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India-US Yudh Abhyas 2026, 22वां संस्करण भारत में हुआ शुरू 

India-US Yudh Abhyas 2026, 22वां संस्करण भारत में हुआ शुरू 

India-US Yudh Abhyas 2026

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय सेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास 2026 (India US Yudh Abhyas 2026) का आयोजन 9 सितंबर 2026 से भारत में शुरू हुआ। 

  • पहली बार यह संयुक्त अभ्यास विशेष दो-थिएटर प्रारूप (Two-Theatre Format) में भारत के दो अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। 

भारत-अमेरिका संयुक्त “युद्ध अभ्यास” के बारे में:

  • परिचय: युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas Exercise) भारत और अमेरिका के बीच आयोजित होने वाला सबसे बड़ा वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास (Bilateral Military Exercise) है।
    • इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच अंतःप्रचालनीयता (Interoperability), सामरिक कौशल का आदान-प्रदान और संयुक्त राष्ट्र (UN) शासनादेश के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए परिचालन तत्परता को मजबूत करना है।
  • प्रारूप: यह अभ्यास प्रतिवर्ष दोनों देशों के बीच बारी-बारी से (Alternating Base) आयोजित किया जाता है। एक वर्ष यह भारत में और अगले वर्ष अमेरिका में होता है।
  • शुरुआत: इस द्विपक्षीय श्रृंखला की शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी। इसका पहला संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सीमित शांति सेना (Peacekeeping) अभ्यास के रूप में आयोजित किया गया था। 
  • पिछला संस्करण (21st Edition): युद्ध अभ्यास का 21वां संस्करण वर्ष 2025 में फोर्ट वेनराइट, अलास्का (USA) के बर्फीले और कठिन मैदानी इलाकों में आयोजित किया गया था, जिसमें भारतीय सेना की टुकड़ी ने भाग लिया था। [6, 7]
  • वर्तमान संस्करण: वर्ष 2026 में आयोजित हो रहा यह अभ्यास इस श्रृंखला का 22वां संस्करण (Yudh Abhyas 22nd Edition) है। 
  • गतिविधियां: इस वार्षिक अभ्यास में मुख्य रूप से दो प्रकार की ड्रिल शामिल होती हैं:
  • कमांड पोस्ट एक्सरसाइज (CPX): इसमें दोनों देशों के योजना स्टाफ और कमांडर डिजिटल मानचित्रों और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से संयुक्त निर्णय लेने की प्रक्रिया का अभ्यास करते हैं।
  • फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज (FTX): इसमें पैदल सेना (Infantry) के जवान वास्तविक धरातल पर सामरिक युद्धाभ्यास, हेलीबोर्न ऑपरेशन्स, और छलावरण तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करते हैं।

युद्ध अभ्यास 2026 (22वां संस्करण) का विशिष्ट प्रारूप और भागीदारी:

  • समयावधि: यह युद्धाभ्यास 9 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक कुल तीन सप्ताह तक चलेगा। 
  • दो-थिएटर प्रारूप (Two-Theatre Format): सैनिकों को पूरी तरह से दो विपरीत भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में प्रशिक्षित करने के लिए इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है:
    1. रेगिस्तानी चरण (Bikaner, Rajasthan): प्रथम चरण बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (Mahajan Field Firing Ranges) के खुले मरुस्थलीय इलाके में आयोजित हो रहा है, जहां लंबी दूरी की मारक क्षमता पर ध्यान केंद्रित है।
    2. उच्च पर्वतीय चरण (Auli, Uttarakhand): द्वितीय चरण उत्तराखंड के औली (Yudh Abhyas 2026 Auli) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के अत्यंत निकट उच्च ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में संचालित किया जाएगा। 
  • सैन्य बल और कुल संख्या:
    • कुल सैनिक: इस अभ्यास (Indian Army US Army Exercise) में दोनों देशों की ओर से कुल 700 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें दोनों तरफ से करीब 350-350 जवानों की टुकड़ी शामिल है।
    • अमेरिकी दल की संरचना: अमेरिकी सेना की ओर से फोर्ट वेनराइट, अलास्का में तैनात उनकी विशिष्ट 11वीं एयरबोर्न डिवीजन (11th Airborne Division) के आर्कटिक-प्रशिक्षित (Arctic-trained) सैनिकों को भेजा गया है। इसके साथ ही, अत्याधुनिक लंबी दूरी की मारक प्रणालियों से लैस तीसरी मल्टी-डोमेन टास्क फोर्स (3MDTF) भी पहली बार इस द्विपक्षीय ढांचे में भाग ले रही है।
    • वायुसेना आस्तियां: अमेरिकी सेना के घातक AH-64E अपाचे (Apache) अटैक हेलीकॉप्टर पहली बार इस युद्धाभ्यास का हिस्सा बने हैं, जो हेलफायर मिसाइलों और 70 मिमी रॉकेटों से लैस हैं।
    • लंबी दूरी की मारक प्रणालियाँ (Long-Range Precision Fires): रेगिस्तानी और लाइव-फायर चरण में भारत के स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (Pinaka MBRL) और K9 वज्र (K9 Vajra) सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर का मुकाबला अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध हिमार्स (HIMARS) रॉकेट प्रणाली से हो रहा है। पर्वतीय चरण के लिए भारत M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर का उपयोग करेगा। 
  • काउंटर-ड्रोन सिस्टम: आधुनिक युद्धक्षेत्र (जैसे रूस-यूक्रेन संघर्ष) में छोटे और धीमी गति से उड़ने वाले ड्रोनों के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस साल ड्रोन-रोधी प्रणालियों (Counter Drone Systems) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
    • इसके तहत, अमेरिकी सेना ने भारत में पहली बार अपनी एमएलआईडीएस (MLIDS – Mobile Low, Slow, Small Unmanned Aircraft Integrated Defeat System) प्रणाली को तैनात किया है। 
    • यह उन्नत प्रणाली छोटे ड्रोनों को ट्रैक करने, उनके सिग्नल को जैम (Jamming) करने और उन्हें हवा में ही नष्ट करने (Intercepting) का लाइव प्रशिक्षण दोनों सेनाओं को प्रदान कर रही है। 

भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास का महत्व:

  • चीन को सख्त भू-राजनीतिक संदेश: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से मात्र 95 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के औली में उच्च-ऊंचाई वाले पर्वतीय युद्ध (High-Altitude Warfare) का अभ्यास करना सीधे तौर पर क्षेत्रीय स्थिरता और सीमाओं की सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
  • रणनीतिक एकीकरण (Digital Integration): इस अभ्यास का समापन दोनों देशों की लंबी दूरी की तोपखाना और रॉकेट प्रणालियों के डिजिटल एकीकरण (Digital Integration) के लाइव प्रदर्शन के साथ होगा, जो यह प्रमाणित करता है कि युद्ध की स्थिति में दोनों देशों के तकनीकी तंत्र आपस में संवाद कर सकते हैं।
  • मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत (Free and Open Indo-Pacific): अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल के अनुसार, यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। 

भारत और अमेरिका के बीच अन्य संयुक्त सैन्य अभ्यास

  • वज्र प्रहार (Vajra Prahar): दोनों देशों के विशेष बलों (Special Forces) के बीच आयोजित होने वाला थल सेना अभ्यास।
  • मालाबार अभ्यास (Malabar Exercise): भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (क्वाड देश) की नौसेनाओं के बीच होने वाला उच्च स्तरीय बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास.
  • कोप इंडिया (Cope India): भारतीय वायुसेना (IAF) और अमेरिकी वायुसेना (USAF) के लड़ाकू विमानों के बीच होने वाला हवाई युद्धाभ्यास.
  • टाइगर ट्रायम्फ (Tiger Triumph): दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाला एक त्रि-सेवा (Tri-Services) मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभ्यास.
  • स्पिटिंग कोबरा (Spitting Cobra): रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) रक्षात्मक रणनीति पर केंद्रित विशेष ड्रिल। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Yudh Abhyas 2026 क्या है?

उत्तर: यह भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच अंतःप्रचालनीयता और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए आयोजित किया जाने वाला सबसे बड़ा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।

प्रश्न 2: Yudh Abhyas का 22वां edition कब शुरू हुआ?

उत्तर: इस ऐतिहासिक और उन्नत सैन्य अभ्यास के 22वें संस्करण की आधिकारिक शुरुआत 9 सितंबर 2026 को हुई, जो 28 सितंबर तक संचालित रहेगा।

प्रश्न 3: India-US Yudh Abhyas 2026 कहाँ आयोजित हो रहा है?

उत्तर: यह पहली बार दो-थिएटर प्रारूप के तहत राजस्थान के महाजन फील्ड firing रेंज (मरुस्थलीय क्षेत्र) और उत्तराखंड के औली (उच्च पर्वतीय क्षेत्र) में आयोजित किया जा रहा है।

प्रश्न 4: इस military exercise में कौन-कौन सी सेनाएं शामिल हैं?

उत्तर: इसमें भारतीय सेना (Indian Army) और अमेरिकी सेना (US Army) के लगभग 700 सैनिक (प्रत्येक पक्ष से 350-350 जवान) शामिल हैं।

प्रश्न 5: Yudh Abhyas 2026 में Counter-Drone Systems क्यों इस्तेमाल किए जा रहे हैं?

उत्तर: आधुनिक युद्धक्षेत्र में छोटे और घातक मानव रहित विमानों (UAVs) के खतरों से संयुक्त रूप से निपटने और सुरक्षात्मक जैमिंग क्षमताओं को परखने के लिए अमेरिकी MLIDS प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। 

प्रश्न 6: India-US Defence Cooperation के लिए इस exercise का क्या महत्व है?

उत्तर: यह अभ्यास दोनों वैश्विक शक्तियों के बीच गहरे सैन्य विश्वास को बढ़ाता है, अत्याधुनिक प्रणालियों के डिजिटल समन्वय को सुगम बनाता है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।और मलक्का जलडमरूमध्य के पास समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

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