National Handloom Awards 2025- प्रमुख प्राप्तकर्ता, चयन प्रक्रिया, पुरस्कार का स्वरूप
संदर्भ:
हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (RBCC) में आयोजित समारोह में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025 (National Handloom Awards 2025) प्रदान किए.
राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार (National Handloom Awards) क्या हैं?
- परिचय: यह पुरस्कार भारतीय हथकरघा (Indian Handloom) क्षेत्र में उत्कृष्ट शिल्प कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, और पारंपरिक डिज़ाइनों के संरक्षण के लिए मास्टर बुनकरों और संस्थानों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है.
- मंत्रालय: यह पुरस्कार भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) के प्रशासनिक नियंत्रण में प्रदान किया जाता है.
- ये पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (NHDP) के ‘हथकरघा विपणन सहायता’ (HMA) घटक के तहत संस्थागत किए गए हैं.
- इतिहास: हथकरघा उद्योग (Handloom Industry) में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए इन पुरस्कारों की स्थापना की गई थी.
- वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ (National Handloom Day) के अवसर पर यह सम्मान दिया जाता है.
- इसी दिन वर्ष 1905 में ‘स्वदेशी आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी, जिसने भारतीय वस्त्रों को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था.
- पात्रता मानदंड: इसके लिए देश के सभी मास्टर हथकरघा बुनकर (Handloom Weavers), सहकारी समितियां, वस्त्र डिजाइनर और स्टार्टअप उद्यमी पात्र होते हैं. महिलाओं और दिव्यांग बुनकरों के लिए विशेष श्रेणियां आरक्षित हैं.
- चयन प्रक्रिया: वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, विजेताओं का चयन एक अत्यंत पारदर्शी और कठोर बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया द्वारा होता है:
- क्षेत्रीय स्तर (Zonal Committee): प्रारंभिक तकनीकी जांच और भौतिक सत्यापन.
- मुख्यालय स्तर (Headquarters Committee): वस्त्रों की कलात्मकता और गुणवत्ता का कड़ा मूल्यांकन.
- केंद्रीय स्तर (Central Level Selection Committee): वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, डिजाइनरों और तकनीकी विशेषज्ञों की जूरी द्वारा अंतिम नामों की स्वीकृति.
- श्रेणी: इस समारोह के अंतर्गत मुख्य रूप से दो श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं:
- संत कबीर हथकरघा पुरस्कार (Sant Kabir Handloom Award): यह हथकरघा बुनकरों के लिए देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो पारंपरिक बुनाई के संरक्षण में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है.
- एक मढ़ा हुआ सोने का सिक्का, ताम्रपत्र (तांबे की पट्टिका), शॉल, प्रमाण पत्र और ₹3.5 लाख की नकद राशि.
- राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार (National Handloom Award): यह रचनात्मकता, डिजाइन नवाचार और बाजार पहुंच में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है.
- एक ताम्रपत्र, शॉल, प्रमाण पत्र और ₹2 लाख की वित्तीय नकद राशि.
- प्रदानकर्ता: यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है.
वर्ष 2025 के शीर्ष प्राप्तकर्ता:
इस वर्ष कुल 22 विजेताओं (3 संत कबीर और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार) को सम्मानित किया गया, जो भारत के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं:
- संत कबीर हथकरघा पुरस्कार विजेता (Sant Kabir Awardees):
- राम मेहर (ओडिशा): इन्हें उनकी उत्कृष्ट ‘विचित्रपार खादी साड़ी’ (Bichitpar Khadi Saree) के निर्माण और पारंपरिक ओडिशा बुनाई तकनीकों के संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया.
- रुनिमा चेतिया चौधरी (असम): इन्हें पूर्वोत्तर की समृद्ध रेशम परंपरा को बढ़ावा देने वाली शानदार ‘मूंगा सिल्क साड़ी’ (Muga Silk Saree) की बेहतरीन कलात्मकता के लिए यह सर्वोच्च सम्मान मिला.
- शाह मुहम्मद अंसारी (उत्तर प्रदेश): इन्हें अवध की लुप्तप्राय और दुर्लभ बुनाई शैली ‘ज़रबाफ़्त शेवतांबरी अवध जामदानी साड़ी’ (Zarbaft Shewatambari Awadh Jamdhani Saree) को पुनर्जीवित करने के लिए पुरस्कार दिया गया.
- राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार विजेता (Key National Handloom Awardees):
- शीतल तामांग (सिक्किम): सिक्किम के सोरोक की इस बुनकर को पारंपरिक ‘लेप्चा वस्त्रों’ (Lepcha Textiles) के प्रचार-प्रसार और पूर्वोत्तर की स्वदेशी कला को राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए सम्मानित किया गया.
- डिजाइन विकास श्रेणी: तमिलनाडु के गोपीनाथन एम.वी. और पश्चिम बंगाल के मंटू बसाक को आधुनिक बाजार के अनुकूल डिजाइन नवाचारों के लिए यह पुरस्कार मिला.
- विपणन एवं प्रचार श्रेणी: आंध्र प्रदेश के एन. वेंकटेश्वर राव और तमिलनाडु की CH-31 कोविलवझी हथकरघा बुनकर सहकारी समिति को हथकरघा उत्पादों (Handloom Products) के उत्कृष्ट विपणन के लिए चुना गया.
- हथकरघा स्टार्टअप श्रेणी: असम की संस्था मार्वेला एसोसिएट्स को हथकरघा क्षेत्र में नए व्यावसायिक उद्यम और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया.
हथकरघा संवर्धन और राष्ट्रीय महत्व:
- ग्रामीण रोजगार का आधार: कृषि के बाद हथकरघा क्षेत्र भारत में स्थायी ग्रामीण रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, यह 35 लाख से अधिक लोगों की आजीविका का स्त्रोत है.
- महिला सशक्तिकरण: इस उद्योग के कुल कार्यबल में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं. यह पुरस्कार महिला बुनकर समुदाय (Weaver Community) को आर्थिक और सामाजिक संप्रभुता प्रदान करता है.
- पर्यावरण अनुकूल और सतत विकास: शून्य-कार्बन उत्सर्जन और प्राकृतिक रेशों के उपयोग के कारण यह क्षेत्र वैश्विक स्तर पर ‘सतत वस्त्र उत्पादन’ (Sustainable Textile Production) का आदर्श मॉडल है.
- डिजिटल कूटनीति और ई-कॉमर्स: राष्ट्रपति मुर्मु ने समारोह में जोर दिया कि ‘इलेक्ट्रॉनिक-कॉमर्स’ (E-commerce) प्लेटफॉर्म और ‘बुनकर मित्र’ जैसे डिजिटल समाधानों के माध्यम से भारतीय हथकरघा ब्रांड को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) से जोड़ना अनिवार्य है.
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025 क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा बुनकरों को उनकी उत्कृष्ट रचनात्मकता, कलात्मकता और उत्कृष्ट शिल्प कौशल के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार है.
प्रश्न 2: राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार किसे प्रदान किया जाता है?
उत्तर: यह पुरस्कार देश के मास्टर बुनकरों, पारंपरिक डिजाइनरों, सहकारी समितियों और हथकरघा क्षेत्र (Handloom Sector India) में काम करने वाले स्टार्टअप्स को दिया जाता है.
प्रश्न 3: राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य भारत की विविध वस्त्र विरासत का संरक्षण करना, बुनकरों की आय बढ़ाना और युवाओं को इस पारंपरिक कला से जोड़ना है.
प्रश्न 4: इस पुरस्कार के लिए बुनकरों का चयन कैसे किया जाता है?
उत्तर: विजेताओं का चयन तकनीकी विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की प्रख्यात जूरी द्वारा क्षेत्रीय, मुख्यालय और केंद्रीय स्तर की त्रि-स्तरीय कठोर जांच के बाद होता है.
प्रश्न 5: राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार कौन प्रदान करता है?
उत्तर: वस्त्र मंत्रालय (Textile Ministry) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के दौरान यह प्रतिष्ठित पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है.India) को संस्थागत बनाना है. केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा अनुशंसित कर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की आधिकारिक पुरस्कार वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाता है।
