खेलो इंडिया यूथ गेम्स
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने घोषणा की कि तेलंगाना राज्य नवंबर 2026 में होने वाले ‘8वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2026’ की मेजबानी करेगा।
- तमिलनाडु (2024) और बिहार (2025) के सफल आयोजनों के बाद अब दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना को इस भव्य राष्ट्रीय युवा चैंपियनशिप (Youth Championship) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स के बारे मे:
- परिचय: खेलो इंडिया यूथ गेम्स (Khelo India Youth Games – KIYG) भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू किया गया एक बहु-विधा राष्ट्रीय खेल आयोजन है।
- शुरुआत: इसकी शुरुआत वर्ष 2018 में ‘खेलो इंडिया स्कूल गेम्स’ के नाम से नई दिल्ली में हुई थी।
- भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) के इसके साथ जुड़ने के बाद वर्ष 2019 (पुणे संस्करण) से इसका नाम बदलकर ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ कर दिया गया।
- संस्थागत ढांचा: यह पूरा आयोजन भारत सरकार की एक व्यापक केंद्रीय क्षेत्र की योजना, खेलो इंडिया योजना (Khelo India Scheme) के अंतर्गत संचालित होता है।
- नोडल मंत्रालय: इसका प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण ‘युवा मामले और खेल मंत्रालय’ के पास है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: जमीनी स्तर पर इसका वास्तविक क्रियान्वयन और प्रबंधन भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India – SAI) द्वारा किया जाता है।
- वित्तीय मॉडल: केंद्रीय योजना होने के कारण इसकी 100% फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है।
- पात्रता: राष्ट्रीय स्तर के इस युवा खेल (Youth Sports India) महाकुंभ में भाग लेने के लिए दो विशिष्ट आयु श्रेणियों को निर्धारित किया गया है:
- अंडर-17 वर्ग: स्कूल जाने वाले छात्र जिनकी आयु 17 वर्ष से कम है।
- अंडर-21 वर्ग: कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र जिनकी आयु 21 वर्ष से कम है।
- चयन: इन एथलीटों का चयन राष्ट्रीय स्कूल खेल संघों, राज्य परिषदों और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के टैलेंट स्काउटिंग नेटवर्क के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रक्रिया द्वारा किया जाता है।
- खेल विधाएं: खेलो इंडिया गेम्स ने भारतीय खेल (Indian Sports) परिदृश्य को व्यापक बनाने के लिए अपने दायरे में लगातार विस्तार किया है।
- प्रारंभिक संस्करण में 16 खेलों से शुरू होकर, पिछले बिहार संस्करण (2025) तक इसमें 28 विभिन्न खेल शामिल हो चुके थे, जिसमें हाल ही में ‘ई-स्पोर्ट्स’ को भी एक प्रदर्शन कार्यक्रम के रूप में स्थान दिया गया था। मुख्य खेलों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- पारंपरिक और आधुनिक खेल: एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, फुटबॉल, जिम्नास्टिक, हॉकी, जूडो, तैराकी, निशानेबाजी, टेनिस, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन और कुश्ती।
- स्वदेशी और स्वदेशी कलाएं: खो-खो, कबड्डी, मल्लखंभ, गटका, कलारीपयट्टू, थांग-ता और योगासन। इन स्वदेशी खेलों को शामिल करने का उद्देश्य भारत की पारंपरिक खेल संपदा को वैश्विक पहचान दिलाना है।
- वित्तीय सहायता: देश के कोने-कोने से चुने गए 1,000 सबसे प्रतिभाशाली युवा भारतीय एथलीटों (Indian Athletes) को ₹5 लाख प्रति वर्ष की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- दीर्घकालिक बैकअप: यह छात्रवृत्ति लगातार 8 वर्षों तक जारी रहती है, जिससे खिलाड़ी बिना किसी आर्थिक तकलीफ के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं (जैसे ओलंपिक और एशियाई खेल) के लिए खुद को तैयार कर सकें।
- विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा: चयनित खिलाड़ियों को देश के अत्याधुनिक खेल परिसरों में शीर्ष कोचों के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और चिकित्सा सहायता दी जाती है।
महत्व:
- खेल संस्कृति का लोकतांत्रीकरण: पूर्व में खेल बड़े शहरों और विशिष्ट अकादमियों तक सीमित थे। खेलो इंडिया ने ग्रामीण, जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को सीधे राष्ट्रीय मंच दिया है, जैसा कि हाल ही में शुरू हुए ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ से भी स्पष्ट होता है।
- स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशन: यह कार्यक्रम लगभग 20 करोड़ बच्चों को शारीरिक फिटनेस अभियान से जोड़ता है। साथ ही, अशांत या पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को खेल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में शामिल करने का कार्य करता है।
- आर्थिक महाशक्ति की राह: केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ‘खेलो इंडिया मिशन’ खेल विज्ञान और अत्याधुनिक एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के एकीकरण पर केंद्रित है, जो भारत को आगामी दशकों में वैश्विक खेल महाशक्ति (Sporting Superpower) बनाने की नींव रख रहा है।
FAQs:
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स क्या हैं?
यह जमीनी स्तर पर भारतीय खेल (Indian Sports) प्रतिभाओं की खोज करने वाला देश का सबसे बड़ा बहु-विषयक राष्ट्रीय युवा खेल आयोजन है
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इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए युवा विशिष्ट खिलाड़ियों को तैयार करना है।
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इसमें कौन भाग ले सकता है?
इसमें देश भर के 17 वर्ष से कम उम्र के स्कूली छात्र और 21 वर्ष से कम उम्र के कॉलेज छात्र भाग ले सकते हैं।
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खेलो इंडिया योजना कब शुरू हुई?
भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा इस व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी।
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खिलाड़ियों को क्या लाभ मिलता है?
चयनित सर्वश्रेष्ठ 1,000 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और तैयारी के लिए 8 वर्षों तक ₹5 लाख प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति मिलती है।
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कौन-कौन से खेल इसमें शामिल हैं?
इसमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, निशानेबाजी सहित कुल 28 आधुनिक खेल और खो-खो, मल्लखंभ जैसे कई स्वदेशी पारंपरिक खेल शामिल हैं।
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इसका आयोजन कौन करता है?
इसका आयोजन केंद्रीय खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित मेजबान राज्य मिलकर करते हैं
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खेलो इंडिया से युवा खिलाड़ियों को कैसे बढ़ावा मिलता है?
यह स्कूल स्पोर्ट्स (School Sports) स्तर पर ही प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
