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भारत का पहला National Household Travel Survey 2025-26 जारी, 20.34 लाख से अधिक व्यक्तियों के आंकड़े 

भारत का पहला National Household Travel Survey 2025-26 जारी, 20.34 लाख से अधिक व्यक्तियों के आंकड़े 

National Household Travel Survey 2025-26

संदर्भ: 

हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistics Office – NSO) ने भारत का पहला समर्पित अखिल भारतीय राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण 2025-26 (National Household Travel Survey 2025-26) जारी किया। 

राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण 2025-26: मुख्य बिंदु 

  • परिचय: National Household Travel Survey देश में नागरिकों की गतिशीलता और घरेलू यात्रा प्रतिरूप (Domestic Travel Patterns India) को समझने के लिए 20.34 लाख से अधिक व्यक्तियों के व्यापक आंकड़ों (Household Travel Data India) पर आधारित है.
    • यह भारत का पहला घरेलू यात्रा सर्वेक्षण (India First Household Travel Survey) है, जो सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI Travel Survey) के तत्वावधान में आयोजित किया गया है। 
  • सर्वेक्षण अवधि: यह व्यापक क्षेत्र सर्वेक्षण जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच एक पूरे वर्ष की अवधि में संचालित किया गया.
  • भौगोलिक कवरेज: इसके तहत देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को समाहित किया गया, जिसमें 14,274 गाँव और 10,377 शहरी ब्लॉक शामिल थे.
  • डेटा का आकार: इस ऐतिहासिक अध्ययन में कुल 4,92,023 परिवारों (Households) से संपर्क साधा गया, जिससे कुल 20,34,371 व्यक्तियों की गतिशीलता का डेटाबेस (Indian Mobility Data) तैयार हुआ.
  • ‘यात्रा’ की तकनीकी परिभाषा: इस सर्वेक्षण (NHTS 2025-26) के उद्देश्यों के लिए, केवल उन्हीं यात्राओं को रिकॉर्ड किया गया जिनकी दूरी 1 किलोमीटर या उससे अधिक थी. 1 किमी से कम दूरी की स्थानीय आवाजाही को इसमें शामिल नहीं किया गया है.
  • कार्यस्थल पर आवागमन और गतिशीलता:
    • दोपहिया वाहनों का दबदबा: भारत में कार्यस्थल पर आवागमन के लिए दोपहिया वाहन (Two Wheeler Commuting India) सबसे प्रमुख साधन बनकर उभरा है. निश्चित कार्यस्थलों पर जाने वाले कुल कामकाजी कार्यबल में से 42.6% लोग बाइक या स्कूटर का उपयोग करते हैं.
    • दैनिक कार्य यात्रा: देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 57.6% श्रमिक प्रतिदिन अपने काम के लिए 1 किमी से अधिक की यात्रा करते हैं. यह अनुपात शहरी क्षेत्रों में 64.1% और ग्रामीण क्षेत्रों में 54.5% है.
    • लैंगिक अंतराल (Gender Gap): कार्यस्थल यात्राओं में भारी लैंगिक असमानता देखी गई है. जहां 61.9% पुरुष श्रमिक काम के लिए दैनिक यात्रा करते हैं, वहीं महिला श्रमिकों में यह हिस्सेदारी केवल 41.9% है.
    • शहरी मास ट्रांजिट: राष्ट्रीय स्तर पर मोनोरेल, मेट्रो और उपनगरीय रेलवे जैसी शहरी परिवहन प्रणालियों की हिस्सेदारी कुल शहरी कार्यबल आवागमन में 5.0% है. महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में यह उपयोग काफी अधिक है.
  • छात्रों की गतिशीलता:
    • दैनिक दूरी: 6 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 66.4% छात्र अपने बुनियादी शैक्षणिक संस्थानों में जाने के लिए दैनिक रूप से कम से कम 1 किमी या उससे अधिक की यात्रा करते हैं.
    • यातायात के शीर्ष साधन: छात्रों की स्कूल या कॉलेज यात्रा (Travel Behaviour India) के लिए शीर्ष तीन साधन पैदल चलना (37.0%), बसें (29.5%), और साइकिल (15.8%) हैं. इसके अलावा, ऑटो-रिक्शा 10.5% और दोपहिया वाहन 6.7% छात्रों को सेवा प्रदान करते हैं.
    • युवाओं में गतिशीलता: 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं में नियमित शैक्षणिक यात्रा की भागीदारी सबसे अधिक पाई गई, जो ग्रामीण भारत में 79.1% और शहरी भारत में 73.3% दर्ज की गई.
  • यात्रा अवधि और पीक आवर्स:
    • समय की बचत: भारत में अधिकांश लोगों की यात्रा अवधि काफी संतुलित है. लगभग 87.6% छात्र और 83.4% श्रमिक 30 मिनट के भीतर अपने गंतव्य स्थान पर पहुँच जाते हैं.
    • औसत यात्रा समय: छात्रों के लिए औसत यात्रा समय 23 मिनट और श्रमिकों के लिए 25 मिनट आंका गया है. पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे असम और पड़ोसी राज्य) में यात्रा का औसत समय काफी कम (15 से 19 मिनट) देखा गया.
    • व्यस्त समय (Peak Hours): स्कूलों के लिए प्रस्थान का मुख्य समय सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे के बीच होता है, जबकि कार्यबल के प्रस्थान का पीक समय सुबह 8:00 से 10:00 बजे के मध्य दर्ज किया गया.
  • यात्रा पर मासिक व्यय:
    • औसत खर्च: किसी निश्चित कार्यस्थल पर आवागमन के लिए प्रति श्रमिक औसत मासिक खर्च ₹785 है.
    • शहरी बनाम ग्रामीण व्यय: शहरी श्रमिकों का औसत मासिक खर्च ₹1,044 है, जो ग्रामीण श्रमिकों के ₹612 के खर्च की तुलना में काफी अधिक है.
    • लैंगिक आधार पर व्यय: पुरुष कर्मचारी अपने कार्यस्थल आवागमन पर महिलाओं (₹533/माह) की तुलना में काफी अधिक खर्च (₹835/माह) करते हैं. छात्रों के लिए औसत मासिक परिवहन खर्च ₹443 प्रति छात्र है.
  • रात्रिकालीन और गैर-कार्य यात्राएं:
    • बस और रेल परिवहन (Bus & Railway Travel India): घरेलू रात्रिकालीन यात्राओं (Domestic Travel Data) के लिए सार्वजनिक परिवहन मुख्य सहारा है. लगभग 73.5% रात्रिकालीन यात्राएं बस और रेल के माध्यम से पूरी होती हैं, जिसमें अकेले बसों की हिस्सेदारी 55.8% और अंतर-शहरी रेलवे की हिस्सेदारी 17.7% है. कारों का उपयोग 15.1% और दोपहिया वाहनों का 8.8% है.
    • यात्रा के मुख्य उद्देश्य: परिवारों द्वारा की जाने वाली 70.2% रात्रिकालीन यात्राएं सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों (जैसे रिश्तेदारों से मिलना, शादी-ब्याह और तीर्थयात्रा) के लिए होती हैं. इसके बाद संस्कृति, अवकाश, खेल और पर्यटन की हिस्सेदारी 7.4% है.

सर्वेक्षण का महत्व:

  • साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (Evidence-based Policymaking): यह अनुभवजन्य डेटा (Empirical Data) क्षेत्रीय परिवहन योजना (Transport Planning India) और मार्ग अनुकूलन (Route Optimization) के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है. यह ‘राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति’ और ‘अमृत 2.0’ (AMRUT 2.0) के तहत गतिशीलता योजनाओं को सुदृढ़ करेगा.
  • अवसंरचना निवेश का मार्गदर्शन (Guiding Infrastructure Investment): कार्यस्थल आवागमन में दोपहिया वाहनों की भारी संख्या (42.6%) को देखते हुए नीति निर्माताओं को राजमार्गों और शहरी सड़कों पर समर्पित दोपहिया लेन और सुरक्षात्मक अवसंरचना (Travel Infrastructure India) विकसित करने में मदद मिलेगी.
  • लैंगिक-उत्तरदायी शहरी नियोजन (Gender-Responsive Planning): महिला और पुरुष श्रमिकों के यात्रा प्रतिरूप में 20% का बड़ा अंतर (61.9% बनाम 41.9%) यह दर्शाता है कि सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुलभ और किफायती बनाने की आवश्यकता है.
  • टिकाऊ गतिशीलता को बढ़ावा (Sustainable Mobility): छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर पैदल चलने (37%) और साइकिल (15.8%) का उपयोग करने के डेटा से शहरों में सुरक्षित फुटपाथ (Pedestrian Walkways) और साइकिल ट्रैक के निर्माण को प्राथमिकता दी जा सकेगी, जो पर्यावरण अनुकूल है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: National Household Travel Survey 2025-26 क्या है?

उत्तर: यह राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा आयोजित भारत का पहला आधिकारिक अखिल भारतीय सर्वेक्षण है, जो नागरिकों के यात्रा व्यवहार, खर्च और परिवहन साधनों का व्यापक डेटा प्रदान करता है.

प्रश्न 2: India के First National Household Travel Survey में कितने लोगों का Data शामिल है?

उत्तर: इस ऐतिहासिक सर्वेक्षण (First National Travel Survey India) के अंतर्गत देश भर के कुल 20,34,371 व्यक्तियों की यात्रा आदतों के आंकड़ों को संकलित किया गया है.

प्रश्न 3: National Household Travel Survey में कितने Households को Cover किया गया?

उत्तर: इस देशव्यापी डेटा संग्रह अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के कुल 4,92,023 परिवारों (Households) को कवर किया गया था.

प्रश्न 4: NHTS 2025-26 Survey किसने जारी किया?

उत्तर: इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण रिपोर्ट को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किया गया है.

प्रश्न 5: India में Domestic Travel Patterns जानने के लिए यह Survey क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: क्योंकि यह देश में साक्ष्य-आधारित परिवहन योजना (Transport Planning), बुनियादी ढांचे के निवेश और टिकाऊ शहरी गतिशीलता नीतियों (Urban Mobility Index) के निर्माण हेतु पहली बार विश्वसनीय जमीनी डेटा प्रदान करता है.

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