State of Food Security and Nutrition in the World 2026 रिपोर्ट जारी – 2025 तक वैश्विक भूख दर 7.8% घटी, 64.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार
संदर्भ:
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) की पांच विशेष एजेंसियों द्वारा ‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2026’ (State of Food Security and Nutrition in the World 2026) रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर जारी की गई।
- यह रिपोर्ट खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), आईएफएडी (IFAD), यूनिसेफ (UNICEF), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा संयुक्त रूप से जारी की गई।
‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2026’ (SOFI Report 2026) रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- भूख का स्तर: वर्ष 2025 में वैश्विक भूख दर (Global Hunger Rate) 7.8% रही, जो 2024 के 8.1% से थोड़ी कम है। वैश्विक स्तर पर 2.1 अरब लोग मध्यम या गंभीर खाद्य असुरक्षा (Moderate or Severe Food Insecurity) से पीड़ित हैं।
- खाद्य असुरक्षा: दुनिया की 25.8% आबादी यानी 2.1 अरब लोग मध्यम या गंभीर खाद्य असुरक्षा (Food Security Report) का सामना कर रहे हैं। करीब 2.69 अरब लोग स्वस्थ आहार वहन करने में असमर्थ हैं।
- अनुमानों के अनुसार 2030 में भी 510 से 520 मिलियन लोग चिरस्थायी भूख का सामना कर सकते हैं, जिनमें से 56% लोग अफ्रीका में रहते हैं।
- आहार की लागत: पौष्टिक भोजन की वैश्विक औसत लागत बढ़कर 4.28 पीपीपी डॉलर हो गई है, जिससे संतुलित आहार अरबों लोगों की पहुंच से दूर हो गया है।
- नया हॉटस्पॉट: अफ्रीका अब एशिया को पीछे छोड़कर दुनिया में भूख का सबसे बड़ा केंद्र (Hunger Hotspot) बन गया है, जहाँ 30.9 करोड़ लोग प्रभावित हैं।
- सकारात्मक सुधार: इसके विपरीत, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों ने अपनी खाद्य प्रणालियों में निरंतर सुधार (Sustained Improvement) दर्ज किया है।
- बौनापन और वेस्टिंग: बच्चों में स्टंटिंग (Stunting) और वेस्टिंग (Wasting) को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयास अभी भी तय लक्ष्यों से पीछे हैं। दुनिया भर में अभी भी लगभग 64.5 करोड़ लोग कुपोषण का सामना कर रहे हैं।
- मोटापे का संकट: वयस्कों में मोटापा (Adult Obesity) लगातार बढ़कर 16.2% के स्तर पर पहुँच गया है। जो 12.1% (2012) से अधिक हैं।
- मातृ स्वास्थ्य: प्रजनन आयु (15-49 वर्ष) की महिलाओं में एनीमिया (Anaemia) यानी खून की कमी की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
- 15-49 आयु वर्ग की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति 30.7% हो गई।
- भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र:
- दक्षिण एशिया में कुपोषण की दर साल 2021 में 13.9% थी, जो साल 2025 में घटकर 9.3% रह गई है। इस गिरावट और खाद्य असुरक्षा में कमी का मुख्य श्रेय भारत में नीतिगत सुधारों और सरकारी योजनाओं (जैसे- पोषण अभियान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) को जाता है।
- भारत की विशाल जनसंख्या और आर्थिक स्थिति के कारण, वैश्विक स्तर पर पौष्टिक भोजन की सामर्थ्य (Affordability) तय करने में भारत की भूमिका निर्णायक है।
- यदि दक्षिण एशिया के आंकड़ों से भारत को हटा दिया जाए, तो क्षेत्रीय तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। भारत के बिना, स्वस्थ आहार न खरीद पाने वाले लोगों की संख्या में कमी होने के बजाय बढ़ोतरी दिखाई देगी।
- बाल पोषण लक्ष्यों की प्राप्तिवैश्विक लक्ष्य 2030, भारत का प्रदर्शन पूरे एशिया के रुझानों से मेल खाता है, जो दक्षिण एशिया को बच्चों से जुड़े वैश्विक पोषण लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर रहा है।
- भारत के प्रयासों से क्षेत्र में बच्चों में बौनापन (Stunting) कम करने और मोटापे (Obesity) को रोकने की दिशा में सही प्रगति हो रही है।
- चुनौतियाँ:
- भू-राजनीतिक संघर्ष: पश्चिम एशिया का संघर्ष (Middle East Conflict) और अन्य युद्ध वैश्विक स्तर पर उर्वरक और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर रहे हैं।
- जलवायु झटके: चरम मौसम की घटनाएँ (Extreme Weather Events) और वर्ष 2026 के अल नीनो (El Niño) प्रभाव कृषि उत्पादन को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं।
- बजट में कटौती: वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण आधिकारिक विकास सहायता (Aid Cuts) और मानवीय वित्तपोषण में बड़ी कमी देखी गई है।
- नीतिगत सुझाव:
- कृषि सब्सिडी में बदलाव: सरकारों को अपनी कृषि सब्सिडी (Agricultural Subsidies) का रुख अनाजों से हटाकर बागवानी (Horticulture) और पौष्टिक फसलों की ओर मोड़ना चाहिए।
- बुनियादी ढांचे में निवेश: आपूर्ति श्रृंखला में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आधुनिक कोल्ड चेन (Cold Chains) और कुशल परिवहन नेटवर्क का विकास किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा कवच: समाज के सबसे कमजोर वर्गों की रक्षा के लिए स्कूल फीडिंग कार्यक्रम (School Feeding Programs) जैसे कल्याणकारी उपायों को मजबूत बनाना आवश्यक है।
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के बारे में (About Food and Agriculture Organization):
- परिचय: खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization – FAO) संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बहुपक्षीय संस्था है।
- यह वैश्विक स्तर पर भूख उन्मूलन (Eliminate Hunger) और पोषण सुरक्षा के लिए समर्पित एक प्रमुख विशेष एजेंसी (Specialized Agency) है।
- स्थापना: इसकी स्थापना 16 अक्टूबर 1945 को क्यूबेक, कनाडा में हुई थी। इसी ऐतिहासिक उपलक्ष्य में हर वर्ष 16 अक्टूबर को ‘विश्व खाद्य दिवस’ (World Food Day) मनाया जाता है।
- मुख्यालय: इसका वैश्विक मुख्यालय रोम, इटली (Rome, Italy) में स्थित है।
- मुख्य कार्य एवं उद्देश्य (Core Functions):
- खाद्य सुरक्षा: दुनिया के सभी नागरिकों के लिए पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले भोजन की नियमित पहुंच (World Food Security) सुनिश्चित करना।
- सतत कृषि विकास: सदस्य देशों को तकनीकी सहायता देकर कृषि, वानिकी (Forestry) और मत्स्य पालन (Fisheries) उत्पादकता को पर्यावरण अनुकूल बनाना।
- डेटा और अनुसंधान: वैश्विक खाद्य नीतियों को दिशा देने के लिए प्रामाणिक आंकड़े और ‘वैश्विक खाद्य मूल्य सूचकांक’ (Food Price Index) जारी करना।
- संरचना: वर्तमान में इसके 194 सदस्य देश हैं, और यह वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Report) संबंधी आंकड़ों के संकलन में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: State of Food Security and Nutrition in the World 2026 रिपोर्ट क्या है?
उत्तर: यह वैश्विक भूख (Global Hunger), कुपोषण और खाद्य प्रणालियों की स्थिति का व्यवस्थित आकलन करने वाली संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख रिपोर्ट (SOFI Report 2026) है।
प्रश्न 2: SOFI 2026 रिपोर्ट किस संस्था द्वारा जारी की गई है?
उत्तर: यह रिपोर्ट खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), आईएफएडी (IFAD), यूनिसेफ (UNICEF), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा संयुक्त रूप से जारी होती है।
प्रश्न 3: रिपोर्ट में भारत को लेकर क्या प्रमुख निष्कर्ष दिए गए हैं?
उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने भूख नियंत्रण में प्रगति की है, लेकिन महिलाओं में एनीमिया (Anaemia) और स्वस्थ आहार की उच्च लागत अभी भी बड़ी चुनौतियाँ हैं।
प्रश्न 4: वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा की स्थिति कैसी है?
उत्तर: वैश्विक भूख दर 7.8% तक घटी है, लेकिन दुनिया में 2.1 अरब लोग मध्यम या गंभीर खाद्य असुरक्षा (Food Insecurity) का सामना करने को मजबूर हैं।
प्रश्न 5: कुपोषण को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
उत्तर: बच्चों के कुपोषण में धीमी प्रगति हुई है, जबकि वयस्कों में मोटापा (Obesity) बढ़कर 16.2% हो गया है, जो वैश्विक लक्ष्यों हेतु गंभीर चिंता है।
प्रश्न 6: FAO की इस रिपोर्ट का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य सरकारों को ठोस नीतिगत मार्गदर्शन देना, कृषि प्रणालियों को संवारना और स्वस्थ आहार (Healthy Diet) को सर्वसुलभ तथा किफायती बनाना है।ता है। किए जाते हैं।
