39वां अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन
संदर्भ:
हाल ही इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में 39वां अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन (39th African Union Summit) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन वैश्विक राजनीति, International Relations, और Global South Cooperation के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसमें पूरे महाद्वीप के विकास और सुरक्षा पर गहन चर्चा की गई।
39वें African Union शिखर सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
- स्थान: अफ्रीकी संघ मुख्यालय, अदीस अबाबा, इथियोपिया (मंडेला कॉन्फ्रेंस हॉल)।
- मुख्य विषय (Theme): “एजेंडा 2063 के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सुरक्षित जल और स्वच्छता प्रणालियों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना”।
- प्रमुख प्रतिभागी: अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, अफ्रीकी विकास बैंक के अध्यक्ष डॉ. सिदी ओल्ड ताह और 49 सदस्य देशों के शीर्ष नेता।
- मुख्य फोकस क्षेत्र:
- जल और स्वच्छता (WASH) पूरे अफ्रीका महाद्वीप में मानव सुरक्षा और सतत विकास चालक के रूप में पानी की उपलब्धता बढ़ाना।
- सुरक्षा परिदृश्य साहेल (Sahel) क्षेत्र में उग्रवाद, तख्तापलट और लोकतांत्रिक अस्थिरता से निपटना।
- आर्थिक एकीकरण अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) को पूरी तरह से व्यावसायिक वास्तविकता में बदलना।
- वैश्विक मंचों पर प्रतिनिधित्व UN Security Council (UNSC) में अफ्रीका के लिए दो स्थायी सीटों की मांग तेज करना।
- निष्कर्ष: शिखर सम्मेलन के अंत में 39 निर्णय, 18 घोषणाएँ और 2 संकल्प पारित किए गए। नेताओं ने महाद्वीप में “बंदूकों को शांत करने” (Silencing the Guns) और असंवैधानिक रूप से सरकार बदलने के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर प्रतिबद्धता दोहराई।
अफ्रीकी संघ (African Union – AU) क्या है?
- परिचय: यह अफ्रीका महाद्वीप के देशों का एक संघ है। यह क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation Africa) और महाद्वीपीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला सबसे बड़ा मंच है।
- ओएयू (OAU): इसकी नींव 25 मई 1963 को ‘ऑर्गनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी’ (OAU) के रूप में रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य उपनिवेशवाद को समाप्त करना था।
- एयू (AU) की स्थापना: 1999 में लीबिया के सिरते में हुई घोषणा के बाद, 9 जुलाई 2002 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आधिकारिक तौर पर ‘अफ्रीकी संघ’ (AU) को लॉन्च किया गया।
- सदस्य देश: वर्तमान में इसमें 55 अफ्रीकी देश शामिल हैं।
- मुख्यालय: अदीस अबाबा, इथियोपिया।
- सर्वोच्च निकाय: ‘एयू असेंबली’ (AU Assembly), जिसमें राज्यों के प्रमुख शामिल होते हैं और नीतियां तय करते हैं।
- एजेंडा 2063: यह अफ्रीका को भविष्य की वैश्विक महाशक्ति बनाने के लिए तैयार किया गया 50 साल का रणनीतिक खाका है।
महत्व:
- वैश्विक मंच पर गूंज: एयू की G20 में स्थायी सदस्यता मिलने के बाद यह पहला बड़ा सम्मेलन था, जिसने वैश्विक शासन सुधारों में अफ्रीका के बढ़ते कद को दर्शाया।
- अफ्रीकी कूटनीति (African Diplomacy): जलवायु परिवर्तन, ऐतिहासिक न्याय (Reparations) और विकास ऋण संकट पर ग्लोबल साउथ की आवाज़ को इस मंच ने मजबूती दी।
- भारत-अफ्रीका संबंध: भारत और अफ्रीका के संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। एयू शिखर सम्मेलन के निर्णयों का सीधा असर दोनों देशों की कूटनीति पर पड़ता है:
- चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-4) नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा।
- भारत, अफ्रीका के AfCFTA और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) निर्माण में तकनीकी और आर्थिक सहयोग बढ़ा रहा है।
FAQs:
Q1. 39वां अफ्रीकी संघ शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित हुआ?
Ans. यह शिखर सम्मेलन इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में स्थित अफ्रीकी संघ (AU) के मुख्यालय में आयोजित किया गया था।
Q2. सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे क्या थे?
Ans. इस सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में पूरे महाद्वीप में सुरक्षित जल और स्वच्छता प्रणालियों (WASH) की उपलब्धता सुनिश्चित करना, साहेल क्षेत्र में सुरक्षा और तख्तापलट की चुनौतियाँ, अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र (AfCFTA) को लागू करना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफ्रीका के स्थायी प्रतिनिधित्व की मांग शामिल थे।
Q3. अफ्रीकी संघ (AU) के कितने सदस्य देश हैं?
Ans. अफ्रीकी संघ में कुल 55 सदस्य देश शामिल हैं, जो पूरे अफ्रीका महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Q4. सम्मेलन का वैश्विक महत्व क्या है?
Ans. अफ्रीकी संघ को G20 की स्थायी सदस्यता मिलने के बाद यह एक बड़ा वैश्विक मंच बनकर उभरा है। यह सम्मेलन कूटनीति (African Diplomacy), वैश्विक ऋण संकट, जलवायु न्याय और Global South Cooperation की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
Q5. भारत और अफ्रीका के संबंधों पर इसका क्या प्रभाव है?
Ans. इस सम्मेलन के निर्णयों से भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। भारत द्वारा अफ्रीका के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-4) के लिए भी यह एक मजबूत आधार तैयार करता है।र्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
