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New Delhi Declaration 2026 जारी, BRICS के 11 सदस्य देशों ने 140 बिंदुओं पर जताई सहमति

New Delhi Declaration 2026 जारी, BRICS के 11 सदस्य देशों ने 140 बिंदुओं पर जताई सहमति

BRICS New Delhi Declaration 2026

संदर्भ:

हाल ही में 12–13 सितंबर 2026 को भारत की मेजबानी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (18th BRICS Summit 2026) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. इस सम्मेलन में सभी 11 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 (New Delhi Declaration 2026) को अपनाया।

नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 (New Delhi Declaration 2026): मुख्य बिंदु 

  • दस्तावेज़: यह संपूर्ण घोषणापत्र कुल 45 पन्नों का एक व्यापक नीतिगत दस्तावेज़ है. 
  • सहमति बिंदु: ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक व्यवस्था से जुड़े कुल 140 बिंदुओं (BRICS 140 Points) पर अपनी बिना किसी आपत्ति के पूर्ण सहमति व्यक्त की.
  • मुख्य निष्कर्ष:
  • आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance on Counter Terrorism): ब्रिक्स देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की. घोषणापत्र में विशेष रूप से वर्ष 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए इसकी भर्त्सना की गई और सीमा पार से होने वाले आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया गया.
    • आतंकी वित्तपोषण (Terror Financing) को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स’ (FATF) के मानकों को कड़ाई से लागू करने पर सहमति बनी.
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार: घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के व्यापक सुधार (Comprehensive Reform) की मांग दोहराई गई. चीन और रूस ने स्थायी सदस्यता के लिए भारत और ब्राजील की आकांक्षाओं का स्पष्ट रूप से समर्थन किया.
  • वैश्विक संस्थानों में प्रतिनिधित्व: ब्रिक्स ने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में वैश्विक दक्षिण (Global South) के विकासशील देशों को अधिक निर्णयकारी भूमिका और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
  • नेतृत्व में लैंगिक समानता: यह रेखांकित किया गया कि संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए, विशेषकर यह नोट किया गया कि अब तक संयुक्त राष्ट्र में कोई भी महिला महानिदेशक (Secretary-General) नियुक्त नहीं हुई है. 
  • भू-राजनीतिक संघर्ष और सुरक्षा (Geopolitical Conflicts & Global Security):
    • पश्चिम एशिया (Middle East Crisis): ईरान और इजरायल-अमेरिका के तनाव के बीच, ब्रिक्स ने “अधिकतम संयम” (Maximum Restraint) बरतने की अपील की. हालांकि, इसमें किसी देश पर सीधा आरोप लगाने से परहेज किया गया, लेकिन नागरिक बुनियादी ढांचे और शांतिपूर्ण परमाणु केंद्रों पर हमलों पर गहरी चिंता जताई गई.
    • गाजा और फिलिस्तीन मुद्दा: ब्रिक्स ने गाजा में तुरंत युद्धविराम और मानवीय सहायता पहुँचाने का समर्थन किया. साथ ही, 1967 की सीमाओं के आधार पर ‘द्वि-राष्ट्र सिद्धांत’ (Two-State Solution) और पूर्वी जेरुसलेम को फिलिस्तीन की राजधानी बनाने की मांग का समर्थन किया.
  • आर्थिक सहयोग और डी-डॉलरकरण (Economic Cooperation & De-dollarisation):
    • स्थानीय मुद्राओं में व्यापार: ब्रिक्स देशों ने वैश्विक वित्तीय जोखिमों से बचने के लिए आपसी व्यापार और भुगतानों को अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं (National Currencies) में निपटाने के प्रयासों को तेज करने का संकल्प लिया.
    • एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध: अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंधों (Unilateral Sanctions) की आलोचना की गई और इसे वैश्विक खाद्य सुरक्षा तथा व्यापार आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बाधित करने वाला बताया गया.
    • टैरिफ और व्यापार युद्ध: बिना किसी देश का नाम लिए, पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जाने वाले ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (CBAM) और भेदभावपूर्ण पर्यावरण शुल्कों का कड़ा विरोध किया गया. 
  • प्रौद्योगिकी का शस्त्रीकरण (Weaponisation of Technology): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और उन्नत तकनीकों के शस्त्रीकरण पर चिंता जताई, जिसे घोषणापत्र में स्थान मिला.
  • एआई गवर्नेंस (AI Governance): कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग और विकासशील देशों को डिजिटल विभाजन से बचाने के लिए एक समावेशी वैश्विक फ्रेमवर्क विकसित करने पर सहमति बनी.
  • प्रस्तावित रोडमैप: भारत ने अपनी अध्यक्षता (India BRICS Presidency 2026) के दौरान समूह को पश्चिम-विरोधी (Anti-West) बनने से रोककर “गैर-पश्चिमी” (Non-Western) विकास-उन्मुख मंच के रूप में बनाए रखा.
    • पीएम मोदी ने वैश्विक दक्षिण के देशों में नई तकनीकों के कौशल विकास के लिए ‘ब्रिक्स ग्लोबल साउथ मैकेनिज्म’ (BRICS Global South Mechanism) और नाविकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष नेटवर्क का प्रस्ताव रखा. 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: New Delhi Declaration 2026 क्या है?

उत्तर: यह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया गया 45 पन्नों का नीतिगत घोषणापत्र है, जो वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग का रोडमैप तैयार करता है. 

प्रश्न 2: BRICS 140 Points Declaration में किन मुद्दों पर सहमति बनी?

उत्तर: इसमें आतंकवाद विरोध, संयुक्त राष्ट्र सुधार, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, एकतरफा टैरिफ का विरोध और पश्चिम एशिया में शांति जैसे 140 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी.

प्रश्न 3: BRICS Summit 2026 में कितने member countries शामिल हुए?

उत्तर: इस सम्मेलन में विस्तारित ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देश (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया) शामिल हुए. 

प्रश्न 4: New Delhi Declaration के प्रमुख highlights क्या हैं?

उत्तर: इसके मुख्य हाइलाइट्स में सीमा पार आतंकवाद की तीव्र निंदा, UNSC में भारत-ब्राजील का समर्थन और व्यापार में डी-डॉलरकरण (De-dollarisation) को बढ़ावा देना शामिल हैं. 

प्रश्न 5: BRICS 2026 में India की क्या भूमिका रही?

उत्तर: भारत ने मेजबान के रूप में ईरान-यूएई के मतभेदों को सुलझाकर ऐतिहासिक आम सहमति बनाई और समूह को वैश्विक दक्षिण (Global South) की मजबूत आवाज के रूप में स्थापित किया. 

प्रश्न 6: BRICS Declaration में global security को लेकर क्या कहा गया?

उत्तर: वैश्विक सुरक्षा के लिए आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता, गाजा में तुरंत युद्धविराम और पश्चिम एशिया में सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया गया.

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