AI-powered G-Spider robot

संदर्भ:
हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम द्वारा केरल के अमायिज़नचन नहर की सफाई के लिए G-SPIDER (जी-स्पाइडर) नामक एक अत्याधुनिक AI-संचालित रोबोटिक सिस्टम तैनात किया गया है। यह भारत में शहरी स्वच्छता (Urban Sanitation) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है।
G-SPIDER (जी-स्पाइडर) के बारे में:
- परिचय: जी-स्पाइडर एक एआई-सक्षम रोबोटिक नहर-सफाई प्रणाली है, जिसे नहरों, नालियों और बंद स्वच्छता स्थानों से मानव प्रवेश के बिना, अपशिष्ट को हटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विकासकर्ता: इसका निर्माण केरल स्थित स्टार्टअप Genrobotic Innovations द्वारा किया गया है, जिन्होंने प्रसिद्ध ‘बैंडिकूट’ (Bandicoot) रोबोट भी बनाया था।
- मिशन: यह पहल स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 (SBM-U 2.0) के अंतर्गत ‘मैनुअल स्केवेंजिंग’ (हाथ से मैला ढोने) की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य से शुरू की गई है।
मुख्य विशेषताएं:
- CDPR आर्किटेक्चर: यह केबल-ड्रिवन पैरेलल रोबोटिक्स (Cable-Driven Parallel Robotics) पर आधारित है, जो इसे संकरी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाली नहरों में सटीकता से काम करने में सक्षम बनाता है।
- AI और सेंसर इंटेलिजेंस: रोबोट में AI-सक्षम विजन और उन्नत सेंसर लगे हैं जो वास्तविक समय में कचरे के प्रकार (जैसे प्लास्टिक, कीचड़, नुकीली वस्तुएं) की पहचान करते हैं।
- 5-DOF मैकेनिज्म: इसमें पांच डिग्री ऑफ फ्रीडम (5-Degrees of Freedom) वाला रोबोटिक हाथ है, जिसमें बायोमिमेटिक क्लॉ (Biomimetic Claw) लगा है, जो अनियमित आकार के मलबे को आसानी से पकड़ सकता है।
- स्वचालित परिचालन: यह कचरे को निकालने से लेकर सीधे संग्रह वाहनों (Collection Vehicles) में डालने तक की पूरी प्रक्रिया को बिना मानवीय हस्तक्षेप के पूरा करता है।
स्वच्छता क्षेत्र में तैनात अन्य प्रमुख AI और रोबोटिक पहल:
- Bandicoot (बैंडिकूट): Genrobotics द्वारा विकसित यह दुनिया का पहला रोबोटिक स्कैवेंजर है। यह AI और कंप्यूटर विजन का उपयोग कर मैनहोल की सफाई करता है और जहरीली गैसों का पता लगाता है।
- Homosep Atom (होमोसेप एटम): IIT मद्रास के स्टार्टअप Solinas Integrity द्वारा विकसित भारत का पहला सेप्टिक टैंक सफाई रोबोट है। यह वर्तमान में 16 से अधिक शहरों में तैनात है।
- Endobot (एंडोबोट): यह एक AI-आधारित ‘एंडोस्कोपी’ रोबोट है जो पाइपलाइनों के भीतर लीकेज और गंदगी का सटीक पता लगाता है। यह Swasth AI प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करता है।
- AI निगरानी (वाराणसी/विशाखापत्तनम): वाराणसी में AI-सक्षम कैमरों से कचरे की निगरानी और विशाखापत्तनम में IoT-सक्षम स्मार्ट डस्टबिन का उपयोग किया जा रहा है।
- BhuPRAHARI: ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मई 2025 में लॉन्च यह पोर्टल AI और जियोस्पेशियल तकनीक से जल निकायों (अमृत सरोवर) की निगरानी करता है।
