SEBI mandatory to display registered name and registration number on social media
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वित्तीय सलाह और धोखाधड़ी को रोकने के लिए नया सर्कुलर जारी किया। जिसके तहत, सेबी ने सभी विनियमित संस्थाओं और उनके एजेंटों के लिए सोशल मीडिया पर अपना पंजीकृत नाम और पंजीकरण संख्या प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है।
मुख्य प्रावधान:
- अनिवार्य प्रकटीकरण: सभी सेबी-पंजीकृत संस्थाओं (जैसे स्टॉक ब्रोकर्स, म्यूचुअल फंड्स, निवेश सलाहकार, रिसर्च एनालिस्ट) और उनके एजेंटों को अपने सोशल मीडिया हैंडल के होम पेज पर अपना नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट रूप से दिखाना होगा।
- कंटेंट की शुरुआत में प्रकटीकरण: केवल प्रोफाइल ही नहीं, बल्कि प्रतिभूति बाजार (Securities Market) से संबंधित प्रत्येक वीडियो या पोस्ट की शुरुआत में भी इन विवरणों को देना अनिवार्य होगा।
- एजेंटों के लिए नियम: म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर या पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) एजेंटों को अपनी मूल संस्था (Principal Entity) के साथ-साथ अपनी स्वयं की पंजीकरण आईडी भी साझा करनी होगी।
- बहु-पंजीकरण (Multiple Registrations): यदि किसी इकाई के पास एक से अधिक सेबी पंजीकरण हैं, तो उन्हें अपने प्रोफाइल पर एक वेबलिंक देना होगा जो उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सभी पंजीकरणों की सूची की ओर ले जाए।
- ‘सुदर्शन’ (Sudarshan) AI टूल: निगरानी को मजबूत करने के लिए सेबी ने ‘सुदर्शन’ नामक एक इन-हाउस AI टूल विकसित किया है। यह टूल रियल-टाइम में सोशल मीडिया पर ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट कंटेंट को स्कैन करता है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा सके। हाल ही में सेबी ने इसी की मदद से 1.2 लाख से अधिक भ्रामक पोस्ट हटवाए हैं।
- प्रभावी तिथि: ये नए नियम 1 मई, 2026 से लागू होंगे। इसके बाद अपलोड किए गए सभी कंटेंट पर यह नियम लागू होगा।
महत्व:
- निवेशक सुरक्षा (Investor Protection): डिजिटल युग में, आम निवेशक अक्सर अपंजीकृत प्रभावशाली व्यक्तियों की ‘रातों-रात अमीर बनने’ की सलाह के झांसे में आ जाते हैं। सेबी का यह निर्देश निवेशकों को विनियमित (Regulated) और गैर-विनियमित (Unregulated) कंटेंट के बीच अंतर करने में सक्षम बनाएगा।
- पारदर्शिता और जवाबदेही (Transparency & Accountability): सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे YouTube, Instagram, Telegram, और WhatsApp पर गुमनाम रहकर भ्रामक जानकारी फैलाना अब कठिन होगा। पंजीकरण संख्या के अनिवार्य होने से जवाबदेही सीधे तौर पर संबंधित संस्था पर होगी।
- फिनफ्लुएंसर्स पर नकेल: सेबी ने पहले ही विनियमित संस्थाओं को उन ‘फिनफ्लुएंसर्स’ के साथ जुड़ने से प्रतिबंधित कर दिया है जो पंजीकृत नहीं हैं। इसके अलावा, अब बिना लाइसेंस के सलाह देने वालों पर करोड़ों का जुर्माना (जैसे बाप ऑफ चार्ट और पीआर सुंदर केस) भी लगाया जा रहा है।
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SEBI द्वारा उठाए गए अन्य कदम:
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