14 देशों ने दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावों का किया खंडन
संदर्भ:
हाल ही में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और फिलीपींस सहित 14 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर South China Sea Dispute (दक्षिण चीन सागर विवाद) पर हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय के 2016 के ऐतिहासिक फैसले का समर्थन करते हुए चीन के दावों का खंडन किया।
दक्षिण चीन सागर के बारे मे:
- परिचय: दक्षिण चीन सागर (South China Sea) वैश्विक भू-राजनीति (Global Geopolitics) और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (International Maritime Law) से संबंधित एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है।
- भौगोलिक स्थिति: यह प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) का एक रणनीतिक पश्चिमी सीमांत समुद्र है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित है।
- इसके उत्तर में चीन, पश्चिम में वियतनाम, पूर्व में फिलीपींस और दक्षिण में मलय प्रायद्वीप तथा बोर्नियो द्वीप स्थित हैं।
- विवादित द्वीप समूह: इस समुद्री क्षेत्र में दो मुख्य द्वीप समूह—पैरासेल द्वीप समूह (Paracel Islands) और स्पार्टली द्वीप समूह (Spratly Islands)—स्थित हैं, जिन पर संप्रभुता को लेकर देशों के बीच निरंतर Maritime Dispute (समुद्री विवाद) बना रहता है।
- चीन का तर्क: चीन ऐतिहासिक मानचित्रों का हवाला देकर दक्षिण चीन सागर के लगभग 80% से 90% हिस्से पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है।
- इसे China Territorial Claims (चीन के क्षेत्रीय दावे) के तहत ‘नाइन-डैश लाइन’ (Nine-Dash Line) कहा जाता हैं।
- कृत्रिम द्वीपों का निर्माण: चीन ने इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए कई चट्टानों और प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) को कृत्रिम द्वीपों (Artificial Islands) में बदल दिया है और वहां सैन्य हवाई पट्टियां तथा मिसाइल प्रणालियां तैनात कर दी हैं।
हेग न्यायाधिकरण का 2016 का ऐतिहासिक फैसला (The 2016 Hague Arbitration Ruling):
- फिलीपींस की याचिका: वर्ष 2013 में फिलीपींस ने चीन की विस्तारवादी गतिविधियों के खिलाफ हेग स्थित मध्यस्थता न्यायाधिकरण में मामला दर्ज कराया था।
- फैसले का निष्कर्ष: 12 जुलाई 2016 को न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया कि China South China Sea Claims और उसकी ‘नाइन-डैश लाइन’ का अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है।
- चीन का रुख: चीन इस अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया से बाहर रहा और उसने इस निर्णय को “रद्दी कागज” (Piece of waste paper) बताते हुए मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया।
भू-राजनीतिक और रणनीतिक महत्व:
- वैश्विक समुद्री सुरक्षा (Global Maritime Security): दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों (Maritime Trade Routes) में से एक है। दुनिया का लगभग एक-तिहाई (One-Third) समुद्री व्यापार इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।
- संसाधनों की प्रचुरता: यह क्षेत्र तेल, प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों और प्रचुर मत्स्य संसाधनों (Fishery Resources) से समृद्ध है, जो क्षेत्रीय आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- हिंद-प्रशांत सुरक्षा (Indo-Pacific Security): इस क्षेत्र में चीन का एकाधिकार स्थापित होने से संपूर्ण Indo-Pacific Security खतरे में पड़ सकती है, जिससे भारत सहित जापान और अमेरिका के व्यापारिक हितों को सीधे नुकसान पहुंचेगा।
14 देशों और यूरोपीय संघ का संयुक्त मोर्चा (Coalition of 14 Nations and EU):
- गठबंधन और संयुक्त बयान: हाल ही में इस फैसले की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, रोमानिया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया सहित 14 देशों ने संयुक्त रूप से चीन की आक्रामक और South China Sea (दक्षिण चीन सागर) को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को खारिज कर दिया है।
- अस्थिरता पैदा करने वाले कदमों का विरोध: इस संयुक्त मोर्चे ने चीनी कोस्ट गार्ड और समुद्री मिलिशिया (Maritime Militia) द्वारा फिलीपींस के जहाजों पर वॉटर कैनन और सैन्य लेजर के उपयोग जैसी जबरदस्ती की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है।
- यूरोपीय संघ (EU) का रुख: 27 देशों के यूरोपीय संघ ने भी अलग से बयान जारी कर हेग के फैसले को समुद्री विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।
FAQs:
1. दक्षिण चीन सागर विवाद क्या है?
यह चीन और उसके पड़ोसी देशों के बीच द्वीप संप्रभुता तथा समुद्री सीमाओं को लेकर चल रहा क्षेत्रीय विवाद है।
2. चीन के दावों का खंडन किसने किया?
अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और फिलीपींस सहित 14 देशों और यूरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से खंडन किया है।
3. UNCLOS क्या है?
यह ‘संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि’ (UNCLOS) है, जो वैश्विक महासागरों और समुद्री गतिविधियों को नियंत्रित करने वाला अंतरराष्ट्रीय ढांचा है।
4. दक्षिण चीन सागर का सामरिक महत्व क्या है?
यहाँ से वैश्विक समुद्री व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है और यह तेल-गैस भंडारों से समृद्ध है।
5. इस विवाद में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
मुख्य रूप से चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई, ताइवान और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका-जापान शामिल है।
