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वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 (World Obesity Atlas 2026) | UPSC Preparation

World Obesity Atlas 2026

World Obesity Atlas 2026

 

संदर्भ:

विश्व मोटापा संघ (World Obesity Federation) द्वारा 4 मार्च 2026 (विश्व मोटापा दिवस) को वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 जारी किया गया। इसके अनुसार, इतिहास में पहली बार वैश्विक स्तर पर मोटापे से ग्रस्त बच्चों की संख्या, कम वजन (underweight) वाले बच्चों से अधिक हो गई है।

वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 के मुख्य बिंदु:

  • प्रसार: वैश्विक स्तर पर 5-19 वर्ष की आयु के 20.7% (5 में से 1) बच्चे और किशोर अधिक वजन या मोटापे के साथ जी रहे हैं, जो 2010 में 14.6% था।
  • भविष्यवाणी: वर्ष 2040 तक दुनिया भर में लगभग 50.7 करोड़ बच्चे अधिक वजन या मोटापे से प्रभावित होंगे।
  • आर्थिक प्रभाव: मोटापे का वैश्विक जीडीपी (GDP) पर प्रभाव 2060 तक 3.29% तक बढ़ने का अनुमान है। वर्तमान में यह प्रभाव कई निम्न और मध्यम आय वाले देशों में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। 
  • भारत की स्थिति: भारत इस संकट के केंद्र में है और चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। 
  • वर्तमान डेटा (2025): भारत में 5-19 वर्ष के 4.13 करोड़ बच्चे अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं। इसमें 5-9 वर्ष की आयु के बच्चे: 1.49 करोड़ और 10-19 वर्ष की आयु के किशोर: 2.64 करोड़।
  • प्रक्षेपण (2040): 2040 तक भारत में यह संख्या बढ़कर 5.6 करोड़ होने का अनुमान है, जिसमें से 2 करोड़ पूरी तरह मोटापे (Obese) की श्रेणी में होंगे।
  • स्वास्थ्य जोखिम: उच्च BMI के कारण 2040 तक बच्चों में उच्च रक्तचाप (42.1 लाख मामले), हाइपरग्लेसेमिया (19.1 लाख) और फैटी लीवर (MASLD – 1.18 करोड़) जैसी बीमारियों में भारी वृद्धि की आशंका है। 
  • मोटापे के प्रमुख कारण: एटलस ने भारत में इस वृद्धि के लिए कई निवारक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:
  • शारीरिक गतिविधि की कमी: 11-17 वर्ष के 74% किशोर अनुशंसित शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं।
  • आहार में बदलाव: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों (UPFs) और मीठे पेय पदार्थों का बढ़ता सेवन।
  • नीतिगत अंतराल: केवल 35.5% स्कूली बच्चों को ही विनियमित स्कूल भोजन प्राप्त होता है।
  • स्तनपान: 32.6% शिशुओं को इष्टतम स्तनपान (sub-optimal breastfeeding) नहीं मिल पाता, जो बाद में चयापचय को प्रभावित करता है।

नीतिगत सुझाव:

  • राजकोषीय उपाय: चीनी युक्त पेय पदार्थों (SSBs) और जंक फूड पर कर (Sugar Tax) लगाना।
  • विपणन प्रतिबंध: बच्चों के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थों के विज्ञापन, विशेषकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर, सीमित करना।
  • सरकारी पहल: Fit India Movement, POSHAN Abhiyaan और ‘Eat Right India’ जैसे कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करना।

विश्व मोटापा संघ (World Obesity Federation – WOF) 

परिचय: यह एकमात्र वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था है, जो मोटापे की रोकथाम और उपचार के लिए समर्पित है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ आधिकारिक संबंधों वाला एक प्रमुख रणनीतिक भागीदार है।

  • उद्देश्य: इसका लक्ष्य साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और नीतिगत वकालत के माध्यम से वैश्विक मोटापे के संकट को कम करना है।
  • विश्व मोटापा दिवस: WOF प्रतिवर्ष 4 मार्च को विश्व मोटापा दिवस का आयोजन करता है। वर्ष 2026 की थीम “8 Billion Reasons to Act” पर केंद्रित है, जो वैश्विक आबादी और स्वास्थ्य के अंतर्संबंध को दर्शाती है।
  • वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस: यह प्रतिवर्ष ‘ग्लोबल एटलस’ जारी करता है, जिसमें मोटापे के प्रसार और आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण किया जाता है। 
  • वैश्विक नेटवर्क: यह 50 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों और चिकित्सा पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करता है।

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