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चेन्नई इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम

चेन्नई इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम

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Image Credit: Modeshift

संदर्भ: 

हाल ही में केंद्र सरकार ने चेन्नई इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम परियोजना के लिए ₹530 करोड़ से अधिक का फंड स्वीकृत किया है, जबकि इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹645.59 करोड़ है। 

चेन्नई इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम क्या है?

  • परिचय: चेन्नई इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) चेन्नई में यातायात प्रबंधन को आधुनिक बनाने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए लागू की जा रही एक एकीकृत तकनीकी प्रणाली है।
  • सहयोग: यह परियोजना जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) से प्राप्त ऋण सहायता के माध्यम से वित्तीय पोषित है।
  • निर्माता: इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा संयुक्त उद्यम (JV) के रूप में किया जा रहा है। 
  • संचालन: इस पूरे स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Smart Traffic Management) को अगस्त 2026 के अंत तक पूरी तरह से चालू (Fully Operational) कर दिया जाएगा। 

विशेषताएं: 

  • तकनीक: इस परियोजना में तकनीक आधारित व्यवस्था में दो मुख्य उप-प्रणालियाँ शामिल हैं – ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट’ और ‘इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट’। 
  • अनुकूली ट्रैफिक सिग्नल नियंत्रण (Adaptive Traffic Signal Control – ATSC): शहर के 165 प्रमुख जंक्शनों पर यह प्रणाली लगाई जा रही है। यह वास्तविक समय के डेटा (Real-time Data) के आधार पर सड़कों पर वाहनों की संख्या को मापेगी और उसी अनुसार ग्रीन लाइट का समय स्वतः तय करेगी। 
  • यातायात घटना पहचान प्रणाली (Traffic Incident Detection System): सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं, जाम या वाहन खराब होने जैसी घटनाओं का तुरंत पता लगाने के लिए 58 महत्वपूर्ण स्थानों पर यह स्वचालित सेंसर सिस्टम लगाया जा रहा है।
  • रेड लाइट और स्पीड उल्लंघन डिटेक्शन (Violation Detection Systems): सड़क सुरक्षा (Road Safety) सुनिश्चित करने के लिए 50 जंक्शनों पर रेड-लाइट उल्लंघन पहचान प्रणाली और 10 विशिष्ट स्थानों पर स्पीड-लिमिट उल्लंघन डिटेक्शन कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो सीधे ऑटोमैटिक चालान जनरेट करेंगे। 
  • परिवर्तनीय संदेश साइनबोर्ड (Variable Message Sign – VMS): वाहन चालकों को लाइव ट्रैफिक अपडेट और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देने के लिए शहर में 13 से 17 स्थानों पर बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। 
  • एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (Integrated Command and Control Centre): चेन्नई ट्रैफिक पुलिस (Chennai Traffic) की देखरेख में एक आधुनिक कमान केंद्र स्थापित हो रहा है, जहां से पूरे शहर की ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम (Traffic Monitoring System) को लाइव नियंत्रित किया जाएगा। 
  • बसों की लाइव ट्रैकिंग (AVLS Technology): महानगर परिवहन निगम (MTC) की लगभग 3,500 बसों में ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम (AVLS) यानी जीपीएस डिवाइस फिट किए जा रहे हैं।
  • यात्री सूचना डिस्प्ले बोर्ड (Passenger Information Boards): बस स्टैंडों और टर्मिनलों पर 616 डिजिटल पैसेंजर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जो यात्रियों को बताएंगे कि अगली बस कितने मिनट में आने वाली है।
  • डिपो प्रबंधन प्रणाली (Depot Management System): बसों के सुचारू संचालन और रवानगी के लिए 32 बस डिपो को डिजिटल रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। 

कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति: 

  • इसके तहत चिन्हित 165 जंक्शनों में से अधिकांश पर सिविल और जंक्शन सुधार (Junction Improvements) के कार्य पूरे हो चुके हैं।
  • चेन्नई कॉर्पोरेशन और राज्य राजमार्ग विभाग से आवश्यक संचार नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर (Communication Infrastructure) की मंजूरियां मिल चुकी हैं और बिजली कनेक्शन का काम अंतिम चरण में है।
  • इसका एक पायलट प्रोजेक्ट जनवरी 2024 में ही 17 स्थानों पर सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है, जिसके अनुभवों के आधार पर अब पूरे चेन्नई महानगर क्षेत्र में इसे लागू किया जा रहा है। 

FAQs:

  1. Chennai Intelligent Transport System क्या है?

    यह चेन्नई में यातायात को सुगम बनाने के लिए एआई कैमरों, रियल-टाइम सिग्नलों और सेंसरों से लैस एक आधुनिक तकनीक-आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली है।

  2. इस परियोजना का उद्देश्य क्या है?

    इसका उद्देश्य चेन्नई महानगर में बढ़ते वाहनों के दबाव को संभालना, यात्रा समय को कम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाना है।

  3. इससे ट्रैफिक प्रबंधन कैसे बेहतर होगा?

    एआई ट्रैफिक सिस्टम (AI Traffic System) वाहनों की संख्या के आधार पर सिग्नलों का समय खुद बदलेगा, जिससे चौराहों पर बेवजह रुकना नहीं पड़ेगा और जाम से मुक्ति मिलेगी।

  4.  चेन्नई में ITS कब लागू होगा?

    चेन्नई कॉर्पोरेशन के अनुसार, यह परियोजना पूरी तरह तैयार है और अगस्त 2026 के अंत तक इसे पूरे शहर में लाइव चालू कर दिया जाएगा।

  5. नागरिकों को इससे क्या लाभ मिलेगा?

    नागरिकों का यात्रा समय बचेगा, लाइव ट्रैफिक अपडेट मिलेंगे, बस ट्रैकिंग आसान होगी और स्वचालित नियम प्रवर्तन से दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

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