Veligonda Project First Phase Inauguration, मुख्यमंत्री नायडू द्वारा पहले चरण का किया गया उद्घाटन

संदर्भ:
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रकाशम जिले के कोथापल्ली में पूला सुब्बैया वेलिगोंडा परियोजना के पहले चरण (Veligonda Project First Phase Inauguration) का आधिकारिक उद्घाटन कर इसे राज्य को समर्पित किया।
पूला सुब्बैया वेलिगोंडा परियोजना के बारे में:
- परिचय: Veligonda Project phase 1 आंध्र प्रदेश की एक विशाल और महत्वाकांक्षी बाढ़ डायवर्जन व सिंचाई परियोजना (Flood Water Diversion & Irrigation Project) है।
- इसके तहत कृष्णा नदी (Krishna River) के बाढ़ के अधिशेष जल को श्रीशैलम जलाशय (Srisailam Reservoir) के अग्रभाग (Forebay) से खींचकर नल्लमला पहाड़ियों (Nallamala Hills) के पार स्थानांतरित किया जाना है।
- अवस्थिति: यह आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) राज्य के प्रकाशम, नेल्लोर और कडप्पा जिलों के सूखाग्रस्त एवं फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत है।
- कार्यान्वयन: इसका निर्माण आंध्र प्रदेश जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) द्वारा कई निजी तकनीकी कंसोर्टियम के सहयोग से किया जा रहा है।
- लागत: इस संपूर्ण परियोजना के विभिन्न चरणों के पूरा होने तक लगभग ₹10,000 करोड़ से अधिक की संशोधित लागत का अनुमान है।
- पृष्ठभूमि: इस परियोजना की परिकल्पना सर्वप्रथम 1990 के दशक में दूरदर्शी दिवंगत नेता पूला सुब्बैया द्वारा की गई थी, ताकि पश्चिमी प्रकाशम के जल संकट को दूर किया जा सके।
- नायडू ने 5 मार्च, 1996 को गोट्टीपाडिया में परियोजना की पहली भूमि पूजा की।
- इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी द्वारा रखी गई थी।
- जटिल भूगर्भीय चुनौतियों, वित्तीय बाधाओं और नल्लमला वन्यजीव अभ्यारण्य (Nallamala Wildlife Sanctuary) से संबंधित पर्यावरणीय स्वीकृतियों में देरी के कारण यह परियोजना दो दशकों से अधिक समय तक लंबित रही।
- अंततः, तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए अगस्त 2026 में इसका पहला चरण धरातल पर उतरा।
- विशेषताएं:
- चरणीय कार्यान्वयन: यह विशाल सिंचाई परियोजना (Veligonda Irrigation Project) दो मुख्य चरणों में पूरी की जा रही है:
- प्रथम चरण: इसके तहत सुरंग-1 (Tunnel-1) का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से 100% पूरा कर लिया गया है।
- श्रीशैलम से कृष्णा नदी के 4,000 क्यूसेक बाढ़ के पानी को मोड़ने की क्षमता विकसित हो चुकी है।
- इसके माध्यम से वर्तमान में प्रकाशम जिले के 1.19 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई जल की आपूर्ति (Veligonda Project Water Supply) शुरू कर दी गई है।
- द्वितीय चरण (Phase 2 – निर्माणाधीन): इसके अंतर्गत सुरंग-2 (Tunnel-2) के बचे हुए हिस्से की खुदाई और अस्तर (Lining) का काम अंतिम दौर में है।
- इसके पूरे होने पर अतिरिक्त 7,500 क्यूसेक पानी डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे नेल्लोर और कडप्पा जिलों की शेष 3.28 लाख एकड़ भूमि को सिंचित किया जाएगा।
- सुरंग 1 और सुरंग 2 (Tunnels 1 & 2): नल्लमला वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाए बिना पानी ले जाने के लिए दो विशाल जलविद्युत सुरंगों (Water Tunnels) का निर्माण किया गया है। सुरंग-1 की लंबाई लगभग 18.8 किलोमीटर है। सुरंगों की खुदाई के लिए विशाल टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का उपयोग किया गया है।
- वेलिगोंडा जलाशय (Veligonda Reservoir): नल्लमला पहाड़ियों की प्राकृतिक घाटियों को आपस में जोड़ने के लिए तीन मुख्य मिट्टी के बांधों (Earth Dams)—गोटिपुलिया, सुंकसुल और कक्किलेरू—का निर्माण करके एक विशाल एकीकृत जलाशय (Nallamala Sagar) बनाया गया है।
- कुल क्षेत्रफल और सिंचाई क्षमता: पूरी परियोजना संपन्न होने पर 4.47 लाख एकड़ कृषि भूमि को सुनिश्चित सिंचाई प्रदान करेगी और 15.25 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएगी।
महत्व:
- फ्लोराइड संकट का स्थायी समाधान: पश्चिमी प्रकाशम जिला दशकों से भूजल में अत्यधिक फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहा था, जिससे स्थानीय आबादी में कंकाल फ्लोरोसिस (Skeletal Fluorosis) जैसी बीमारियाँ आम थीं। यह परियोजना 30 मंडल के 843 गांवों को सुरक्षित और स्वच्छ सतही पेयजल प्रदान करेगी।
- कृषि संकट और प्रवासन पर रोक: यह सूखाग्रस्त क्षेत्रों (Drought-prone Areas) को सस्य-श्यामला बनाकर कृषि उत्पादकता बढ़ाएगी। इससे रोजगार के अभाव में होने वाले ग्रामीण-शहरी प्रवासन (Rural-Urban Migration) में भारी कमी आएगी।
- पूरक जल प्रबंधन: मानसून के दौरान कृष्णा नदी के समुद्र में व्यर्थ बह जाने वाले बाढ़ के पानी (Flood Surplus Water) को रोककर सूखे इलाकों में संचित करना भारत के एकीकृत जल प्रबंधन के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Poola Subbaiah Veligonda Project क्या है?
उत्तर: यह आंध्र प्रदेश की एक प्रमुख बाढ़ डायवर्जन सिंचाई परियोजना (Veligonda Irrigation Project) है, जो श्रीशैलम जलाशय से कृष्णा नदी के पानी को सूखाग्रस्त जिलों में पहुंचाती है।
प्रश्न 2: Veligonda Project के पहले चरण का उद्घाटन किसने किया?
उत्तर: इस परियोजना के पहले चरण (Veligonda Project Phase 1) का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा किया गया।
प्रश्न 3: मुख्यमंत्री Chandrababu Naidu ने Veligonda Project का उद्घाटन कब किया?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने 31 अगस्त 2026 को एक विशेष समारोह के दौरान इस ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परियोजना का आधिकारिक उद्घाटन किया।
प्रश्न 4: Veligonda Project का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश के अत्यंत पिछड़े और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में व्यापक सिंचाई नेटवर्क का विस्तार करना तथा फ्लोराइड मुक्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 5: Veligonda Project से किन जिलों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: इस जल परियोजना (Andhra Pradesh Water Projects) से मुख्य रूप से प्रकाशम, नेल्लोर और कडप्पा जिलों के लाखों नागरिकों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रश्न 6: Veligonda Irrigation Project से किसानों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: परियोजना के पूर्ण होने पर 4.47 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई का पानी मिलेगा, जिससे फसल उत्पादकता बढ़ेगी।
प्रश्न 7: Veligonda Project में पानी की आपूर्ति कैसे की जाएगी?
उत्तर: श्रीशैलम जलाशय से नल्लमला पहाड़ियों के नीचे बनाई गई एशिया की सबसे लंबी दो जुड़वां जलविद्युत सुरंगों (Veligonda Tunnel Project) के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
प्रश्न 8: Poola Subbaiah Veligonda Project का Andhra Pradesh के लिए क्या महत्व है?
उत्तर: यह आंध्र प्रदेश सिंचाई विकास (Andhra Pradesh Irrigation Development) का मील का पत्थर है, जो रायलसीमा और तटीय आंध्र के सूखाग्रस्त बेल्ट की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल देगा।