ईरान का भूमिगत Pickaxe Mountain Nuclear Site – अवस्थिति, विशेषताएं और अंतरराष्ट्रीय निगरानी
संदर्भ:
हाल ही में ईरान के सबसे सुरक्षित और गहरे भूमिगत पिकैक्स माउंटेन परमाणु स्थल (Pickaxe Mountain Nuclear Site) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारी सैन्य हमले की सीधी चेतावनी दी.
Pickaxe Mountain Nuclear Site के बारे में:
- अवस्थिति: यह स्थल ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है.
- यह ईरान के सबसे बड़े और मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र नतांज परमाणु परिसर (Natanz Nuclear Complex) से मात्र 1.5 से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
- भौगोलिक सुरक्षा: यह पर्वत रिज करकास पर्वत श्रृंखला (Karkas Range) का हिस्सा है, जो समुद्र तल से लगभग 1,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.
- अन्य नाम: स्थानीय स्तर पर इस स्थल को ‘कुह-ए कोलंग गज़ ला’ (Kuh-e Kolang Gaz La) या ‘कोलंग कूह’ कहा जाता है. अंग्रेजी में ‘कोलंग’ का अर्थ कुदाल या पिकैक्स (Pickaxe) होता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इसे पिकैक्स माउंटेन नाम दिया गया है.
- प्रकृति: यह ईरान का एक अत्यधिक सुदृढ़, उन्नत और गहरा Underground Nuclear Site है. इसे परमाणु हमलों और बंकर-बस्टर बमों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए पहाड़ों को काटकर बनाया गया है.
- निर्माण: इस खुफिया स्थल का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू हुआ था. वर्ष 2020 में नतांज में ईरान के उन्नत सेंट्रीफ्यूज असेंबली कारखाने में एक रहस्यमय विस्फोट (संभावित तोड़फोड़) हुआ था.
- इसके बाद ईरान ने अपनी संवेदनशील Nuclear Infrastructure को बाहरी हवाई हमलों से बचाने के लिए इस गहरी भूमिगत सुरंग परियोजना को शुरू किया.
- विशेषताएं:
- अभूतपूर्व गहराई: यह परमाणु सुविधा पहाड़ की ठोस सतह से कम से कम 100 मीटर (328 फीट) से लेकर 140 मीटर तक की गहराई में स्थित है. यह ईरान के पुराने भूमिगत स्थल ‘फोर्डो’ (Fordo) से भी कहीं अधिक गहरा और सुरक्षित है.
- ज्वालामुखी चट्टानों का कवच: यह पूरा परिसर अत्यधिक कठोर ग्रेनाइट और प्राचीन ज्वालामुखी चट्टानों (Hard Volcanic Rock) के नीचे दबा हुआ है. यह आवरण अमेरिकी सेना के सबसे शक्तिशाली ‘गाइड बम’ (GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर) के प्रहार को भी झेलने में सक्षम है.
- तरंग विक्षेपण क्षमता (Wave Dispersion): पहाड़ के भीतर प्राकृतिक भ्रंशों (Fault Zones) और फ्रैक्चर का एक जटिल जाल है.
- यह सैन्य हमलों से उत्पन्न होने वाले घातक भूकंपीय और गतिज शॉक वेव्स (Shock Waves) को बिखेर देता है, जिससे आंतरिक कक्षों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता.
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम में भूमिका:
- सेंट्रीफ्यूज का स्थानांतरण: इजरायली खुफिया एजेंसी (Mossad) के नवीनतम इनपुट के अनुसार, ईरान ने पिछले कुछ महीनों में हजारों उन्नत यूरेनियम-संवर्धन सेंट्रीफ्यूज (Uranium-enrichment Centrifuges) को नतांज की ऊपरी सतह से हटाकर इस सुरक्षित सुरंग नेटवर्क के भीतर स्थापित कर दिया है.
- परमाणु ईंधन संवर्धन: विशेषज्ञों को अंदेशा है कि ईरान यहाँ 60% शुद्धता वाले हथियारों के ग्रेड के करीब यूरेनियम का संवर्धन या गुप्त भंडारण कर सकता है, जो परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) बनाने की दिशा में अंतिम कदम माना जाता है.
- अंतरराष्ट्रीय निगरानी:
- IAEA की पहुंच पर रोक: संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रोसी के अनुसार, ईरान ने इस स्थल पर किसी भी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को जाने की अनुमति नहीं दी है.
- सूचना का अभाव: ईरान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस स्थल की आंतरिक वास्तुकला, स्थापित मशीनों और वर्तमान Atomic Energy गतिविधियों की कोई भी आधिकारिक जानकारी आईएईए (IAEA) के साथ साझा नहीं की है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: पिकैक्स माउंटेन परमाणु स्थल क्या है?
उत्तर: यह ईरान की एक अत्यधिक सुदृढ़ और खुफिया परमाणु सुविधा (Iran Nuclear Facility) है, जिसे पहाड़ों को काटकर बहुत गहराई में विकसित किया गया है.
प्रश्न 2: यह परमाणु सुविधा कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह मध्य ईरान में तेहरान से 220 किमी दक्षिण में, प्रसिद्ध नतांज यूरेनियम संवर्धन परिसर के पास करकास पर्वत श्रृंखला के भीतर स्थित है.
प्रश्न 3: इसे भूमिगत क्यों बनाया गया है?
उत्तर: वर्ष 2020 में ऊपरी केंद्रों पर हुए हमलों के बाद, अपनी संवेदनशील परमाणु तकनीकों को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों और बंकर-बस्टर बमों से बचाने के लिए इसे भूमिगत बनाया गया.
प्रश्न 4: ईरान के परमाणु कार्यक्रम में इसकी क्या भूमिका है?
उत्तर: यह माना जाता है कि ईरान ने यहाँ अपने उन्नत सेंट्रीफ्यूज स्थानांतरित किए हैं, जिनका उपयोग परमाणु ईंधन के निर्माण या अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित छिपाने के लिए किया जा सकता है.
प्रश्न 5: क्या यह स्थल अंतरराष्ट्रीय निगरानी में है?
उत्तर: नहीं, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को इस स्थल के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी है और न ही इसके बारे में कोई विधिक जानकारी साझा की है. जेल या जुर्माना हो सकता है.।
