Apni Pathshala

बेगोनिया जीनस की नई प्रजाति की खोजी, नाम रखा गया Begonia rajvikramanii

बेगोनिया जीनस की नई प्रजाति की खोजी, नाम रखा गया Begonia rajvikramanii

Begonia rajvikramanii

Image Credit: Phytotaxa – Magnolia Press

संदर्भ:

हाल ही में तिरुवनंतपुरम स्थित जवाहरलाल नेहरू उष्णकटिबंधीय वनस्पति उद्यान और अनुसंधान संस्थान (JNTBGRI) के शोधकर्ताओं ने केरल के कोल्लम जिले के रोज़माला (Rosemala) क्षेत्र के सदाबहार जंगलों से बेगोनिया जीनस (Begonia Genus) की एक नई और दुर्लभ बारहमासी फूल वाले पौधे की प्रजाति खोजी, जिसका नाम बेगोनिया राजविक्रमणि (Begonia rajvikramanii) रखा गया।

बेगोनिया राजविक्रमणि (Begonia rajvikramanii) के बारे में:

  • किंगडम (Kingdom): प्लांटे (Plantae)
  • फैमिली (Plant Family): बेगोनियासी (Begoniaceae)
  • जीनस (Genus): बेगोनिया (Begonia)
  • प्रजाति (Species): बेगोनिया राजविक्रमणि (Begonia rajvikramanii)
  • वैज्ञानिक दल: इस नई प्रजाति की पहचान और वर्गीकरण करने वाले मुख्य शोधकर्ताओं में ई.एस. संतोष कुमार, एस.एम. शरीफ, पी.पी. अनुषा और रजिथा जोसेफ शामिल हैं।
    • इनका यह शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पादप वर्गीकरण पत्रिका ‘फायटोटैक्सा’ (Phytotaxa) के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुआ।
  • नामकरण: इस नई प्रजाति का नामकरण JNTBGRI के उद्यान प्रबंधन प्रभाग के पूर्व प्रमुख आर. राज विक्रमन (R. Raj Vikraman) के सम्मान में किया गया है।
    • यह सम्मान उन्हें JNTBGRI उद्यान के विकास और बाह्य-स्थाने पादप संरक्षण कार्यक्रमों (Ex-situ Plant Conservation Programmes) के प्रबंधन में उनके अद्वितीय वैज्ञानिक योगदान के लिए दिया गया है।
  • मूल स्थान (Type Locality): यह प्रजाति वर्तमान में केवल अपने मूल खोज स्थल यानी रोज़माला, कोल्लम (केरल) के सदाबहार वनों तक ही सीमित है।
    • यह पौधा मुख्य रूप से अत्यधिक नम और गीली चट्टानी पहाड़ियों (Wet Rocky Cliffs) तथा सड़कों के किनारे कटाई से बनी नम दीवारों (Road-cut Walls) पर उगता है।
  • ऊंचाई (Elevation): यह प्रजाति समुद्र तल से लगभग 200 मीटर से 350 मीटर की विशिष्ट ऊंचाई वाले आर्द्र क्षेत्रों में ही जीवित रह पाती है।
  • फिनोलॉजी (Phenology): बेगोनिया राजविक्रमणि (Begonia rajvikramanii Kerala) में फूल आने और फल लगने (Flowering and Fruiting) की जैविक प्रक्रिया मुख्य रूप से अगस्त से अप्रैल महीने के बीच सक्रिय होती है।
  • तुलनात्मक विशिष्टता: उपलब्ध ऐतिहासिक नमूनों और प्रमाणित हर्बेरियम सामग्रियों (Authenticated Herbarium Materials) के गहन विश्लेषण से पता चला है कि यह रूपात्मक रूप से भारत और श्रीलंका में पाई जाने वाली प्रजाति ‘बेगोनिया टेनेरा ड्रायंडर’ (Begonia tenera Dryander) के सबसे करीब है। 
  • सीमित जनसंख्या: JNTBGRI के शोध दल के अनुसार, प्रकृति में इस प्रजाति की कुल देखी गई आबादी बेहद सीमित है, जिसमें लगभग 200 वयस्क पौधे (Mature Individuals) ही जीवित बचे हैं।
  • भौगोलिक दायरा: यह प्रजाति मात्र 5 वर्ग किलोमीटर से भी कम (Less than 5 sq.km.) के अत्यंत संकीर्ण भूभाग में फैली हुई है।
  • IUCN रेड लिस्ट स्थिति: अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के 2024 के श्रेणियों और मानदंडों के आधार पर, वर्तमान में उपलब्ध अपर्याप्त आंकड़ों के कारण इसे अस्थाई रूप से ‘डेटा अपर्याप्त’ या डेटा डेफिसिएंट (Data Deficient – DD) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
  • पारिस्थितिक महत्व: वर्तमान में यह खोज ऐसे समय में हुई है जब केरल सरकार द्वारा पश्चिमी घाट में ‘पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों’ (Ecologically Sensitive Areas – ESA) के निर्धारण की सिफारिशों पर गहन चर्चा चल रही है।
  • जीनस का दायरा: वैश्विक स्तर पर बेगोनिया वंश (Genus Begonia) पुष्पीय पौधों के सबसे बड़े वंशों में से एक है, जिसमें 2,200 स्वीकृत प्रजातियां हैं।
    • लेकिन भारत के पश्चिमी घाट क्षेत्र में इस वंश का प्रतिनिधित्व मात्र 23 प्रजातियों द्वारा ही किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Begonia rajvikramanii क्या है?

उत्तर: यह केरल के पश्चिमी घाट (Western Ghats) क्षेत्र से खोजी गई बेगोनियासी (Begoniaceae) परिवार के बेगोनिया जीनस की एक नई बारहमासी फूल वाले पौधे की प्रजाति है।

प्रश्न 2: Begonia rajvikramanii की खोज भारत के किस राज्य में हुई?

उत्तर: इस विशिष्ट और नई पादप प्रजाति की खोज भारत के केरल राज्य के कोल्लम जिले के अंतर्गत आने वाले रोज़माला (Rosemala) के सदाबहार जंगलों से हुई है।

प्रश्न 3: नई Begonia species का नाम Begonia rajvikramanii क्यों रखा गया?

उत्तर: इसका नाम प्रसिद्ध वनस्पति वैज्ञानिक आर. राज विक्रमन (पूर्व प्रमुख, उद्यान प्रबंधन प्रभाग, JNTBGRI) के पादप संरक्षण क्षेत्र में दिए गए योगदान के सम्मान में रखा गया है।

प्रश्न 4: Begonia rajvikramanii किस plant family से संबंधित है?

उत्तर: यह प्रजाति वैज्ञानिक रूप से वनस्पति जगत के विख्यात बेगोनियासी (Begoniaceae) कुल (फैमिली) से संबंधित है, जो अपनी विशेष पत्तियों और पुष्प संरचना के लिए जानी जाती है।

प्रश्न 5: Begonia rajvikramanii Western Ghats में किस habitat में पाई गई?

उत्तर: यह पश्चिमी घाट के 200-350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नम व गीली चट्टानी पहाड़ियों (Wet Rocky Cliffs) तथा सड़कों के किनारे की आर्द्र दीवारों पर उगती हुई पाई गई है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top