Kharg Island
संदर्भ:
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच खार्ग आइलैंड एक प्रमुख रणनीतिक केंद्र बनकर उभरा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए इस द्वीप पर कब्जे या इसे निष्क्रिय करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है।
खार्ग आइलैंड के बारे मे:
- भौगोलिक स्थिति: खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के उत्तर में स्थित एक छोटा कोरल/महाद्वीपीय द्वीप है। यह ईरानी मुख्य भूमि (Bushehr प्रांत) से लगभग 30 किलोमीटर दूर है और होर्मुज जलडमरूमध्य से 483 किमी उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
- आर्थिक जीवनरेखा: यह ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ईरान के कुल कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% से 94% हिस्सा इसी द्वीप से होकर गुजरता है। यहाँ से होने वाला राजस्व ईरानी सरकार और IRGC के वित्तपोषण का मुख्य स्रोत है।
- तेल भंडारण क्षमता: मई 2025 में नए टैंकों (टैंक 25 और 26) के परिचालन के बाद, इसकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 2.8 से 3 करोड़ बैरल तक पहुँच गई है। यह ईरान को बाजार की अस्थिरता के दौरान 10-12 दिनों का निर्यात बफर प्रदान करता है।
- लोडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर: यहाँ दुनिया के सबसे बड़े टैंकरों (VLCCs और ULCCs) को लोड करने की क्षमता है। इसकी दो मुख्य प्रणालियाँ हैं: T-Jetty (पूर्वी हिस्सा) और Sea Island (पश्चिमी गहरा जल क्षेत्र), जहाँ एक साथ 10 बड़े जहाज खड़े हो सकते हैं।
- निर्यात क्षमता: इस टर्मिनल की सैद्धांतिक लोडिंग क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन (7 mb/d) है। हालांकि, मुख्य भूमि से आने वाली पाइपलाइनों की क्षमता लगभग 6.3 mb/d तक सीमित है।
- प्राकृतिक संसाधन: यह फारस की खाड़ी के उन दुर्लभ द्वीपों में से है जहाँ मीठे पानी के प्राकृतिक स्रोत (चूना पत्थर की परतों में संचित) मौजूद हैं। इसका सबसे ऊँचा बिंदु ‘माउंट दीदबान’ (87 मीटर) है।
- ऐतिहासिक महत्व: यहाँ अकीमेनिड काल के पुरातात्विक अवशेष, चट्टानों को काटकर बनाई गई 83 कब्रें और 7वीं शताब्दी के ईसाई मठ के अवशेष मिले हैं। 18वीं सदी में यहाँ डच ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक केंद्र भी था।
- 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान इराक ने इस द्वीप पर सैकड़ों हवाई हमले किए थे। भारी क्षति के बावजूद, ईरान ने बार-बार इसकी मरम्मत की और तेल निर्यात जारी रखा।
- वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा: यहाँ से लोड होने वाले टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते हैं, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का 20% हिस्सा निकलता है। खार्ग पर किसी भी हमले का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ता है।
