Legacy Thrust Territories
संदर्भ:
हाल ही में गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत में वामपंथी उग्रवाद (LWE) या नक्सलवाद के खिलाफ अपनी रणनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए ‘लिगेसी थ्रस्ट टेरिटरीज’ (Legacy Thrust Territories) की अवधारणा पेश की।
लिगेसी थ्रस्ट टेरिटरीज (LTT) क्या हैं?
- परिचय: LTT वे पूर्व में नक्सल-प्रभावित जिले हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा बलों की निरंतर उपस्थिति और केंद्रित विकासात्मक हस्तक्षेप के लिए चुना गया है, भले ही वहां हिंसा में भारी गिरावट आई हो।
- उद्देश्य: मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नक्सलवाद के खिलाफ हासिल की गई जीत (Peace Dividends) अपरिवर्तित न हो जाए और इन क्षेत्रों में माओवादी पुन: अपनी पैठ न बना सकें।
- क्षेत्र: 2000 के दशक की शुरुआत में लगभग 200 जिले प्रभावित थे, जो 2025 तक घटकर 38 रह गए। वर्तमान में, केवल 7 जिले (5 छत्तीसगढ़, 1 झारखंड, 1 ओडिशा) सबसे अधिक प्रभावित हैं। इनके आस-पास के 31 जिलों को LTT के रूप में चिन्हित किया गया है।
इस कदम के पीछे का कारण:
- सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: 2010 के बाद से वामपंथी उग्रवाद से संबंधित घटनाओं और मौतों में चार-पांचवें हिस्से की गिरावट आई है।
- समाधान की आवश्यकता: केंद्र सरकार अब सुरक्षा-आधारित अभियानों से शासन-आधारित विकास की ओर एक सहज संक्रमण (Transition) सुनिश्चित करना चाहती है।
- संघीय संतुलन: सुरक्षा बल तुरंत वापस नहीं बुलाए जाएंगे, क्योंकि केंद्र सरकार सुरक्षा मामलों में राज्यों पर पूरी तरह से निर्भर न रहकर स्वयं निगरानी करना चाहती है।
प्रमुख रणनीति:
- 31 जिलों की पहचान: छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गढ़चिरौली), मध्य प्रदेश (बालाघाट) और तेलंगाना (भद्राद्री कोठागुडेम) के 31 जिलों को LTT के तहत लाया गया है।
- आधारभूत संरचना का विकास: इन क्षेत्रों में 15,000 किमी से अधिक सड़कों और 9,000 मोबाइल टावरों का निर्माण किया गया है।
- सामाजिक-आर्थिक विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के धन का उपयोग किया जाएगा।
- शहरी नेटवर्क पर नज़र: ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा, शहरी क्षेत्रों में नक्सली नेटवर्क पर विशेष नज़र रखी जाएगी।
- प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: इन क्षेत्रों में नौकरशाही को अधिक जवाबदेह और सक्रिय बनाया जाएगा।
- समर्पण और पुनर्वास: शेष बचे हार्डकोर कैडरों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

