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Kavach 4.0 प्रणाली स्थापित करने की मिली मंजूरी, 607.7 किलोमीटर रूट होगा कवर 

Kavach 4.0 प्रणाली स्थापित करने की मिली मंजूरी, 607.7 किलोमीटर रूट होगा कवर 

Kavach 4.0 System

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने रेल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल (Lucknow Division) में 607.7 किलोमीटर रूट पर अत्याधुनिक कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली स्थापित करने हेतु मंजूरी मिली।

कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली के बारे मे:

  • परिचय: कवच भारत में विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection – ATP) प्रणाली है। इसे रेलवे सुरक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 
  • विकासकर्ता: इस प्रणाली का विकास रेल मंत्रालय के अंतर्गत अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (Research Designs and Standards Organisation – RDSO) ने भारतीय उद्योगों के सहयोग से किया है। 
  • लागत: इस रेलवे सुरक्षा परियोजना 2026 के कार्यान्वयन के लिए कुल ₹252 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
    • इसमें उपकरण स्थापना, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (Optical Fibre Network), टावरों के निर्माण, लोकोमोटिव अपग्रेडेशन और कर्मचारियों के तकनीकी प्रशिक्षण (Staff Training) को कवर किया जाएगा।
  • लक्षित क्षेत्र: यह प्रणाली पूर्वोत्तर रेलवे (North Eastern Railway) के लखनऊ रेल मंडल में स्थापित की जाएगी।
  • विस्तार सीमा: यह लखनऊ मंडल के चिन्हित शेष 607.7 रूट किलोमीटर रेल मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित कवच अवसंरचना से लैस करेगी। 
  • विशेषताएं: यह टक्कर रोधी प्रणाली (Railway Collision Prevention System) एक फेल-सेफ (Fail-safe) सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें खराबी आने पर भी ट्रेन सुरक्षित स्थिति में आ जाती है: 
  • आरएफआईडी टैग (RFID Tags): रेल पटरियों पर निश्चित दूरी पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग लगाए जाते हैं, जो ट्रेन की सटीक स्थिति और दिशा की पहचान करते हैं।
  • यूएचएफ/रेडियो संचार (UHF/Radio Communication): स्टेशनों, लोकोमोटिव (इंजन) और पटरियों के बीच रियल-टाइम संचार के लिए समर्पित टावर लगाए जाते हैं।
  • लोको कवच (Loco Kavach): ट्रेन के इंजन में कंप्यूटर और डिस्प्ले यूनिट (DMI) लगाई जाती है, जो निरंतर ट्रैक सिग्नलों की निगरानी करती है। 
  • कार्यप्रणाली: कवच 4.0 नवीनतम संस्करण है जो रेल परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाता है:
  • सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) पर रोक: यदि कोई लोको पायलट मानवीय भूल या खराब दृश्यता के कारण लाल सिग्नल (Danger Signal) को पार करता है, तो कवच तकनीक इसे तुरंत पहचान लेती है।
  • स्वचालित ब्रेक लगाना (Automatic Braking): गति सीमा से अधिक होने या लाल सिग्नल की अनदेखी होने पर यह प्रणाली पायलट को सचेत करती है। प्रतिक्रिया न मिलने पर यह स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक देती है।
  • टक्कर से बचाव (Collision Prevention): यदि एक ही पटरी (Same Track) पर आमने-सामने से दो ट्रेनें आ रही हों, तो यह दोनों इंजनों में एक्टिव होकर निश्चित दूरी पर ट्रेनों को स्वतः रोक देती है।
  • खराब मौसम में सहायक (Fog and Low Visibility): उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने पर भी यह पायलट को केबिन के अंदर ही आने वाले सिग्नलों की सटीक दूरी और स्थिति प्रदर्शित करती है।
  • एसओएस संदेश (SOS Alert): किसी भी आपातकालीन स्थिति में लोको पायलट या स्टेशन मास्टर एक बटन दबाकर आस-पास की सभी ट्रेनों को रुकने का संदेश (SOS Signal) भेज सकते हैं।

महत्व:

  • मानवीय भूलों में कमी: रेलवे में होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं पायलट द्वारा सिग्नल न देख पाने या थकान के कारण होती हैं। यह प्रणाली मानवीय त्रुटि (Human Error) की संभावना को शून्य करती है।
  • सघन मार्ग प्रबंधन (High Traffic Density): लखनऊ मंडल यात्री और मालगाड़ियों के परिवहन के लिहाज से अत्यधिक व्यस्त रेल नेटवर्क का हिस्सा है। यहाँ इसकी स्थापना परिचालन की सुरक्षा और समयबद्धता बढ़ाएगी।
  • लागत प्रभावी समाधान (Cost-Effective Technology): विदेशी यूरोपीय ईटीसीएस (ETCS Level-2) प्रणालियों की तुलना में स्वदेशी कवच तकनीक बेहद सस्ती है, जिससे भारत के बड़े राजकोषीय धन की बचत होती है।
  • मेक इन इंडिया को बढ़ावा: पूरी तरह भारत में निर्मित होने के कारण यह देश के रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Kavach 4.0 क्या है?

उत्तर: यह भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक उन्नत स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जो ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की रियल-टाइम निगरानी करती है। 

प्रश्न 2: Kavach 4.0 कितने किलोमीटर रेलवे रूट को कवर करेगा?

उत्तर: हालिया रेल मंत्रालय की मंजूरी के अनुसार, यह लखनऊ मंडल के चिन्हित शेष 607.7 रूट किलोमीटर रेल मार्ग को कवर करेगा। 

प्रश्न 3: 607.7 किलोमीटर Kavach project की लागत कितनी है?

उत्तर: इस विशिष्ट सुरक्षा अवसंरचना विस्तार परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹252 करोड़ है। 

प्रश्न 4: Kavach 4.0 ट्रेन दुर्घटनाओं को कैसे रोकता है?

उत्तर: यह आमने-सामने की टक्करों को रोकने, अधिक गति को नियंत्रित करने और आपातकाल में स्वतः ब्रेक (Automatic Braking) लगाकर हादसों को रोकता है। 

प्रश्न 5: Kavach system Signal Passing at Danger को कैसे रोकता है?

उत्तर: पायलट द्वारा खतरे का लाल सिग्नल पार (SPAD) करने की स्थिति में यह ऑडियो-विजुअल चेतावनी देता है और प्रतिक्रिया न मिलने पर ऑटोमैटिक ब्रेक लगा देता है। 

प्रश्न 6: Lucknow Division में Kavach 4.0 क्यों लगाया जा रहा है?

उत्तर: कोहरे के दौरान रेल परिचालन सुचारू रखने, उच्च ट्रैफिक घनत्व वाले इस रूट पर सुरक्षा मजबूत करने और शेष बचे खंडों के आधुनिकीकरण के लिए इसे लगाया जा रहा है।

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