World Day of Peace and Understanding 2026
संदर्भ:
हर साल 23 फरवरी को ‘विश्व शांति और समझ दिवस’ (World Peace and Understanding Day) मनाया जाता है। यह दिन मुख्य रूप से रोटरी इंटरनेशनल (Rotary International) की स्थापना की वर्षगांठ का प्रतीक है, जो दुनिया भर में मानवीय सेवा, सद्भावना और शांति को बढ़ावा देने वाली एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था है।
2026 की थीम: “Embracing Diversity, Cultivating Peace for All” (विविधता को अपनाना, सभी के लिए शांति की खेती करना)।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य:
- स्थापना: 23 फरवरी 1905 को, शिकागो (USA) में वकील पॉल हैरिस (Paul Harris) ने अपने तीन दोस्तों—गुस्तावस लोहर, सिल्वेस्टर शिएले और हीराम शोरे के साथ पहली रोटरी बैठक की थी।
- उद्देश्य: इस बैठक का उद्देश्य पेशेवरों को एक साथ लाना और समुदाय के बीच भाईचारा तथा सेवा भाव को बढ़ावा देना था।
- नामकरण: इस क्लब का नाम ‘रोटरी’ इसलिए पड़ा क्योंकि सदस्य बारी-बारी से (rotate) एक-दूसरे के कार्यालयों में मिलते थे।
- विकास: 1922 तक, इस संस्था ने ‘रोटरी इंटरनेशनल’ का नाम अपनाया और वैश्विक स्तर पर मानवीय कार्यों के लिए समर्पित हो गई।
- दिवस की शुरुआत: रोटरी के इस योगदान को याद करने के लिए 1983 से, हर साल 23 फरवरी को ‘विश्व समझ और शांति दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा।
शांति स्थापना में प्रमुख स्तंभ एवं उपलब्धि:
- संघर्ष समाधान (Conflict Resolution): रोटरी दुनिया भर में शांति अध्ययनों के लिए ‘रोटरी शांति फेलोशिप’ (Rotary Peace Fellowships) प्रदान करता है, जिससे भविष्य के मध्यस्थ और नीति निर्माता तैयार होते हैं।
- मानवीय सेवा के माध्यम से शांति: शांति का मार्ग सामाजिक विकास से होकर जाता है। इसके तहत छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है:
- बीमारी की रोकथाम (जैसे: वैश्विक पोलियो उन्मूलन में रोटरी की ऐतिहासिक भूमिका)।
- स्वच्छ जल और स्वच्छता (संसाधनों के लिए होने वाले संघर्षों को कम करना)।
- साक्षरता और बुनियादी शिक्षा।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य।
- नैतिक नेतृत्व: यह दिवस व्यापार और प्रशासन में उच्च नैतिक मानकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देता है, जो भ्रष्टाचार मुक्त और शांतिपूर्ण समाज की नींव है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: यह देशों के बीच कूटनीतिक संवाद, करुणा, सहिष्णुता और आपसी समझ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
- मानवीय सेवा: रोटरी इंटरनेशनल 1.4 मिलियन से अधिक सदस्यों के साथ 200 से अधिक देशों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है।
- पोलीओ उन्मूलन (PolioPlus): 1985 से, रोटरी इंटरनेशनल ने पोलियो के खिलाफ एक ऐतिहासिक अभियान शुरू किया, जिससे दुनिया में पोलियो के मामले 99.9% तक कम हो गए हैं।
भारत में रोटरी और शांति प्रयासों का इतिहास:
- शुरुआत: भारत में रोटरी की शुरुआत 1919 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) से हुई थी। आज भारत रोटरी इंटरनेशनल के सबसे सक्रिय सदस्य देशों में से एक है।
- पोलियो उन्मूलन: भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर रोटरी ने ‘पल्स पोलियो’ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत को 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक ‘समझ’ और सहयोग से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
- योग और अध्यात्म: भारतीय दर्शन में ‘शांति’ केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक भी है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से भारत दुनिया को मानसिक शांति और समझ का मार्ग दिखाता है।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: रोटरी के ‘यूथ एक्सचेंज’ कार्यक्रमों के तहत भारतीय छात्र विदेशों में और विदेशी छात्र भारत में रहकर सांस्कृतिक दूरियों को कम करते हैं।
- G20: भारत ने अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान “One Earth, One Family, One Future” का नारा दिया, जो विश्व शांति और समझ दिवस के मूल सिद्धांतों से मेल खाता है।
- शांति: भारत संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UN Peacekeeping Forces) में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है।

