Namaste Scheme

संदर्भ:
हाल ही में उत्तर प्रदेश में NAMASTE (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से “शून्य मृत्यु दर” के लक्ष्य को प्राप्त करने और स्वच्छता कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
नमस्ते (NAMASTE) योजना के बारे मे:
- परिचय: नमस्ते (NAMASTE) योजना, जिसका पूर्ण रूप National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem है, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है।
- मंत्रालय: यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की एक संयुक्त पहल है।
- प्रतिस्थापन: इसने पूर्ववर्ती ‘हाथ से मैला ढोने वालों के पुनर्वास हेतु स्वरोजगार योजना’ (SRMS) का स्थान लिया है।
- विस्तार (2024-2026): जून 2024 से, इस योजना में कूड़ा बीनने वालों (Waste Pickers) को भी एक लक्षित समूह के रूप में जोड़ा गया है।
- व्याप्ति: यह योजना देश के सभी 4800+ शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में 2025-26 तक लागू की जानी है।
- ERSU सुदृढ़ीकरण: खतरनाक सफाई कार्यों के लिए ‘आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों’ (ERSUs) को सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
मुख्य उद्देश्य:
- शून्य मृत्यु दर (Zero Fatality): आधुनिक मशीनों और रोबोटिक तकनीक के उपयोग से सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को पूरी तरह समाप्त करना।
- मानवीय गरिमा: अस्वच्छ प्रथाओं को खत्म कर कार्यकर्ताओं का मानव मल से सीधा संपर्क रोकना, जिससे अनुच्छेद 21 के तहत उनके सम्मानजनक जीवन के अधिकार की रक्षा होती है।
- आर्थिक सशक्तिकरण: कौशल प्रशिक्षण और रियायती ऋण के माध्यम से श्रमिकों को ‘स्वच्छता उद्यमी’ बनाकर उनकी आय और सामाजिक स्तर को सुधारना।
- व्यापक सुरक्षा चक्र: आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और व्यावसायिक सुरक्षा गियर (PPE Kits) सुनिश्चित करना।
लाभ:
- डिजिटल प्रोफाइलिंग: फरवरी 2026 तक, देशभर में लगभग 89,114 सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों (SSWs) और 1.52 लाख कूड़ा बीनने वालों का सत्यापन किया जा चुका है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: प्रमाणित श्रमिकों को आयुष्मान भारत (PM-JAY) के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
- वित्तीय सहायता: स्वच्छता उपकरणों की खरीद के लिए ₹5 लाख तक के प्रोजेक्ट पर 50% पूंजीगत सब्सिडी और रियायती ऋण दिया जाता है।
- वैकल्पिक आजीविका: पीलीभीत (यूपी) में आयोजित 2026 के जागरूकता कार्यक्रम में, कौशल प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं ताकि वे वैकल्पिक आजीविका अपना सकें।
