पाकिस्तान Fatah-4 ER Missile का परीक्षण, भारत के पास इसे रोकने हेतु कौन सी एयर डिफेंस प्रणालियाँ हैं मौजूद?
संदर्भ:
हाल ही में अक्टूबर 2026 में पाकिस्तान ने स्वदेशी रूप से विकसित जमीन से मार करने वाली फतह-4 ER मिसाइल (Fatah-4 ER Missile) का सफल परीक्षण किया. इस विस्तारित दूरी (Extended Range) वाले संस्करण का परीक्षण उप-प्रणालियों की सटीकता को प्रमाणित करने के लिए किया गया.
फतह-4 ER क्रूज मिसाइल के बारे में:
- परिचय: Fatah-4 ER Missile जमीन से लॉन्च की जाने वाली एक पारंपरिक क्रूज मिसाइल (Ground-Launched Cruise Missile – GLCM) है.
- निर्माता: इसका विकास पाकिस्तान के राष्ट्रीय इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक आयोग (NESCOM) द्वारा किया गया है.
- सैन्य कमान: यह मिसाइल पाकिस्तान सेना की आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) के बेड़े का हिस्सा है.
- Fatah-4 ER Range: अगस्त 2025 में प्रदर्शित मूल फतह-4 मिसाइल की मारक क्षमता 750 किलोमीटर थी.
- विस्तारित दूरी (ER Variant): यद्यपि आधिकारिक तौर पर नई रेंज का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार फतह-4 ER की रेंज 900 से 1,000 किलोमीटर के बीच होने का अनुमान है.
- सटीकता (Precision): इस मिसाइल का सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) मात्र 5 मीटर होने का दावा किया गया है, जो इसकी उच्च सटीकता को दर्शाता है.
- गति (Speed): यह एक सबसोनिक (Subsonic) मिसाइल है, जो लगभग 0.7 मैक (Mach 0.7) की गति से उड़ान भरती है.
- टेरेन हगिंग क्षमता (Terrain-Hugging): यह मिसाइल रडार डिटेक्शन से बचने के लिए जमीन से मात्र 50 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ सकती है. इसे ‘टेरेन मास्किंग’ (Terrain Masking) कहा जाता है.
- नेविगेशन प्रणाली (Navigation System): यह उन्नत एवियोनिक्स और अत्याधुनिक नेविगेशन सहायता (Advanced Seeker Navigation System) से लैस है.
फतह-4 ER बनाम बैलिस्टिक मिसाइल (Differences Between Fatah-4 ER and Ballistic Missiles):
क्रूज मिसाइल रक्षा को समझने के लिए दोनों प्रणालियों में अंतर जानना आवश्यक है:
| विशेषता (Attribute) | फतह-4 ER (क्रूज मिसाइल) | बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile) |
| उड़ान पथ (Flight Path) | वायुमंडल के भीतर, पृथ्वी की सतह के समानांतर | एक परवलयाकार (Parabolic) आर्क मार्ग, वायुमंडल से बाहर |
| ऊंचाई (Altitude) | अत्यधिक कम (लगभग 50 मीटर), रडार से छिपने में सक्षम | अत्यधिक ऊंची (हजारों किलोमीटर ऊपर) |
| नियंत्रण (Control) | पूरी उड़ान के दौरान मार्ग बदला जा सकता है | लॉन्च के बाद केवल गुरुत्वाकर्षण द्वारा नियंत्रित |
| गति (Speed) | सबसोनिक (0.7 मैक), धीमी गति | सुपरसोनिक या हाइपरसोनिक (अत्यधिक तीव्र) |
भारत के पास मौजूद एयर डिफेंस प्रणालियाँ:
पाकिस्तान मिसाइल क्षमता (Pakistan Missile Capability) का मुकाबला करने और भारतीय वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए भारत के पास एक बहुस्तरीय एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क (Integrated Air Defence Network) मौजूद है. भारत की प्रमुख मिसाइल रक्षा प्रणालियाँ (Indian Missile Defence Systems) निम्नलिखित हैं:
- S-400 ट्रायम्फ (S-400 India):
- स्रोत देश: रूस से आयातित लॉन्ग-रेंज मिसाइल रक्षा प्रणाली.
- क्षमता: यह दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक है, जो 400 किलोमीटर की दूरी तक एक साथ 36 लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट कर सकती है.
- प्रभाव: S-400 का रडार नेटवर्क अत्यधिक कम ऊंचाई (Low-flying) पर उड़ने वाली फतह-4 जैसी क्रूज मिसाइलों को आसानी से डिटेक्ट कर सकता है. इसकी ‘गाइडेड मिसाइलें’ सबसोनिक लक्ष्यों को हवा में ही भेदने में सक्षम हैं.
- बराक-8 (Barak-8 Air Defence):
- सहयोग: भारत (DRDO) और इजरायल (IAI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली (MRSAM).
- क्षमता: इसकी मारक क्षमता 70 से 100 किलोमीटर है.
- विशेषता: यह प्रणाली विशेष रूप से दुश्मन की कम ऊंचाई वाली एंटी-शिप और क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने के लिए ही डिजाइन की गई है. इसमें लगा सक्रिय रडार सीकर (Active Radar Seeker) अंतिम क्षणों में अचूक निशाना लगाता है.
- आकाश वायु रक्षा प्रणाली (Akash Air Defence System):
- स्रोत: पूर्णतः स्वदेशी शॉर्ट-रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SRSAM) प्रणाली.
- क्षमता: यह 25 से 30 किलोमीटर की दूरी और 18 किमी की ऊंचाई तक प्रभावी है.
- उपयोग: यह भारतीय सेना के महत्वपूर्ण ठिकानों और मोबाइल कॉलमों को सबसोनिक क्रूज मिसाइलों के हमलों से क्लोज-इन प्रोटेक्शन (Close-in Protection) प्रदान करती है.
- समर और एलआरएसएएम (SAMAR & LRSAM):
- SAMAR: भारतीय वायुसेना द्वारा विकसित एक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली है जो पुरानी हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलों (R-73) को सतह से दागने योग्य बनाती है.
- LRSAM (कुशा): DRDO वर्तमान में प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha) के तहत एक लंबी दूरी की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है, जो 350 किमी तक क्रूज मिसाइलों को रोकने में सक्षम होगी.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Fatah-4 ER Cruise Missile क्या है?
उत्तर: यह पाकिस्तान द्वारा विकसित जमीन से लॉन्च की जाने वाली एक पारंपरिक सबसोनिक क्रूज मिसाइल (GLCM) है, जो कम ऊंचाई पर उड़ती है.
प्रश्न 2: Fatah-4 ER की Range कितनी बताई जाती है?
उत्तर: इसके आधारभूत संस्करण की रेंज 750 किमी थी, जबकि नवनिर्मित विस्तारित रेंज (ER) संस्करण की रेंज 900 से 1,000 किमी होने का अनुमान है.
प्रश्न 3: पाकिस्तान ने Fatah-4 ER Missile क्यों विकसित की है?
उत्तर: पाकिस्तान ने भारत के भीतर गहराई में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढाँचे और रणनीतिक ठिकानों पर सटीक पारंपरिक हमले (Deep-strike capability) के लिए इसे विकसित किया है.
प्रश्न 4: Fatah-4 ER और Ballistic Missile में क्या अंतर है?
उत्तर: फतह-4 वायुमंडल के भीतर जेट इंजन की मदद से बहुत कम ऊंचाई (50 मीटर) पर उड़ती है, जबकि बैलिस्टिक मिसाइलें अंतरिक्ष से होते हुए परवलयाकार मार्ग अपनाती हैं.
प्रश्न 5: भारत के पास Cruise Missiles को रोकने के लिए कौन-कौन से Air Defence Systems हैं?
उत्तर: भारत के पास S-400 ट्रायम्फ, बराक-8 (MRSAM), आकाश (Akash) और स्वदेशी समर (SAMAR) जैसी शक्तिशाली वायु रक्षा प्रणालियाँ मौजूद हैं.
प्रश्न 6: S-400 Air Defence System क्या Fatah-4 जैसी Missiles से निपट सकता है?
उत्तर: हाँ, S-400 (S-400 India) के पास उन्नत अर्ली-वार्निंग रडार हैं जो कम ऊंचाई पर आने वाली सबसोनिक क्रूज मिसाइलों को समय रहते ट्रैक करके नष्ट कर सकते हैं.
