Red Sea- स्थिति, विस्तार, प्रकृति और रणनीतिक महत्व
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संदर्भ:
हाल ही में यमन तट के पास हुती विद्रोहियों द्वारा किए गए घातक मिसाइल हमले के बाद लाल सागर (Red Sea) में भारतीय ध्वज वाला एक वाणिज्यिक जहाज पूरी तरह डूब गया। जिसके बाद जहाज पर सवार सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
लाल सागर (Red Sea) के बारे में:
- भौगोलिक स्थिति: लाल सागर (Red Sea) हिंद महासागर की एक इनलेट (Inlet) या संकीर्ण समुद्री पट्टी है, जो अफ्रीका और एशिया महाद्वीपों के बीच स्थित है।
- यह उत्तर में सिनाई प्रायद्वीप और स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ता है।
- इसके तट कुल छह देशों की सीमाओं को स्पर्श करते हैं। ये DESSEY है:
- अफ्रीकी तट: मिस्र (Egypt), सूडान (Sudan), इरिट्रिया (Eritrea), और जिबूती (Djibouti)।
- एशियाई तट: सऊदी अरब (Saudi Arabia) और यमन (Yemen)।
- क्षेत्रफल: लाल सागर का कुल क्षेत्रफल लगभग 4,38,000 वर्ग किलोमीटर है।
- इसकी कुल लंबाई लगभग 2,250 किलोमीटर है, जबकि इसकी अधिकतम चौड़ाई 355 किलोमीटर है।
- अत्यधिक लवणता (High Salinity): यह दुनिया के सबसे नमकीन और गर्म जल निकायों में से एक है। इसका कारण यहाँ वाष्पीकरण की उच्च दर और किसी भी बड़ी नदी का इसमें न गिरना है।
- नामकरण: इसका नाम ‘लाल सागर’ इसमें पाए जाने वाले एक विशेष सायनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria) ‘ट्राइकोडेस्मियम एरिथ्रियम’ (Trichodesmium erythraeum) के कारण है, जो मौसम बदलने पर पानी की ऊपरी सतह को लाल-भूरा रंग प्रदान करता है।
- रणनीतिक प्रवेश द्वार (Strategic Chokepoints): लाल सागर दो अत्यंत महत्वपूर्ण जलडमरूमध्यों (Chokepoints) के बीच स्थित है:
- उत्तर में: स्वेज नहर (Suez Canal) और अकाबा की खाड़ी।
- दक्षिण में: बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait), जो इसे अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- महत्व: यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Trade Route) की जीवन रेखा माना जाता हैं:
- स्वेज नहर का लिंक: वैश्विक समुद्री व्यापार (Global Trade) का लगभग 12% से 15% हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
- समय और ईंधन की बचत: यह एशिया को यूरोप से जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री मार्ग (Red Sea Route) है। इस मार्ग के बंद होने पर जहाजों को अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ से घूमकर जाना पड़ता है, जिससे यात्रा में 10 से 14 दिनों का अतिरिक्त समय और भारी वित्तीय लागत आती है।
- भारत: भारत का यूरोपीय संघ, अमेरिका के पूर्वी तट, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के साथ होने वाला व्यापार इसी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग (International Shipping) मार्ग पर निर्भर है।
- भारत के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 20% से 25% भाग लाल सागर से होकर जाता है।
- भारत द्वारा रूस और खाड़ी देशों से आयात किया जाने वाला कच्चा तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से सुरक्षित भारतीय बंदरगाहों तक पहुँचता है।
- लाल सागर में दुनिया की कुछ सबसे लचीली प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs) पाई जाती हैं, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सहने में सक्षम हैं। इनका अध्ययन भारत के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
लाल सागर संकट (Red Sea Crisis):
- हुती विद्रोहियों का आतंक: यमन के हुती (Houthi) विद्रोही इजरायल-हमास संघर्ष की पृष्ठभूमि में लाल सागर और बाब-अल-मंडेब से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Vessels) पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं।
- नौवहन सुरक्षा को खतरा: भारतीय ध्वज वाले जहाज का हालिया डूबना इस क्षेत्र में बढ़ती समुद्री असुरक्षा (Maritime Security Crisis) का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इससे वैश्विक माल ढुलाई दरों (Freight Rates) और बीमा प्रीमियम में भारी उछाल आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: लाल सागर कहाँ स्थित है?
उत्तर: लाल सागर अफ्रीका और एशिया महाद्वीपों के बीच स्थित हिंद महासागर का एक रणनीतिक हिस्सा है, जो उत्तर में स्वेज नहर से जुड़ता है।
प्रश्न 2: लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह एशिया और यूरोप के बीच सबसे छोटा वैश्विक व्यापार मार्ग (Global Trade Route) है, जहाँ से दुनिया का लगभग 12% समुद्री व्यापार गुजरता है।
प्रश्न 3: लाल सागर में हाल के तनाव का कारण क्या है?
उत्तर: यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा इस मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमले इस तनाव का मुख्य कारण हैं।
प्रश्न 4: इसका भारत के व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: इससे भारत के निर्यात और तेल आयात की लागत बढ़ जाएगी, जहाजों के चक्कर लगाने से समय अधिक लगेगा और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
प्रश्न 5: लाल सागर मार्ग से कौन-कौन से प्रमुख जहाज गुजरते हैं?
उत्तर: इस मार्ग (Red Sea Shipping) से मुख्य रूप से कच्चे तेल के बड़े टैंकर, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कार्गो और विभिन्न उपभोक्ता वस्तुओं से भरे कंटेनर जहाज गुजरते हैं।
