संकटग्रस्त पक्षी Great Indian Bustard: वर्गीकरण, विशेषताएं एवं संरक्षण प्रयास
संदर्भ:
हाल ही में 4 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क (सैम/सुदासर्री क्षेत्र) में कैप्टिव-ब्रीड (कृत्रिम परिवेश में पाले गए) दो नर पक्षियों को सफलतापूर्वक प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया (Great Indian Bustard Reintroduction)।
- कृत्रिम प्रजनन केंद्र से किसी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को खुले जंगल में पुनरुत्पादित करने का यह विश्व का पहला सफल प्रयास है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के बारे में:
- परिचय:
- वैज्ञानिक नाम: अर्डियोटिस नाइग्रिसेप्स (Ardeotis nigriceps)
- वर्गीकरण:
- किंगडम (Kingdom): एनिमेलिया (Animalia)
- फैमिली (Family): ओटिडिडे (Otididae)
- आवास: यह भारतीय उपमहाद्वीप का स्थानिक (Endemic) पक्षी है और मुख्य रूप से भारत के उत्तर-पश्चिमी शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। यह राजस्थान का राज्य पक्षी (State Bird of Rajasthan) भी है।
- यह घने जंगलों या आर्द्रभूमियों (Wetlands) से पूरी तरह दूर रहती है।
- विशेषताएं:
- उड़ने वाले सबसे भारी पक्षियों में से एक: यह दुनिया के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों की श्रेणी में आता है। एक वयस्क नर बस्टर्ड का वजन 10 से 15 किलोग्राम और ऊंचाई लगभग 1 मीटर तक हो सकती है।
- शारीरिक बनावट: इसके शरीर का ऊपरी हिस्सा भूरे-सफेद रंग का होता है, पंख काले और छरहरे होते हैं, तथा सिर पर एक विशिष्ट काली टोपी (Black Crest) जैसी आकृति होती है।
- नर पक्षियों में गले के पास एक थैली (Gular Pouch) होती है, जो प्रजनन काल के दौरान गूंजने वाली आवाज पैदा करने में मदद करती है।
- आहार (Diet): यह एक सर्वाहारी (Omnivore) पक्षी है। इसके आहार में मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, टिड्डे, भृंग (Beetles), छोटे चूहे, छिपकलियां और विभिन्न प्रकार के अनाज व बीज शामिल हैं।
- प्रजनन चक्र: मादा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) सामान्यतः प्रति वर्ष केवल एक ही अंडा देती है, जिसे वह जमीन पर खुले घोंसलों में रखती है। इसका अंडा सेने का काल (Incubation Period) लगभग 25 दिनों का होता है।
- भौगोलिक वितरण: ऐतिहासिक रूप से यह पूरे भारत और पाकिस्तान में विस्तृत था, लेकिन वर्तमान में इसकी 95% से अधिक आबादी केवल राजस्थान के डेजर्ट नेशनल पार्क (Desert National Park GIB) और उसके आस-पास के क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई है। इसके अलावा कुछ बहुत छोटी बिखरी हुई संख्या गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मौजूद है।
- पारिस्थितिकी महत्व: इसे घास के मैदान के पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का मुख्य अम्ब्रेला संकेतक (Umbrella Species Indicator) माना जाता है।
- जनसंख्या में भारी गिरावट: वर्तमान में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की कुल आबादी (Great Indian Bustard Population) वैश्विक स्तर पर 150 से भी कम रह गई है। इस विनाशकारी गिरावट के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- हाई-वोल्टेज बिजली के तार (High-Voltage Power Lines): बस्टर्ड के सामने की ओर देखने की दृष्टि (Frontal Vision) बहुत कमजोर होती है, जिसके कारण वे उड़ते समय अपने सामने आने वाले हाई-वोल्टेज ओवरहेड बिजली के तारों को समय रहते नहीं देख पाते और उनसे टकराकर उनकी मृत्यु हो जाती है। विशेष रूप से थार मरुस्थल में अक्षय ऊर्जा (सौर और पवन) परियोजनाओं के विस्तार से यह खतरा बढ़ गया है।
- आवास का विखंडन (Habitat Loss & Fragmentation): घास के मैदानों को ‘बंजर भूमि’ मानकर उनका औद्योगिक उपयोग, कृषि में परिवर्तन और अनियंत्रित चराई (Overgrazing) के कारण इनका आवास संकुचित हो गया है।
- शिकारियों द्वारा अंडों का विनाश: आवारा कुत्तों, सूअरों और जंगली लोमड़ियों द्वारा जमीन पर दिए गए इनके अंडों और चूजों को खा लिया जाता है।
- धीमी प्रजनन दर: एक बार में केवल एक अंडा देने की प्रवृत्ति के कारण इनकी प्राकृतिक जनसंख्या पुनर्प्राप्ति दर (Natural Recovery Rate) बेहद धीमी है।
- संरक्षण स्थिति: इसकी अत्यधिक संकटापन्न स्थिति को देखते हुए इसे निम्नलिखित विधिक और वैश्विक सूचियों में सर्वोच्च सुरक्षा दर्जा दिया गया है:
- IUCN रेड लिस्ट (IUCN Red List Status): अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered)
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (WPA 1972): अनुसूची-I (Schedule-I) (जो इसे अवैध शिकार के विरुद्ध देश में सर्वोच्च विधिक संरक्षण प्रदान करता है)।
- CITES: परिशिष्ट-I (Appendix-I) (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध)।
- CMS (प्रवासी प्रजातियों पर अभिसमय): परिशिष्ट-I (Appendix-I) (कॉप-13 गांधीनगर के दौरान इसे शामिल किया गया था)।
- संरक्षण और पुनर्प्राप्ति प्रयास (GIB Conservation Efforts): भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा इस क्रिटिकली एंडेंजर्ड बर्ड इंडिया (Critically Endangered Bird India) को विलुप्त होने से बचाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थित रणनीतियाँ लागू की गई हैं:
- कैप्टिव ब्रीडिंग और रिकवरी प्रोग्राम (GIB Recovery Programme): पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India – WII) ने मिलकर 2019 में जैसलमेर के सम में एक GIB संरक्षण प्रजनन केंद्र (GIB Conservation Breeding) स्थापित किया।
- इस केंद्र में जंगली अंडों को कृत्रिम रूप से सेकर चूजों को पाला गया है, जिनकी संख्या अब बढ़कर लगभग 40 हो चुकी है। इसी कार्यक्रम के तहत 4 अक्टूबर 2026 को दो नर बस्टर्ड को प्रकृति में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है।
- प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Project Great Indian Bustard): राजस्थान सरकार द्वारा 5 जून 2013 को शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट इस प्रजाति के मौजूदा आवासों में सुरक्षा घेरा (Enclosures) बनाने, शिकारियों को नियंत्रित करने और चारागाह विकास पर केंद्रित है।
- यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क (सुदाश्री क्षेत्र) और थार मरुस्थल में केंद्रित है।
- न्यायालयी हस्तक्षेप और तारों का भूमिगतकरण: भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने एक ऐतिहासिक फैसले में आदेश दिया है कि बस्टर्ड के मुख्य आवास क्षेत्रों में सभी ओवरहेड बिजली के तारों को भूमिगत (Underground) किया जाए या उन पर बर्ड डायवर्टर (Bird Diverters) लगाए जाएं।
- स्थानीय समुदायों का जुड़ना (Eco-Development): स्थानीय ग्रामीणों को ‘बस्टर्ड गार्ड’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे प्रजनन काल के दौरान पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Great Indian Bustard का वैज्ञानिक नाम क्या है?
उत्तर: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का आधिकारिक वैज्ञानिक नाम अर्डियोटिस नाइग्रिसेप्स (Ardeotis nigriceps) है और यह ओटिडिडे (Otididae) परिवार से संबंधित है।
प्रश्न 2: Great Indian Bustard को IUCN में कौन सा दर्जा मिला है?
उत्तर: इसे आईयूसीएन (IUCN Red List) द्वारा अत्यंत संकटग्रस्त (Critically Endangered) और भारतीय वन्यजीव अधिनियम में अनुसूची-I का सर्वोच्च दर्जा दिया गया है।
प्रश्न 3: Great Indian Bustard की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: यह घास के मैदानों का सूचक, उड़ने वाला सबसे भारी पक्षी (10-15 किग्रा) है, जो सर्वाहारी होता है और सालाना केवल एक अंडा देता है।
प्रश्न 4: Great Indian Bustard की संख्या इतनी कम क्यों हुई?
उत्तर: इसके मुख्य कारण हाई-वोल्टेज बिजली के तारों से टकराना, घास के मैदानों (आवास) का नष्ट होना और आवारा कुत्तों द्वारा अंडों का शिकार होना हैं।
प्रश्न 5: Great Indian Bustard के संरक्षण के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
उत्तर: WII और राजस्थान वन विभाग द्वारा जैसलमेर में कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम (GIB Conservation Project) और बिजली तारों को भूमिगत करने जैसे ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
