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दुर्लभ हिमालयी मछली Schizopygopsis Waddelli: नामकरण, शारीरिक विशेषताएं एवं आवास

दुर्लभ हिमालयी मछली Schizopygopsis Waddelli: नामकरण, शारीरिक विशेषताएं एवं आवास

Schizopygopsis Waddelli

Image Credit: News On AIR

संदर्भ: 

हाल ही में वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में स्थित प्राकृतिक झील से पहली बार दुर्लभ हिमालयी मछली स्किज़ोपाइगोप्सिस वैडेली (Schizopygopsis Waddelli) की उपस्थिति दर्ज की। 

स्किज़ोपाइगोप्सिस वैडेली प्रजाति के बारे में:

  • वैज्ञानिक नाम: Schizopygopsis waddellii (रेगन, 1905)।
    • इसका नामकरण इसके विशिष्ट शारीरिक विभाजन और ऐतिहासिक जैविक अन्वेषणकर्ताओं के सम्मान में किया गया है।
  • पारिवारिक संबंध: यह मछली साइप्रिनिडी (Cyprinidae) परिवार से संबंधित है, जिसमें मुख्य रूप से कार्प और मिनो (Carps and Minnows) जैसी प्रजातियाँ शामिल होती हैं।
    • यह विशेष रूप से स्नोट्राउट या स्किज़ोथोरैसिने (Snowtrout / Schizothoracine) समूह का हिस्सा है।
  • खोजकर्ता संस्थान: आईसीएआर-केंद्रीय शीतजल मत्स्य अनुसंधान संस्थान (ICAR-Central Institute of Coldwater Fisheries Research – ICAR-CICFR), भीमताल (उत्तराखंड)।
    • सहयोगी निकाय – अरुणाचल प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग (Department of Fisheries) और तवांग की स्थानीय शार-त्सो समिति (Shar-Tso Committee)। 
  • सत्यापन विधि: वैज्ञानिकों ने एकीकृत वर्गीकरण दृष्टिकोण (Integrative Taxonomic Approach) अपनाया, जिसमें विस्तृत रूपात्मक अध्ययन (Morphological Study) के साथ-साथ माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए (mitochondrial DNA – mtDNA) विश्लेषण का उपयोग किया गया। 
  • शारीरिक संरचना (Morphology): इसका शरीर लंबा और अर्ध-बेलनाकार (Elongated, Sub-cylindrical Body) होता है, जो इसे ठंडे और तेज बहाव वाले पानी में तैरने के लिए एक सुव्यवस्थित जलगतिकी (Streamlined Hydrodynamic Structure) प्रदान करता है।
  • रंग रूप: इसके शरीर का ऊपरी (पृष्ठीय) हिस्सा गहरे भूरे से लेकर जैतून के रंग (Dark Greyish to Olive-coloured) का होता है, जबकि निचला हिस्सा चमकीला, चांदी जैसा या मलाईदार सफेद (Silvery to Creamy-white Underside) होता है।
  • विशिष्ट मुखांग (Specialised Feeding Structure): इसका थूथन कुंद (Blunt Snout) और मुँह सबटर्मिनल (Subterminal Mouth) होता है। इसके निचले होंठ और थूथन के चारों ओर एक कठोर, प्लेट जैसी सींगदार संरचना (Hard Plate-like Horny Structure) पाई जाती है।
    • यह संरचना इसे जलमग्न चट्टानों पर जमी काई (Algae) और बायोफिल्म को खुरचकर खाने में मदद करती है।
  • पूंछ और पाार्श्व रेखा: इसकी पूंछ गहराई से कटी हुई (Deeply Forked Caudal Fin) होती है, जो इसे तीव्र धाराओं में तेज प्रणोदन (Rapid Propulsion) देती है।
    • साथ ही, इसमें एक पूर्ण पार्श्व रेखा प्रणाली (Complete Lateral Line System) होती है जो पानी के कंपन को भांपती है।
  • लैंगिक द्विरूपता (Sexual Dimorphic Variation): नर और मादा मछलियों में स्पष्ट अंतर होता है। नर मछली के शरीर पर कई छोटे, दिखाई देने वाले नुकीले उभार (Nuptial Tubercles/Spines) होते हैं और उनका रंग अधिक जीवंत होता है, जबकि मादाओं में इन कांटों का अभाव होता है।
  • आवास: भारत में इसे तवांग जिले में भारत-चीन सीमा के निकट लगभग 12,800 फीट (3,900 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक अल्पाइन झील पांगकांग तेंग त्सो झील (Pangkang Teng Tso Lake) से दर्ज किया गया है।
    • इससे पहले यह दुर्लभ हिमालयी मछली (Rare Himalayan Fish) केवल तिब्बती और चीनी पठार (Tibetan and Chinese Plateaus) के ठंडे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र तक ही सीमित मानी जाती थी, जिसमें तिब्बत की प्रसिद्ध यामद्रोक झील (Yamdrok Lake) इसका ऐतिहासिक मूल स्थान (Type Locality) है। 
  • उत्तरजीविता तंत्र (Surviving Mechanism): यह अत्यधिक कम तापमान, सर्दियों में जमने वाले पानी, कम ऑक्सीजन संतृप्ति (Low Oxygen Saturation) और पोषक तत्वों की कमी वाले ओलिगोट्रॉफिक (Oligotrophic) वातावरण में भी आसानी से श्वसन और चयापचय को बनाए रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Schizopygopsis Waddelli क्या है?

उत्तर: यह साइप्रिनिडी परिवार (Cyprinidae Family) से संबंधित ठंडे पानी में रहने वाली एक दुर्लभ उच्च ऊंचाई वाली हिमालयी मछली (Rare Himalayan Fish) है।

प्रश्न 2: Schizopygopsis Waddelli का naming कैसे हुआ?

उत्तर: इसका वैज्ञानिक नामकरण वर्ष 1905 में रेगन द्वारा इसके विशिष्ट शारीरिक स्नोट्राउट लक्षणों और ऐतिहासिक अन्वेषण संदर्भों के आधार पर किया गया था। 

प्रश्न 3: Schizopygopsis Waddelli Physical Features क्या हैं?

उत्तर: इसका शरीर लंबा, बेलनाकार, पीठ जैतून के रंग की, मुँह के पास चट्टान खुरचने वाली कठोर प्लेट और पूँछ गहराई से कटी हुई होती है। 

प्रश्न 4: Schizopygopsis Waddelli Habitat कहाँ पाया जाता है?

उत्तर: भारत में यह पहली बार तवांग (अरुणाचल प्रदेश) की पांगकांग तेंग त्सो झील (12,800 फीट) में मिली है, जो पहले केवल तिब्बती पठार में पाई जाती थी। 

प्रश्न 5: यह Rare Himalayan Fish क्यों मानी जाती है?

उत्तर: क्योंकि यह केवल अत्यधिक ऊंचाई वाले ठंडे, कम ऑक्सीजन और बेहद कम तापमान वाले विशिष्ट अल्पाइन जल निकायों में ही जीवित रह सकती है। 

प्रश्न 6: Himalayan Fish Species के रूप में इसकी क्या विशेषता है?

उत्तर: यह ट्रांस-हिमालयी और पूर्वी हिमालयी जलीय प्रणालियों के बीच गहरे विकासात्मक और पारिस्थितिक कूटनीतिक संबंधों को प्रदर्शित करने वाली एक अद्वितीय संकेतक प्रजाति है।र द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का कार्य करता है.

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