India Crosses 1-Crore Teacher Mark Dropouts Decline
संदर्भ:
UDISE रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार देश में पहली बार किसी शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की संख्या 1 करोड़ से अधिक हो गई है। यह आंकड़ा अब 1.01 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के 98 लाख से कहीं ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष:
- पुरुषों से अधिक महिला शिक्षक: रिपोर्ट के अनुसार, देश में अब महिला शिक्षकों की संख्या पुरुष शिक्षकों से अधिक हो गई है। 2014 से अब तक नियुक्त हुए 51.36 लाख शिक्षकों में 61% महिलाएँ रही हैं। वर्तमान में महिला शिक्षकों की संख्या 54.81 लाख है, जबकि पुरुष शिक्षकों की संख्या 46.41 लाख है।
- छात्र–शिक्षक अनुपात में सुधार: विभिन्न शैक्षिक स्तरों पर छात्र-शिक्षक अनुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यह अनुपात राष्ट्रीय शिक्षा नीति द्वारा सुझाए गए 1:30 मानक से भी बेहतर है। इससे शिक्षकों और छात्रों के बीच व्यक्तिगत ध्यान और संवाद की गुणवत्ता बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप बेहतर शिक्षण अनुभव और उच्च शैक्षणिक परिणाम सामने आए हैं।
- ड्रॉपआउट दर में गिरावट: 2024-25 में स्कूल छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।
- प्राथमिक स्तर: 7% से घटकर 2.3%
- मध्य स्तर: 2% से घटकर 3.5%
- माध्यमिक स्तर: 9% से घटकर 8.2%
साथ ही, पढ़ाई जारी रखने (Retention Rate) की दर में भी वृद्धि हुई है।
- आधारभूत स्तर: 0% से बढ़कर 98.9%
- प्राथमिक स्तर: 4% से बढ़कर 92.4%
- माध्यमिक स्तर: 0% से बढ़कर 82.8%
- छात्रों की रिटेंशन दर में सुधार: 2024-25 में छात्रों के स्कूल में बने रहने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषकर माध्यमिक स्तर पर यह सुधार अधिक स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा की उपलब्धता और बेहतर पहुँच के कारण संभव हुआ है। यह शिक्षा प्रणाली में प्रगति और लक्षित पहलों के सकारात्मक प्रभाव का स्पष्ट संकेत है।
- शून्य नामांकन और एकल–शिक्षक स्कूलों में कमी: समीक्षाधीन वर्ष के दौरान शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या में लगभग 38% की भारी कमी आई है। वहीं, एकल-शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में भी करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई है। यह परिवर्तन सरकारी नीतियों और पहलों की सफलता को दर्शाता है।
- विद्यालयी बुनियादी ढांचे में सुधार: कंप्यूटर सुविधा वाले विद्यालयों की संख्या 57.2% (2023-24) से बढ़कर 64.7% (2024-25) हो गई है।
- बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल पहुंच में सुधार:
- देशभर के स्कूलों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
- 3% स्कूलों में पीने का पानी उपलब्ध है।
- 6% स्कूलों में बिजली की सुविधा है।
- 3% स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं।
- डिजिटल पहुंच में भी प्रगति हुई है, इंटरनेट कनेक्टिविटी पिछले वर्ष के 9% से बढ़कर इस वर्ष 63.5% हो गई है।
यूडीआइएसई प्लस (UDISE+) क्या है?
UDISE+ (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस) भारत की केंद्रीकृत शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली है, जिसे शिक्षा मंत्रालय संचालित करता है। यह सभी स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के वास्तविक समय डेटा को एकत्र करता है।
मुख्य कार्य:
- डेटा संग्रह: स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के बारे में जानकारी एकत्र करता है, जैसे स्कूल का स्थान, शिक्षक और छात्र संख्या, नामांकन, बुनियादी ढांचा और शिक्षा से संबंधित अन्य विवरण।
- गुणवत्ता सुधार: शैक्षिक डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाता है।
- नीति निर्माण: आंकड़ों के आधार पर सरकार को साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने और संसाधनों का प्रभावी आवंटन करने में मदद करता है।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, स्वचालित डेटा सत्यापन और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस जैसी तकनीकों का उपयोग करता है।