) ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से लैस है, जो टक्कर रोकने में सक्षम है।
- इसमें EN-45545 HL3 अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इसमें एरोसोल-आधारित आग बुझाने वाली प्रणालियाँ लगाई गई हैं।
महत्व:
- आत्मनिर्भर भारत: यह पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित है, जो वैश्विक रेल निर्माण बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।
- समय की बचत: 160 किमी/घंटा की परिचालन गति के साथ, यह राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में यात्रा समय में 15-20% की कटौती करेगी。
- आर्थिक गलियारा: बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- ऊर्जा दक्षता: पुनर्योजी ब्रेकिंग (Regenerative Braking) प्रणाली के कारण यह ट्रेन कम बिजली की खपत करती है।
विशेष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी 2026 के मध्य में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जो गुवाहाटी और हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलेगी।

