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PM मोदी ने पुतिन को भेंट की  तमिल महाकाव्य ‘Thirukkural’, जानिए क्या है खास?

PM मोदी ने पुतिन को भेंट की  तमिल महाकाव्य ‘Thirukkural’, जानिए क्या है खास?

PM Modi-Putin Meeting

संदर्भ:

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के दौरान द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्राचीन नीति-ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद (Russian Translation of Thirukkural) भेंट किया।

“तिरुक्कुरल” महाकाव्य के बारे में:

  • परिचय: ‘तिरुक्कुरल’ दो शब्दों से मिलकर बना है—‘तिरु’ (पवित्र या श्रद्धेय) और ‘कुरल’ (संक्षिप्त दोहा या छंद)। यह तमिल संगम साहित्य (Sangam Literature) के बाद के काल का एक अद्वितीय नीतिशास्त्र ग्रंथ है। 
  • रचयिता: इस महान ग्रंथ की रचना संत तिरुवल्लुवर (Thiruvalluvar) ने की थी।
    • उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष दार्शनिक माना जाता है, क्योंकि उनका लेखन किसी विशिष्ट धार्मिक रूढ़िवादिता से परे, पूरी मानवता के नैतिक उत्थान पर केंद्रित है। 
  • कालखंड: भाषाई और ऐतिहासिक विश्लेषणों के आधार पर तिरुक्कुरल का रचना काल ईसा पूर्व चौथी शताब्दी से लेकर ईसा की सातवीं शताब्दी (4th Century BCE to 7th Century CE) के मध्य माना जाता है।
    • अधिकांश विद्वान इसे लगभग 2,000 वर्ष पुराना प्राचीन ग्रंथ स्वीकार करते हैं। 
  • परिदृश्य: यह ग्रंथ उस संक्रमण काल में लिखा गया था जब दक्षिण भारत में सामाजिक व्यवस्था स्थापित हो रही थी और मानव जीवन को दिशा देने के लिए एक सार्वभौमिक आचार-संहिता की आवश्यकता थी।
  • विशेषताएं: 
  • कुल दोहे (Total Couplets): इस ग्रंथ में कुल 1,330 दोहे (Couplets) शामिल हैं। 
  • अध्याय वर्गीकरण: यह पूरी पुस्तक 133 अध्यायों (Chapters) में विभाजित है, जहां प्रत्येक अध्याय में सटीक 10 दोहे शामिल हैं।
  • त्रि-आयामी वर्गीकरण (The Three Parts): मानव जीवन के पुरुषार्थों को ध्यान में रखते हुए इस तमिल क्लासिक (Tamil Classic) को तीन मुख्य खंडों में बांटा गया है:
    • अराम (Aram – Virtue): नीति, सदाचार और नैतिक आचरण पर केंद्रित 38 अध्याय।
    • पोरुल (Porul – Wealth/Statecraft): यह 70 अध्यायों के साथ सबसे बड़ा खंड है, जिसमें राजा के कर्तव्य, सुशासन (Good Governance), न्याय, कृषि और रक्षा नीति का विवरण है।
    • इन्बम (Inbam – Love): मानवीय संबंधों और प्रेम पर आधारित 25 अध्याय। 
  • काव्य रूप (Metre): संपूर्ण रचना ‘कुरल वेनबा’ (Kural Venba) छंद में लिखी गई है, जिसमें प्रत्येक दोहे की पहली पंक्ति में चार शब्द और दूसरी पंक्ति में तीन शब्द होते हैं।
  • रूसी अनुवाद:
    • अनुवादक: पीएम मोदी द्वारा पुतिन को भेंट की गई इस विशेष पुस्तक (Thirukkural Book Gift) का रूसी में अनुवाद सुप्रसिद्ध भाषाविद नायरा मकर्चयन (Naira Mkrtchyan) ने किया है।
    • प्रकाशक: इसे केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (Central Institute of Classical Tamil – CICT) द्वारा वर्ष 2026 में प्रकाशित किया गया है। इस संस्करण में मूल तमिल छंदों के साथ उसका लिप्यंतरण और रूसी अनुवाद एक साथ प्रस्तुत किया गया है। 

भारत-रूस सांस्कृतिक कूटनीति में इसका महत्व:

  • ऐतिहासिक साहित्यिक जुड़ाव (Historical Literary Connection): तिरुक्कुरल का रूस के साथ संबंध बेहद पुराना है। 19वीं सदी के अंत में महान रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय (Leo Tolstoy) ने इस ग्रंथ के जर्मन अनुवाद को पढ़ा था।
    • वे इसके ‘अहिंसा’ (Non-violence) और ‘करुणा’ (Compassion) के सिद्धांतों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने प्रसिद्ध निबंध ‘ए लेटर टू ए हिंदू’ (A Letter to a Hindu) में इसका उल्लेख किया, जिसने बाद में महात्मा गांधी के विचारों को भी प्रेरित किया।
  • सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन (Showcasing Soft Power): भारत सरकार निरंतर वैश्विक मंचों पर भारत की भाषाई विविधता को बढ़ावा दे रही है। गीता और उपनिषदों के बाद तमिल साहित्य (Tamil Literature) की इस कालजयी रचना को पुतिन को सौंपना यह दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) कितनी समृद्ध और बहुआयामी है।
  • पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट: यह उपहार दोनों देशों के प्रबुद्ध समाज और शिक्षाविदों के बीच दार्शनिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: PM Modi ने Putin को Thirukkural की कौन सी book भेंट की?

उत्तर: पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT) द्वारा प्रकाशित ‘तिरुक्कुरल’ का नवनिर्मित रूसी अनुवाद (अनुवादक: नायरा मकर्चयन) भेंट किया। 

प्रश्न 2: Thirukkural क्या है और इसे किसने लिखा?

उत्तर: यह लगभग 2,000 वर्ष पुराना तमिल भाषा का महान नीतिशास्त्र और दार्शनिक ग्रंथ है, जिसकी रचना प्रसिद्ध संत-कवि तिरुवल्लुवर ने की थी। 

प्रश्न 3: Thirukkural की Russian translation क्यों खास है?

उत्तर: यह खास है क्योंकि महान रूसी दार्शनिक लियो टॉल्स्टॉय इसके सिद्धांतों से प्रभावित थे। वर्तमान संस्करण में रूसी भाषा के साथ मूल तमिल छंद भी मुद्रित हैं।

प्रश्न 4: Thirukkural में कितने couplets हैं?

उत्तर: इस कालजयी रचना में कुल 1,330 दोहे (Couplets) संकलित हैं, जो मानव जीवन के 133 विभिन्न नीतिगत अध्यायों में विभाजित हैं। 

प्रश्न 5: PM Modi ने Putin को Tamil classic क्यों gift किया?

उत्तर: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के दौरान भारत की प्राचीन बौद्धिक संपदा, सुशासन के सिद्धांतों और समृद्ध तमिल विरासत को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने के लिए यह भेंट दी गई। 

प्रश्न 6: Thirukkural India-Russia cultural diplomacy में कैसे महत्वपूर्ण है?

उत्तर: यह दोनों देशों के बीच सदियों पुराने दार्शनिक संबंधों को पुनर्जीवित कर भू-राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने और सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को प्रगाढ़ करने का सशक्त माध्यम है।

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