Bharat 6G Alliance – जानिए क्या है यह एलायंस जिसमें अब तक 90 संगठन जुड़ चुके है?
संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में घोषणा की कि भारत 6जी एलायंस (Bharat 6G Alliance – B6GA) की सदस्यता 15 जुलाई 2026 तक बढ़कर 90 संगठनों तक पहुंच गई है।
भारत 6जी एलायंस (Bharat 6G Alliance – B6GA) क्या है?
- परिचय: यह उन्नत संचार प्रौद्योगिकियों के लिए एक उद्योग-नेतृत्व और सरकार समर्थित सहयोगात्मक मंच है। यह भारत को अगली पीढ़ी के नेटवर्क (Next Generation Network) और दूरसंचार नवाचार (Telecom Innovation) में वैश्विक अग्रणी बनाने के लिए स्वदेशी अनुसंधान को बढ़ावा देने वाला मंच है।
- शुरुआत (Launch): इस एलायंस B6GA को आधिकारिक तौर पर 3 जुलाई 2023 को तत्कालीन केंद्रीय संचार मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था।
- विजन (Vision): इसका गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च 2023 में जारी ‘भारत 6जी विज़न’ (Bharat 6G Vision) दस्तावेज़ को धरातल पर उतारने हेतु किया गया है।
- ढांचा: यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम (Societies Registration Act) के अंतर्गत पंजीकृत एक स्वायत्त निकाय है, जो दूरसंचार विभाग (DoT) के तत्वावधान में कार्य करता है।
- उद्देश्य:
- स्वदेशी बौद्धिक संपदा (Indigenous IPR): देश के भीतर 6जी अनुसंधान (6G Research) और पेटेंट निर्माण को बढ़ावा देना।
- वैश्विक मानकीकरण (Global Standardization): अंतरराष्ट्रीय निकायों जैसे 3GPP और ITU में भारत प्राथमिकताओं को स्थापित करना।
- लागत प्रभावी समाधान: ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए किफायती और टिकाऊ वायरलेस संचार (Wireless Communication) तकनीक विकसित करना।
- सदस्य: इसकी सदस्यता मार्च 2026 के 85 से बढ़कर जुलाई 2026 तक 90 संगठनों तक पहुँच गई है।
- इन 90 सदस्यों में भारतीय दूरसंचार सेवा प्रदाता (TSPs), उपकरण निर्माता, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान (IITs/IISc) और राष्ट्रीय अनुसंधान निकाय शामिल हैं।
- अंतरराष्ट्रीय समझौते (International MoUs): वैश्विक स्तर पर यह एलायंस यूएसए के NextG Alliance, यूरोप के 6G-IA, दक्षिण कोरिया के 6G Forum और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के साथ द्विपक्षीय समझौतों के तहत काम करता है।
- प्रशासनिक कार्य समूह: इसके सुचारू संचालन के लिए 7 विशिष्ट कार्य समूहों (Working Groups) का गठन किया गया है:
- 6जी प्रौद्योगिकियाँ (6G Technology)
- स्पेक्ट्रम योजना (Spectrum Roadmap)
- अनुप्रयोग और उपयोग के मामले (Applications & Use Cases)
- उपकरण और घटक (Devices & Components)
- हरित और सतत 6जी (Green & Sustainable 6G)
- विधिक और नियामक ढांचा (Regulatory Framework)
- वैश्विक आउटरीच (Global Outreach)
- प्रमुख योजनाएं:
- लाइन-ऑफ-साइट लिंक: आईआईटी मद्रास, गुवाहाटी और पटना के सहयोग से इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के दौरान उच्च डेटा दर वाले संचार लिंक का सफल प्रदर्शन किया गया।
- टीडीआईपी योजना (TDIP Scheme): सरकार ‘प्रौद्योगिकी विकास और निवेश प्रोत्साहन’ योजना के माध्यम से घरेलू स्टार्टअप और एमएसएमई (MSMEs) को अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।
- वैश्विक मान्यता: भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के IMT-2030 ढांचे में “सर्वव्यापी कनेक्टिविटी” (Ubiquitous Connectivity) को एक प्रमुख उपयोग परिदृश्य के रूप में शामिल कराया है।
महत्व:
- तकनीकी संप्रभुता: यह एलायंस विदेशी पेटेंट और तकनीकों पर निर्भरता घटाकर भारत दूरसंचार (India Telecom) क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाता है।
- डिजिटल इंडिया को गति (Boosting Digital India): भविष्य की कनेक्टिविटी (Future Connectivity) जैसे होलोग्राम संचार, एआई-एकीकृत नेटवर्क और स्मार्ट गवर्नेंस को सक्षम बनाएगा।
- आर्थिक विकास: अगली पीढ़ी के दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र (Telecom Ecosystem) के विकास से वैश्विक विनिर्माण बाजार में भारत हिस्सेदारी बढ़ेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: भारत 6जी एलायंस (B6GA) क्या है?
उत्तर: यह भारत में 6जी तकनीक (6G Technology) के स्वदेशी विकास, पेटेंट निर्माण और मानकीकरण के लिए उद्योग, शिक्षाविदों और सरकार का एक सहयोगात्मक मंच है।
प्रश्न 2: B6GA का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य अगली पीढ़ी के नेटवर्क (Next Generation Network) अनुसंधान को बढ़ावा देना, वैश्विक मानकों को प्रभावित करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रश्न 3: भारत 6जी तकनीक पर क्यों काम कर रहा है?
उत्तर: वैश्विक दूरसंचार नवाचार (Telecom Innovation) में अग्रणी भूमिका निभाने, डिजिटल इंडिया (Digital India) को सशक्त करने और 2030 तक व्यावसायिक लॉन्च हासिल करने हेतु।
प्रश्न 4: भारत 6जी एलायंस में कौन-कौन से संगठन शामिल हैं?
उत्तर: इसमें 15 जुलाई 2026 तक 90 संगठन शामिल हैं, जिनमें दूरसंचार ऑपरेटर, उपकरण निर्माता, अग्रणी आईआईटी (IITs), स्टार्टअप और राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।
प्रश्न 5: 6जी तकनीक 5जी से कैसे अलग होगी?
उत्तर: यह वायरलेस संचार (Wireless Communication) को 5जी की तुलना में 100 गुना अधिक गति, अति-न्यून विलंबता (Ultra-low Latency) और सर्वव्यापी एआई-संचालित इंटेलिजेंस प्रदान करेगी।
