DRDO successfully flight tests VSHORADS Defence System
संदर्भ:
VSHORADS (Very Short-Range Air Defence System) के बारे में:
- परिचय: VSHORADS एक स्वदेशी रूप से विकसित ‘मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम’ (MANPADS) है। यह चौथी पीढ़ी की मिसाइल प्रणाली है, जिसे कम दूरी और कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों (जैसे विमान, हेलीकॉप्टर और यूएवी) को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विकास: इस मिसाइल का विकास अनुसंधान केंद्र इमारत (RCI), हैदराबाद द्वारा DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से किया गया है।
उद्देश्य:
- हवाई खतरों से सुरक्षा: सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मन के कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को तुरंत बेअसर करना।
- पहाड़ी युद्ध कौशल: एलएसी (LAC) और एलओसी (LOC) जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जहाँ भारी मिसाइल सिस्टम नहीं ले जाए जा सकते, वहाँ सैनिकों को त्वरित रक्षा कवच प्रदान करना।
- आयात पर निर्भरता कम करना: भारत वर्तमान में रूस की ‘इगला’ जैसी प्रणालियों पर निर्भर है। VSHORADS के आने से [आत्मनिर्भर भारत](www.india.gov.in अभियान) अभियान को मजबूती मिलेगी।
मुख्य विशेषताएं:
- प्रणोदन प्रणाली (Propulsion): इसमें डुअल-थ्रस्ट सॉलिड मोटर का उपयोग किया गया है, जो लॉन्च के तुरंत बाद मिसाइल को अत्यधिक गति प्रदान करती है।
- रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS): मिसाइल में ‘मिनीअचराइज्ड RCS’ तकनीक है, जो हवा में लक्ष्य के हिलने-डुलने पर भी मिसाइल की दिशा को सटीक बनाए रखती है।
- रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 6 से 8 किलोमीटर तक है और यह 3.5 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य को भेद सकता है।
- डिजाइन: इस मिसाइल और इसके लॉन्चर के डिजाइन को इस तरह से ‘ऑप्टिमाइज’ किया गया है कि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सके।
- सटीकता: इसमें अत्याधुनिक इन्फ्रारेड होमिंग सीकर और ऑप्टिकल प्रॉक्सिमिटी फ्यूज लगे हैं, जो लक्ष्य को ट्रैक करके उसे पूरी तरह नष्ट कर देते हैं।
- स्वदेशी तकनीक: इसके इंजन से लेकर नियंत्रण प्रणाली तक सब कुछ भारत में निर्मित है।

