Global Liveability Index
संदर्भ:
इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) ने ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो दुनिया भर के प्रमुख शहरों में जीवन की गुणवत्ता का आकलन करता है। इस रिपोर्ट में स्थिरता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर शहरों की रहने लायक स्थिति का मूल्यांकन किया गया है।
Global Liveability Index 2024: प्रमुख तथ्य और भारत की स्थिति
- सूचकांक का परिचय:
- प्रणाली (Methodology):
- कुल 173 शहरों का मूल्यांकन किया गया।
- 30 संकेतकों के आधार पर आंकलन, जो पाँच प्रमुख श्रेणियों में विभाजित हैं: स्थिरता, स्वास्थ्य सेवा, संस्कृति एवं पर्यावरण, शिक्षा, बुनियादी ढांचा
- स्कोरिंग पैमाना: 1 से 100 तक, जहाँ 100 का अर्थ आदर्श जीवनयोग्यता और 1 का अर्थ असहनीय होता है।
- शीर्ष जीवनयोग्य शहर (Most Liveable Cities):
- कोपेनहेगन (डेनमार्क):
- स्कोर: 98/100
- स्थिरता, शिक्षा, और बुनियादी ढांचे में पूर्ण अंक प्राप्त कर विएना की तीन वर्षों की शीर्ष स्थिति समाप्त की।
- ज्यूरिख (स्विट्ज़रलैंड): स्कोर: 97.1/100
- विएना (ऑस्ट्रिया): स्कोर: 97.1/100 (ज्यूरिख के साथ संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान)
- न्यूनतम जीवनयोग्यता वाले शहर (Least Liveable Cities):
- 1. दमिश्क (सीरिया): 30.7/100
- 2. त्रिपोली (लीबिया): 40.1/100
- 3. ढाका (बांग्लादेश): 41.7/100
- भारत का प्रदर्शन:
- दिल्ली और मुंबई दोनों का स्कोर: 60.2/100
- रैंक: संयुक्त रूप से 141वाँ स्थान
निष्कर्ष:
Global Liveability Index भारत के शहरी क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है, जबकि यूरोपीय शहर गुणवत्ता जीवन के वैश्विक मानक को परिभाषित कर रहे हैं।