सैन्य अभ्यास Mountain Guardian 2026, तीसरा संस्करण उत्तराखंड में हुआ शुरू
संदर्भ:
हाल ही में 5 अक्टूबर 2026 को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच संयुक्त द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास माउंटेन गार्डियन 2026 (Mountain Guardian 2026) का शुभारंभ उत्तराखंड में हुआ।
माउंटेन गार्डियन 2026 के मुख्य बिंदु:
- संस्करण: यह इस द्विपक्षीय श्रृंखला का तीसरा संस्करण (Mountain Guardian 2026 third edition) है.
- अवधि: यह दो सप्ताह का प्रशिक्षण अभ्यास 5 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा.
- आयोजन स्थल: इस अभ्यास का उद्घाटन समारोह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड, चौबटिया (Foreign Training Node, Chaubatia) में हुआ.
- प्रतिभागी:
- सैनिकों की कुल संख्या: इस अभ्यास में दोनों देशों के कुल 92 सैन्य कर्मी भाग ले रहे हैं. इसमें दोनों सेनाओं का बराबर (46-46 सैनिक) प्रतिनिधित्व है.
- भारतीय सेना की भूमिका (Indian Army Mountain Guardian): भारत की ओर से प्रसिद्ध भैरव बटालियन (Bhairav Battalion) के सैनिक इसमें अपनी युद्ध कला का प्रदर्शन कर रहे हैं.
- यूएई सेना की टुकड़ी: संयुक्त अरब अमीरात की ओर से माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन (Mountain Infantry Battalion) के लड़ाके इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
- लैंगिक समावेशन: इस अभ्यास की एक प्रमुख विशेषता यह है कि दोनों देशों की महिला अधिकारी और महिला लड़ाकू सैनिक (Women combatants) भी विभिन्न तकनीकी और विशेषज्ञ भूमिकाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं.
- मुख्य फोकस:
- पर्वतीय युद्ध कला: पहाड़ी इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के अनुकूल युद्ध कौशल (Mountain Warfare) का विकास करना.
- सामरिक अभ्यास (Tactical Drills): दोनों सेनाओं द्वारा संयुक्त योजना निर्माण, फायरिंग अभ्यास और लाइव कॉम्बैट परिस्थितियों के लिए समन्वित रणनीतियां तैयार करना.
- शारीरिक सहनशक्ति: दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में लंबी ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग (Rock climbing) और बाधा प्रशिक्षण (Obstacle training) के माध्यम से सैनिकों की शारीरिक सहनशक्ति को बढ़ाना.
- सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान: दोनों सेनाओं को अपनी परिचालन प्रक्रियाओं, पेशेवर अनुभवों और युद्ध तकनीकों को एक-दूसरे के साथ साझा करने का मंच प्रदान करना.
- नवाचार:
- ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियाँ: अभ्यास के दौरान निगरानी और टोह लेने (Surveillance and Reconnaissance) के लिए आधुनिक ड्रोन ऑपरेशन्स (Drone operations) का सघन प्रशिक्षण शामिल किया गया है.
- निगरानी ग्रिड की स्थापना: पहाड़ी क्षेत्रों में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एकीकृत सर्विलांस ग्रिड (Surveillance Grids) स्थापित करने की उन्नत तकनीकों का परीक्षण किया जा रहा है.
- प्रौद्योगिकी-सक्षम संचालन: कठिन और जटिल पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली और आधुनिक संचार उपकरणों के उपयोग का लाइव एकीकरण किया जा रहा है.
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास:
- डेजर्ट साइक्लोन (Desert Cyclone): यह भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय थल सेना अभ्यास है। इसका पहला संस्करण जनवरी 2024 में राजस्थान के बीकानेर में और दूसरा संस्करण दिसंबर 2025 में अबू धाबी (UAE) में आयोजित किया गया था।
- जायद तलवार (Zayed Talwar): यह दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है (जिसे अब ‘गल्फ वेव्स’ के रूप में भी जाना जाता है)।
- डेजर्ट ईगल (Desert Eagle): यह भारत और यूएई की वायु सेना के बीच होने वाला द्विपक्षीय हवाई अभ्यास है।
- डेजर्ट फ्लैग (Desert Flag): यह एक बहुराष्ट्रीय वायु सेना अभ्यास है, जिसमें यूएई और भारत दोनों देश भाग लेते हैं।
भारत के लिए इसका महत्व:
- भारत-यूएई रक्षा साझेदारी सुदृढ़ करना: पश्चिम एशिया में संयुक्त अरब अमीरात भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य-से-सैन्य सहयोग (Military-to-military cooperation) को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है.
- रणनीतिक स्थान के रूप में उत्तराखंड: उत्तराखंड का चौबटिया क्षेत्र वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट होने के कारण अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक है। यहाँ पर्वतीय युद्ध कौशल का प्रदर्शन भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और उच्च-ऊंचाई वाले युद्ध (High-altitude warfare) की तैयारियों को प्रदर्शित करता है.
- अंतर-संचालनीयता (Interoperability): भविष्य में संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों या किसी अन्य वैश्विक आतंकवाद-विरोधी अभियान में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तत्काल आपसी तालमेल और समझ स्थापित करने में यह अत्यधिक सहायक होगा.
- रक्षा कूटनीति (Military Diplomacy): यह आयोजन भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत भारत अपने मित्र राष्ट्रों को जटिल भौगोलिक क्षेत्रों (जैसे हिमालयी बेल्ट) में युद्ध कौशल सिखाने के लिए वैश्विक रक्षा हब के रूप में उभर रहा है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Mountain Guardian 2026 military exercise क्या है?
उत्तर: यह भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की थल सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला एक द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो मुख्य रूप से पर्वतीय युद्ध कौशल पर केंद्रित है.
प्रश्न 2: Mountain Guardian 2026 का तीसरा edition कहाँ आयोजित हुआ?
उत्तर: इस अभ्यास का तीसरा संस्करण 5 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक चौबटिया, उत्तराखंड में स्थित विदेशी प्रशिक्षण नोड (Foreign Training Node) में आयोजित किया जा रहा है.
प्रश्न 3: Mountain Guardian exercise में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
उत्तर: इस महत्वपूर्ण भारत का सैन्य अभ्यास 2026 (India defence exercise 2026) में केवल दो मित्र देश—भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं.
प्रश्न 4: Mountain Guardian 2026 का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में उप-पारंपरिक अभियानों के दौरान दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सामरिक दक्षता, अंतःक्रियाशीलता और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है.
प्रश्न 5: उत्तराखंड में Mountain Guardian exercise क्यों आयोजित किया गया?
उत्तर: उत्तराखंड का चौबटिया क्षेत्र कठिन पर्वतीय भूभाग और वास्तविक उच्च-ऊंचाई वाली परिस्थितियां प्रदान करता है, जो आधुनिक पर्वतीय युद्ध तकनीकों और रॉक क्लाइंबिंग के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए आदर्श है.
प्रश्न 6: Mountain Guardian 2026 में Indian Army की क्या भूमिका है?
उत्तर: भारतीय सेना अभ्यास की सह-मेजबान है, जिसमें उसकी विशेषज्ञ भैरव बटालियन और महिला सैन्य कर्मी ड्रोन संचालन, सामरिक योजना और उन्नत पहाड़ी युद्ध कौशल साझा कर रही हैं.
