Republic of malawi
संदर्भ:
हाल ही में भारत ने दक्षिण-पूर्व अफ्रीकी देश मलावी में अल नीनो (El Niño) के कारण उत्पन्न भीषण सूखे और खाद्य संकट से निपटने के लिए 1,000 मीट्रिक टन चावल मानवीय सहायता के रूप में भेजा है।
- सितंबर 2024 में भी भारत ने खाद्य सुरक्षा के लिए 1000 MT चावल और अन्य अफ्रीकी देशों (जाम्बिया, जिम्बाब्वे) को अनाज भेजा था।
मलावी के बारे में:
- स्थिति: मलावी (The Republic of Malawi) दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका में स्थित एक स्थलरुद्ध (landlocked) देश है, जिसे अपनी मित्रवत संस्कृति के कारण “The Warm Heart of Africa” कहा जाता है।
- भौगोलिक स्थिति: यह उत्तर में तंजानिया, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम में मोजाम्बिक और उत्तर-पश्चिम में जाम्बिया से घिरा है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1,18,484 वर्ग किमी है।
- राजनीतिक प्रणाली: मलावी एक बहुदलीय लोकतांत्रिक गणराज्य है। पीटर मुथारिका देश के राष्ट्रपति हैं।
- जनसांख्यिकी: 2026 के अनुमानों के अनुसार, जनसंख्या 1.8 करोड़ से अधिक है, जिसमें 43% आबादी 15 वर्ष से कम आयु की है।
- अर्थव्यवस्था: यह दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है, जिसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि (GDP का एक बड़ा हिस्सा) पर निर्भर है।
- प्रमुख फसलें: तंबाकू (सबसे बड़ा निर्यात), चाय, गन्ना, मक्का और फलियां मुख्य कृषि उत्पाद हैं।
- मुद्रा: मलावी की आधिकारिक मुद्रा ‘क्वाचा’ (Kwacha) है, जो वर्तमान में उच्च मुद्रास्फीति और अवमूल्यन का सामना कर रही है।
- धर्म: यहाँ की 77% से 80% आबादी ईसाई है, जबकि लगभग 13-15% मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं (विशेषकर याओ जनजाति)।
- भाषा: आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, जबकि चिचेवा (Chichewa) सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली स्वदेशी भाषा है।
- पर्यटन: ‘लिवोंडे नेशनल पार्क’ यहाँ का प्रमुख आकर्षण है जहाँ ‘बिग फाइव’ (हाथी, शेर, तेंदुआ, भैंस और राइनो) पाए जाते हैं।
भारत-मलावी द्विपक्षीय संबंध:
- भारत और मलावी के बीच 60 वर्षों से राजनयिक संबंध हैं। दोनों के बीच संबंध ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण हैं, जो 1964 में मलावी की स्वतंत्रता के साथ ही शुरू हो गए थे। वर्तमान में यह संबंध “दक्षिण-दक्षिण सहयोग” और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना पर आधारित एक बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं।
- व्यापार मात्रा: वित्तीय वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 170.64 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष (145.67 मिलियन डॉलर) की तुलना में बढ़ा है। भारत के पक्ष में 18.48 मिलियन डॉलर का व्यापार संतुलन रहा। भारत, मलावी का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
- प्रमुख निर्यात (भारत से): दवाएं (Pharmaceuticals), कपड़ा, परिवहन उपकरण, मशीनरी और बिजली के उपकरण।
- प्रमुख आयात (मलावी से): दालें (Pulses), चने और अन्य कृषि उत्पाद।
- निवेश: भारत मलावी में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है, जिसका कुल निवेश 500 मिलियन डॉलर से अधिक है।
- लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC): 2009 से अब तक भारत ने मलावी को लगभग 395.68 मिलियन डॉलर की ऋण सहायता (LoC) प्रदान की है, जिसका उपयोग बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और जल संसाधनों के लिए किया गया है।
- क्षमता निर्माण: ITEC (भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम के तहत मलावी के नागरिकों को भारत में प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति दी जाती है।
- उच्च स्तरीय यात्राएं: अक्टूबर 2024 में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मलावी की ऐतिहासिक यात्रा की, जो किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा थी।
- साझा मंच: दोनों देश UN सुरक्षा परिषद सुधार, सौर ऊर्जा (International Solar Alliance), और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे (CDRI) जैसे वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करते हैं।
- भारतीय प्रवासी: मलावी में लगभग 8,500 भारतीय मूल के लोग (PIO) रहते हैं, जो मुख्य रूप से गुजरात से हैं और वहां की अर्थव्यवस्था (विशेषकर खुदरा व्यापार और विनिर्माण) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

