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NASA के आर्टेमिस समझौते में तुर्की शामिल, हस्ताक्षर करने वाला 71वां सदस्य देश बना

NASA के आर्टेमिस समझौते में तुर्की शामिल, हस्ताक्षर करने वाला 71वां सदस्य देश बना

Artemis Accords

संदर्भ:

हाल ही में तुर्की (Türkiye) आधिकारिक तौर पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के नेतृत्व वाले आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) में शामिल हुआ। तुर्की इस वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग ढांचे पर हस्ताक्षर करने वाला 71वां सदस्य देश (71st Member Country) बना।

आर्टेमिस समझौता क्या हैं?

  • परिचय: आर्टेमिस समझौता नागरिक अंतरिक्ष गतिविधियों (Civil Space Activities) के संचालन, नागरिक अन्वेषण और चंद्रमा, मंगल, पुच्छल तारों (Asteroids) व अन्य खगोलीय पिंडों के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों का एक गैर-बाध्यकारी राजनीतिक संकल्प (Non-binding Political Commitment) है।
  • स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 2020 में नासा (NASA) और अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) द्वारा की गई थी।
    • यह मुख्य रूप से 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के सिद्धांतों पर आधारित है।
  • आवश्यकता: अंतरिक्ष में निजी और सरकारी दोनों प्रकार के हितधारकों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए, अंतरिक्ष गतिविधियों में टकराव को रोकने, परिचालन सुरक्षा बढ़ाने और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इस विधिक-तकनीकी ढांचे का गठन किया गया।
  • हस्ताक्षरकर्ता देश:
    • संस्थापक देश (2020): इस समझौते की शुरुआत 8 संस्थापक देशों के साथ हुई थी, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), यूनाइटेड किंगडम (UK), ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, इटली, लक्ज़मबर्ग और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल थे।
    • चरणीय विस्तार (2021-2026):
      • 2021: दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, ब्राजील, यूक्रेन, मैक्सिको।
      • 2022: फ्रांस, सऊदी अरब, बहरीन, सिंगापुर, कोलंबिया, रोमानिया, नाइजीरिया, रवांडा।
      • 2023: भारत (27वां सदस्य), स्पेन, जर्मनी, अर्जेंटीना, चेक गणराज्य, इक्वाडोर।
      • 2024-2025: बेल्जियम, स्वीडन, स्लोवेनिया, आर्मेनिया, चिली, साइप्रस आदि।
      • 2026 (अद्यतन): नवीनतम विस्तार के तहत वर्ष 2026 में पेरू, स्लोवाकिया और हाल ही में तुर्की 71वें सदस्य के रूप में जुड़े हैं।

आर्टेमिस समझौते के प्रमुख प्रावधान (Key Provisions of Artemis Accords):

यह अंतरराष्ट्रीय चंद्र अन्वेषण (International Moon Exploration) ढांचा निम्नलिखित 5 व्यावहारिक सिद्धांतों को अनिवार्य बनाता है:

  • शांतिपूर्ण अन्वेषण (Peaceful Exploration): सभी गतिविधियां संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय नियमों और बाह्य अंतरिक्ष संधि के अनुसार विशुद्ध रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए की जाएंगी।
  • पारदर्शिता और अंतर-संचालनीयता (Transparency and Interoperability): सदस्य देश अपनी अंतरिक्ष नीतियों को सार्वजनिक करेंगे और तकनीकी प्रणालियों को इस तरह डिजाइन करेंगे कि वे अन्य देशों के उपकरणों के साथ मिलकर काम (Interoperable) कर सकें।
  • वैज्ञानिक डेटा का प्रसार (Sharing Scientific Data): इस मिशन के तहत प्राप्त सभी वैज्ञानिक और शोध डेटा को दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त और सार्वजनिक रूप से जारी किया जाएगा।
  • अंतरिक्ष मलबे का शमन (Debris Mitigation): अंतरिक्ष मलबे को कम करने और मिशन के अंत में अंतरिक्ष यान के सुरक्षित निपटान के लिए सख्त योजनाएं बनाना।
  • सुरक्षा क्षेत्र और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण (Safety Zones & Heritage Preservation): हानिकारक हस्तक्षेप को रोकने के लिए अस्थायी ‘सुरक्षा क्षेत्र’ (Safety Zones) बनाना और ऐतिहासिक चंद्र स्थलों (जैसे अपोलो लैंडिंग साइट्स) का संरक्षण करना।

भारत का आर्टेमिस समझौते में शामिल होना:

  • शामिल होने की तिथि: भारत 21 जून 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला 27वां देश बना था।
  • रणनीतिक दृष्टिकोण: भारत का दृष्टिकोण अंतरिक्ष में अपनी सॉफ्ट पावर (Soft Power) और तकनीकी कौशल को स्थापित करना है।
    • आर्टेमिस कार्यक्रम (Artemis Programme) के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को नासा की उन्नत प्रौद्योगिकियों तक सीधी पहुंच प्राप्त हो रही है।
      • Artemis Programme नासा का एक महत्वाकांक्षी चंद्र कार्यक्रम (NASA Lunar Programme) है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली महिला और अगले पुरुष को उतारना तथा वहां स्थायी आधार बनाना है।
  • महत्वाकांक्षाएं: भारत इसके तहत नासा के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए संयुक्त मानव मिशन और अपने स्वयं के ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (BAS) तथा भावी ‘चंद्रयान मिशनों’ के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट हासिल करना चाहता है। यह भारत की आत्मनिर्भर अंतरिक्ष नीति (Atmanirbhar Space Policy) को वैश्विक रूप से एकीकृत करता है।

तुर्की का शामिल होना: कब, कहाँ और क्या हैं मायने?

  • तिथि: तुर्की ने 31 अगस्त 2026 को वाशिंगटन, डी.सी. स्थित नासा मुख्यालय (NASA Headquarters) में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • उपस्थिति: तुर्की के उद्योग और प्रौद्योगिकी मंत्री मेहमत फातिह कासिर ने इस पर हस्ताक्षर किए।
    • इस दौरान तुर्की अंतरिक्ष एजेंसी (TUA) के अध्यक्ष यूसुफ किराक और नासा के प्रशासक जारेड इसाकमैन (Jared Isaacman) उपस्थित थे।
  • मायने:
    • राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का विकास: तुर्की अपने राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक मानकों के अनुकूल बना रहा है。 तुर्की ने 2024 में अपने पहले अंतरिक्ष यात्री अल्पर गेजेरावी (Alper Gezeravcı) को आईएसएस पर भेजा था।
    • चंद्र मिशन ‘AYAP-1’ को गति: तुर्की वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में अपने स्वदेशी हाइब्रिड प्रोपल्शन सिस्टम पर आधारित पहला चंद्र मिशन AYAP-1 लॉन्च करने की तैयारी में है। इस समझौते से उसे नासा का डेटा समर्थन मिलेगा।
    • खेल/डिप्लोमेसी होस्ट: यह रणनीतिक कदम अक्टूबर 2026 में अंटाल्या (Antalya) में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री कांग्रेस (IAC) से ठीक पहले उठाया गया है, जहां तुर्की दर्जनों आर्टेमिस देशों की मेजबानी करेगा।

वैश्विक स्तर पर इस समझौते का महत्व:

  • बहुपक्षीय अंतरिक्ष कूटनीति: यह समझौता चंद्रमा पर मानव की स्थायी उपस्थिति (Sustained Human Presence) और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण (Deep-space Exploration) के लिए एक अमेरिका-नेतृत्व वाला मजबूत अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाता है।
  • भू-राजनीतिक ध्रुवीकरण: आर्टेमिस समझौते के समानांतर, चीन और रूस मिलकर इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (ILRS) का निर्माण कर रहे हैं। ऐसे में तुर्की जैसी उभरती हुई अंतरिक्ष ताकतों का आर्टेमिस में शामिल होना अंतरिक्ष भू-राजनीति (Space Geopolitics) के संतुलन को बदल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Türkiye ने Artemis Accords पर कब हस्ताक्षर किए?

उत्तर: तुर्की ने 31 अगस्त 2026 को वाशिंगटन डी.सी. स्थित नासा मुख्यालय में एक आधिकारिक राजनयिक समारोह के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

प्रश्न 2: Türkiye Artemis Accords का कौन-सा Member Country बना है?

उत्तर: तुर्की इस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अन्वेषण समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला दुनिया का 71वां (71st) सदस्य देश बन गया।

प्रश्न 3: Artemis Accords का 71वां Member बनने का क्या महत्व है?

उत्तर: इससे तुर्की का बढ़ता अंतरिक्ष कार्यक्रम (Turkey Space Agency) अमेरिकी नेतृत्व वाले वैश्विक नेटवर्क से जुड़ गया है, जो उसके आगामी 2027 के चंद्र मिशन (AYAP-1) में सहायक होगा।

प्रश्न 4: Artemis Accords क्या है?

उत्तर: यह चंद्रमा और मंगल के नागरिक अन्वेषण (Civil Exploration) तथा शांतिपूर्ण उपयोग को विनियमित करने के लिए नासा द्वारा तैयार किए गए सिद्धांतों का एक समूह है।

प्रश्न 5: NASA Artemis Accords का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य बाहरी अंतरिक्ष गतिविधियों में सुरक्षा बढ़ाना, वैज्ञानिक डेटा साझा करना, अंतरिक्ष मलबे को कम करना और विवादों को टालना है।

प्रश्न 6: Artemis Accords में कितने देशों ने हस्ताक्षर किए हैं?

उत्तर: तुर्की के नवीनतम प्रवेश के साथ ही इस समझौते (Artemis Accords Signatories) पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की कुल संख्या अब 71 हो गई है।

प्रश्न 7: Türkiye के Artemis Accords में शामिल होने से क्या फायदा होगा?

उत्तर: तुर्की को नासा और अन्य 70 सहयोगी देशों के साथ वैज्ञानिक सहयोग, डेटा शेयरिंग और उन्नत चंद्र प्रौद्योगिकियों के विकास में सीधी मदद मिलेगी।

प्रश्न 8: Artemis Programme क्या है?

उत्तर: यह नासा का एक महत्वाकांक्षी चंद्र कार्यक्रम (NASA Lunar Programme) है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली महिला और अगले पुरुष को उतारना तथा वहां स्थायी आधार बनाना है।

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