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पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट का सफल परीक्षण 

पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट का सफल परीक्षण 

Pinaka Guided Rocket

संदर्भ:

हाल ही में ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया। 

पिनाका निर्देशित रॉकेट क्या है (What is Pinaka Guided Rocket)?

  • परिचय: पिनाका निर्देशित रॉकेट (Pinaka Guided Rocket) भारत की स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) प्रणाली का एक अत्यधिक उन्नत और सटीक रूप है।
    • मूल पिनाका एक ‘अनगाइडेड’ यानी स्वतंत्र रॉकेट प्रणाली थी, जो बड़े क्षेत्र को एक साथ निशाना बनाती थी। 
    • इसके विपरीत, निर्देशित संस्करण में एक अत्याधुनिक ‘नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम’ जोड़ा गया है।
    • इस तकनीक को रक्षा प्रौद्योगिकी (Defence Technology) की भाषा में ‘प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन’ (PGM) कहा जाता है।
  • पृष्ठभूमि: पिनाका रॉकेट (Pinaka Rocket) प्रणाली का नामकरण भगवान शिव के धनुष ‘पिनाक’ के नाम पर किया गया है।
    • इसका विकास 1980 के दशक के उत्तरार्ध में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रमुख प्रयोगशाला ‘आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट’ (ARDE) द्वारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य रूसी ‘ग्रैड’ (BM-21) रॉकेट सिस्टम को प्रतिस्थापित करना था। 
  • निर्माणकर्ता: आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान ने उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ मिलकर इसका डिजाइन और विकास किया।
  • विकास चरण: इसके तीन मुख्य विकासात्मक चरण निम्नलिखित हैं:
  1. पिनाका एमके-I (Pinaka Mk-I): इसकी मारक क्षमता लगभग 38 से 40 किलोमीटर थी। इसका सफल युद्धक परीक्षण 1999 के कारगिल युद्ध में हुआ, जहाँ इसने ऊंचे पहाड़ों पर स्थित दुश्मन के बंकरों को पूरी तरह तबाह कर दिया था।
  2. पिनाका उन्नत (Pinaka Enhanced): इसकी मारक क्षमता को बढ़ाकर 60 किलोमीटर तक किया गया।

प्रमुख विशेषताएं:

यह लंबी दूरी का रॉकेट (Long Range Rocket) आधुनिक युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई अत्याधुनिक प्रणालियों से लैस है: 

  • नेविगेशन और नियंत्रण प्रणाली: इसमें स्वदेशी ‘क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली’ (NavIC) और ‘इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम’ (INS) का एकीकरण किया गया है। यह तकनीक रॉकेट को उड़ान के दौरान अपनी दिशा बदलने और सीधे दुश्मन के सटीक ठिकाने पर प्रहार करने की अनुमति देती है।
  • त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता: पिनाका का एक लॉन्चर वाहन मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम है। इसका पूरा साल्वो (रॉकेटों का समूह) दुश्मन के 3.5 वर्ग किलोमीटर के पूरे सैन्य बेस को मलबे में तब्दील कर सकता है।
  • उच्च गतिशीलता: इस रॉकेट प्रणाली (Rocket System) को टाट्रा (Tatra) 8×8 ट्रक पर असेंबल किया गया है, जिससे इसे अत्यंत दुर्गम पहाड़ी रास्तों, रेगिस्तानों और दलदली इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकता है।
  • बहुमुखी वारहेड: यह प्रणाली उच्च विस्फोटक, उप-युद्धक (Sub-munitions), और बंकर-भेदी (Anti-bunker) गोला-बारूद ले जाने में सक्षम है। 

रणनीतिक महत्व:

  • सटीक मारक क्षमता (Precision Strike): पूर्व में दुश्मन के कमांड सेंटरों को नष्ट करने के लिए महंगे लड़ाकू विमानों या बड़ी मिसाइलों (जैसे ब्रह्मोस) का उपयोग करना पड़ता था।
    • अब निर्देशित पिनाका के जरिए कम लागत में 75-90 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को पिन-पॉइंट सटीकता से निशाना बनाया जा सकता है।
  • ‘दागो और भूल जाओ’ क्षमता: अत्यधिक उन्नत होने के कारण यह प्रणाली ‘शूट एंड स्कूट’ (दागो और भागो) की रणनीति पर काम करती है।
    • रॉकेट दागने के तुरंत बाद लॉन्चर अपनी स्थिति बदल लेता है, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले (Counter-battery fire) से यह पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
  • पहाड़ी युद्ध कौशल: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सेना के भारी जमावड़े के खिलाफ पिनाका की उच्च कोण पर मार करने की क्षमता (High-angle fire capacity) भारतीय तोपखाने को रणनीतिक बढ़त देती है।
  • स्वदेशीकरण: यह संपूर्ण मिसाइल परीक्षण (Missile Test) भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और मेक इन इंडिया डिफेंस (Make in India Defence) अभियान की एक बड़ी सफलता है।
    • DRDO ने इस स्वदेशी हथियार (Indigenous Weapon) के डिजाइन और विकास के बाद इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी निजी भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
  • वैश्विक निर्यात क्षमता: पिनाका की तकनीकी श्रेष्ठता और कम परिचालन लागत के कारण वैश्विक बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। भारत ने आर्मेनिया जैसे देशों को पिनाका प्रणाली का निर्यात कर रक्षा निर्यातक देशों की सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

FAQs:

  1. पिनाका निर्देशित रॉकेट क्या है?

    यह भारत का स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट है, जो अत्याधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम की मदद से सटीक निशाना लगाता है।

  2.  पिनाका रॉकेट का सफल परीक्षण कहाँ हुआ?

    इसका सफल परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एकीकृत रेंज (ITR) से हुआ।

  3. इसकी मारक क्षमता कितनी है?

    पिनाका के इस उन्नत निर्देशित (Guided Rocket) संस्करण की मारक क्षमता लगभग 75 से 90 किलोमीटर तक है।

  4. DRDO की इसमें क्या भूमिका है?

    DRDO इस संपूर्ण रॉकेट प्रणाली की मुख्य अनुसंधान, डिजाइन, तकनीकी विकास और परीक्षण करने वाली नोडल एजेंसी है।

  5. भारतीय सेना को इससे क्या लाभ मिलेगा?

    सेना को बिना विमानों के जोखिम के, सीमा पार दुश्मन के ठिकानों पर अत्यधिक सटीक और तीव्र गोलाबारी करने की क्षमता मिलेगी।

  6. पिनाका रॉकेट की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

    यह मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम, मोबाइल-लॉन्चर आधारित और NavIC नेविगेशन प्रणाली से लैस है।

  7. क्या यह पूरी तरह स्वदेशी प्रणाली है?

    हाँ, इसका डिजाइन, सॉफ्टवेयर, प्रणोदक और उत्पादन पूरी तरह भारतीय वैज्ञानिकों और घरेलू उद्योगों द्वारा निर्मित है।

  8. पिनाका और अन्य रॉकेट सिस्टम में क्या अंतर है?

    पारंपरिक रॉकेट केवल एक क्षेत्र पर अंधाधुंध बमबारी करते हैं, जबकि पिनाका निर्देशित प्रणाली एक मिसाइल की तरह विशिष्ट लक्ष्य को भेदती है।

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