अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस
संदर्भ:
हाल ही में 30 जून को दुनिया भर में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस (International Parliamentary Day) मनाया गया।
अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस (International Parliamentary Day) के बारे में:
- स्थापना: संयुक्त राष्ट्र [United Nations] महासभा द्वारा वर्ष 2018 में एक प्रस्ताव पारित कर हर साल 30 जून को इस दिवस के रूप में घोषित किया गया था।
- ऐतिहासिक महत्व: 30 जून की तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन वर्ष 1889 में अंतर-संसदीय संघ [Inter Parliamentary Union: IPU] की स्थापना की गई थी।
- मनाने का उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की संसदों की समीक्षा करना और यह देखना है कि वे लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कितनी सक्षम हैं।
- यह दिवस मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह संसदीय प्रणालियों को विकसित करके लोकतंत्र [Parliamentary Democracy] की रक्षा करने की याद दिलाता है।
- यह वैश्विक स्तर पर शांति, सुरक्षा, मानव अधिकारों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में संसदों की भूमिका तय करता है।
- यह दिवस विधायिका [Legislature] में महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के समान प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की वकालत करता है।
- इस दिन लोकतांत्रिक संस्थाएं [Democratic Institutions] अपनी कार्यप्रणाली, प्रासंगिकता और आधुनिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता का आत्म-मूल्यांकन करती हैं।
भारतीय संसदीय प्रणाली:
- संवैधानिक प्रावधान (Parliamentary System): भारतीय संविधान के भाग-V में अनुच्छेद 79 से 122 तक संसद के गठन, संरचना, अवधि, अधिकारियों, प्रक्रियाओं और शक्तियों का सविस्तार वर्णन है।
- संसद की संरचना (Structure of Parliament): भारत में वेस्टमिंस्टर मॉडल पर आधारित संसदीय प्रणाली [Secondary Keyword: Parliamentary System] है, जिसके तीन प्रमुख अंग हैं — राष्ट्रपति, राज्यसभा (उच्च सदन) और लोकसभा (निम्न सदन)।
- राष्ट्रपति की भूमिका (Role of President): राष्ट्रपति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है, लेकिन वह संसद का अभिन्न अंग है क्योंकि संसद द्वारा पारित कोई भी विधेयक उनकी सहमति के बिना कानून नहीं बन सकता।
- राज्यसभा की प्रकृति (Council of States): राज्यसभा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है। यह एक स्थायी सदन है जो कभी भंग नहीं होता, और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
- लोकसभा की प्रकृति (House of the People): लोकसभा सीधे भारत की जनता द्वारा वयस्क मताधिकार के आधार पर चुने गए प्रतिनिधियों का सदन है। इसका सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
- मंत्रिपरिषद की सामूहिक जवाबदेही: भारतीय लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है कि कार्यपालिका (सरकार) अपने सभी कृत्यों के लिए लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
- विधायी प्रक्रिया और कानून निर्माण (Law Making Process): संसद का प्राथमिक कार्य देश के लिए कानून बनाना है। किसी भी सामान्य विधेयक को कानून बनने के लिए दोनों सदनों से अलग-अलग पारित होना अनिवार्य है।
- वित्तीय नियंत्रण (Financial Control): भारत की संचित निधि से धन निकालने या कोई भी कर लगाने के लिए संसद (विशेषकर लोकसभा) की स्वीकृति अनिवार्य है, जिसे बजट प्रक्रिया द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
- संविधान संशोधन की शक्ति (Amending Power): अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है, बशर्ते वह संविधान के ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को प्रभावित न करे।
- संसदीय समितियां (Parliamentary Committees): कार्यपालिका पर प्रभावी नियंत्रण और विधेयकों की सूक्ष्म जांच के लिए संसद लोक लेखा समिति (PAC) और प्राकलन समिति जैसी वित्तीय व विभागीय समितियों के माध्यम से कार्य करती है।
- न्यायिक समीक्षा (Judicial Review): ब्रिटिश संसद के विपरीत भारतीय संसद संप्रभु नहीं है। इसकी शक्तियां लिखित संविधान द्वारा सीमित हैं और इसके कानूनों की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ‘न्यायिक समीक्षा’ की जा सकती है।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Gender Inclusivity): भारतीय संसद ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का कानून पारित कर समावेशी लोकतंत्र की मिसाल पेश की है।
- नया संसद भवन और तकनीकी बदलाव (Digital Parliament): आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक नए संसद भवन के निर्माण और ‘नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन’ (NeVA) के जरिए भारतीय संसद तेजी से डिजिटल और कागज रहित (Paperless) हो रही है।
FAQs:
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अंतर्राष्ट्रीय संसदीय दिवस कब मनाया जाता है?
यह दिवस हर साल 30 जून को वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक संसदों के योगदान को सराहने के लिए मनाया जाता है।
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International Day of Parliamentarism क्यों मनाया जाता है?
संसदों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने, उनकी जवाबदेही बढ़ाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इसे मनाया जाता है।
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इस दिवस की शुरुआत किसने की?
इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा वर्ष 2018 में एक विशेष प्रस्ताव पारित करके की गई थी।
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IPU क्या है
अंतर-संसदीय संघ (Inter-Parliamentary Union) राष्ट्रीय संसदों का एक वैश्विक संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1889 में हुई थी।
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लोकतंत्र में संसद की क्या भूमिका है?
संसद लोकतंत्र में जनता की आवाज है, जो कानून बनाने, सरकार पर नियंत्रण रखने और जन-आकांक्षाओं को पूरा करने का काम करती है।
