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Paris International Space Summit 2026: आयोजन, भागीदारी एवं महत्वपूर्ण समझौते

Paris International Space Summit 2026: आयोजन, भागीदारी एवं महत्वपूर्ण समझौते

Paris International Space Summit 2026

संदर्भ:

हाल ही में फ्रांस की राजधानी पेरिस में पेरिस अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026 (Paris International Space Summit 2026) का सफल आयोजन किया गया। 

  • इस शिखर सम्मेलन में भारत और फ्रांस की अंतरिक्ष कंपनियों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक और तकनीकी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

पेरिस अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन 2026: मुख्य बिंदु:

  • परिचय: पेरिस अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए अपनी तरह का पहला वैश्विक और बहुपक्षीय मंच है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य बाह्य अंतरिक्ष (Outer Space) के सतत उपयोग, अंतरिक्ष मलबे (Space Debris) के प्रबंधन, वैश्विक अंतरिक्ष शासन (Global Space Governance) और उभरती हुई वाणिज्यिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था (Space Economy) के लिए एक सुरक्षित ढांचा तैयार करना है। 
  • आयोजन स्थल: यह शिखर सम्मेलन पेरिस (फ्रांस) के ऐतिहासिक ग्रैंड पैलैस (Grand Palais) में आयोजित किया गया।
  • तिथि: इसका आयोजन 9 और 10 सितंबर, 2026 को किया गया। 
  • मेजबानी: इस सम्मेलन की मेजबानी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन द्वारा की गई।
  • वैश्विक उपस्थिति: शिखर सम्मेलन (Space Summit 2026) में दुनिया भर के 90 से अधिक देशों के नीति-निर्माताओं, अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों, वैज्ञानिकों और निजी क्षेत्र के हितधारकों ने भाग लिया।
  • भारत का प्रतिनिधित्व: भारत की ओर से केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मार्गदर्शन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और कई ‘न्यू स्पेस’ (New Space) निजी कंपनियों ने भाग लिया।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सितंबर को इस सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया।
  • महत्वपूर्ण समझौते: इस सम्मेलन के दौरान कुल 51 प्रमुख घोषणाएं की गईं, जो लगभग 20 बिलियन यूरो (€20 Billion) के वैश्विक अंतरिक्ष निवेश और अनुबंधों से जुड़ी हैं। 
  • यूरोपीय अंतरिक्ष स्वायत्तता: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय उपग्रह नेटवर्क IRIS² (Infrastructure for Resilience, Interconnectivity and Security by Satellite) को मजबूत करने और लॉन्चिंग के लिए अमेरिकी निर्भरता कम करने पर बल दिया।
  • निजी अंतरिक्ष मिशन: ग्रीस के अंतरिक्ष यात्री एड्रियानोस गोलेमिस को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए पहले निजी मिशन पर भेजने की घोषणा की गई, जिसका नेतृत्व फ्रांसीसी अंतरिक्ष यात्री थॉमस पेस्केट करेंगे।
  • भारत-फ्रांस अंतरिक्ष सहयोग (India France Space Cooperation) के तहत तीन बड़े निजी समझौते:
  • सफ्रान स्पेस और ध्रुव स्पेस समझौता (Safran Space & Dhruva Space): फ्रांस की सफ्रान स्पेस ने भारत की ध्रुव स्पेस के साथ 5 मिलियन यूरो से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत के आगामी SBS-III अंतरिक्ष-निगरानी तारामंडल (Space-Surveillance Constellation) के लिए संचार प्रणाली और ऑप्टिकल पेलोड विकसित किए जाएंगे। इस तारामंडल के तहत 2027 से 2030 के बीच 52 उपग्रह लॉन्च किए जाने हैं। 
  • RIDE! और TakeMeToSpace समझौता: फ्रांसीसी लॉन्च-सेवा प्रदाता कंपनी RIDE! ने भारत की पहली ऑर्बिटल डेटा सेंटर डिजाइनर कंपनी ‘TakeMeToSpace’ के दो उपग्रहों को लॉन्च करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। 
  • AXISCADES और U-Space समझौता: यह वाणिज्यिक समझौता भारत के उभरते सूक्ष्म उपग्रह बाजार (Microsatellite Market) में संयुक्त रूप से रिमोट सेंसिंग और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रहों के विकास पर केंद्रित है। 

महत्व:

  • संप्रभु अंतरिक्ष क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण: निजी क्षेत्र के इन समझौतों से भारत की अंतरिक्ष मलबे को ट्रैक करने और अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता (Space Situational Awareness – SSA) की संप्रभु क्षमता मजबूत होगी।
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को बढ़ावा: यह समझौता भारत के ‘न्यू स्पेस’ (New Space) नीति के उद्देश्यों को पूरा करता है, जिसके तहत इसरो (ISRO) के साथ-साथ निजी स्टार्टअप्स को वैश्विक वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार (Global Commercial Space Market) में हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
  • रणनीतिक अंतरिक्ष कूटनीति: भारत और फ्रांस के बीच पांच दशकों से अधिक पुराना सरकारी सहयोग (ISRO-CNES) अब गहरे रणनीतिक अंतरिक्ष संवाद (Strategic Space Dialogue) और निजी व्यावसायिक गठजोड़ में बदल रहा है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Paris International Space Summit 2026 कब आयोजित हुआ?

उत्तर: प्रथम अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन का आयोजन 9 और 10 सितंबर, 2026 को पेरिस, फ्रांस में सफलतापूर्वक किया गया।

प्रश्न 2: Space Summit 2026 में किन देशों ने भाग लिया?

उत्तर: इस सम्मेलन में भारत, फ्रांस, चीन सहित दुनिया के 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों और अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने भाग लिया। 

प्रश्न 3: भारत ने Paris Space Summit में क्या घोषणा की?

उत्तर: भारत की निजी कंपनियों ने सैटेलाइट लॉन्च, अंतरिक्ष निगरानी (Space Surveillance) और माइक्रो-सैटेलाइट तकनीक के क्षेत्र में फ्रांस के साथ तीन बड़े वाणिज्यिक समझौते किए। 

प्रश्न 4: कॉपरनिकस घोषणा (Copernicus Declaration 2026) का मूल उद्देश्य क्या है?

उत्तर: यह घोषणापत्र पृथ्वी अवलोकन डेटा (Earth Observation Data) को साझा करने, जलवायु परिवर्तन की निगरानी और वैश्विक पर्यावरण सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 5: India-France Space Cooperation का क्या महत्व है?

उत्तर: यह सहयोग भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता को बढ़ाता है और दोनों देशों के बीच नागरिक तथा रक्षा अंतरिक्ष (Civil and Defence Space) संबंधों को मजबूत करता है। 

प्रश्न 6: Paris Space Summit में कौन से महत्वपूर्ण agreements हुए?

उत्तर: सम्मेलन में कुल 51 घोषणाएं हुईं जो लगभग 20 बिलियन यूरो के वैश्विक निवेश से जुड़ी हैं, जिसमें भारत की ध्रुव स्पेस और फ्रांस की सफ्रान के बीच हुआ समझौता प्रमुख है।ता है, और संवेदनशील कार्यों के लिए हमेशा यूजर की मंजूरी (Approval) लेता है।

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