Nameri Tiger Reserve CA|TS Recognition, जानिए क्या हैं इसका महत्व?
संदर्भ:
Nameri Tiger Reserve CA|TS Recognition: हाल ही में असम के नामेरी बाघ अभयारण्य (Nameri Tiger Reserve) को बाघ संरक्षण और संरक्षित वन क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित CA|TS वैश्विक मान्यता प्रदान की गई।
- 10 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी समिति द्वारा दी गई इस मंजूरी के साथ ही असम के सभी चारों बाघ अभयारण्य अब आधिकारिक रूप से सीए|टीएस मान्यता प्राप्त (CA|TS Approved) हो चुके हैं।
नामेरी बाघ अभयारण्य के बारे में:
- स्थान: नामेरी राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य (Nameri National Park) असम के शोणितपुर (Sonitpur) जिले के उत्तरी भाग में स्थित है।
- इसका कुल क्षेत्रफल 464 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 200 वर्ग किलोमीटर का मुख्य/कोर क्षेत्र (Core Area) शामिल है।
- भौगोलिक अवस्थिति: यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित है। इसकी सीमाएं अरुणाचल प्रदेश के पक्के बाघ अभयारण्य (Pakke Tiger Reserve) के साथ जुड़ी हुई हैं, जो दोनों मिलकर एक अखंड पारिस्थितिक परिसर (Ecological Complex) का निर्माण करते हैं।
- स्थापना: इसे 1985 में अभयारण्य, 1998 में राष्ट्रीय उद्यान और वर्ष 2000 में बाघ अभयारण्य घोषित किया गया था।
- प्रमुख जीव-जंतु: यहां बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड तेंदुआ, एशियाई हाथी, गौर, स्लोथ बियर और दुर्लभ ‘व्हाइट विंग्ड वुड डक’ (सफेद पंखों वाली बत्तख) पाई जाती है।
- बाघों की आबादी में वृद्धि: भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा सत्यापित आंकड़ों के अनुसार, सतत संरक्षण प्रयासों के कारण यहाँ बाघों की संख्या 2022 के मात्र 3 से बढ़कर 2025 के अंत तक 12 हो गई है।
- वैश्विक मान्यता: इसे बाघ संरक्षण और संरक्षित वन क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित CA|TS मान्यता प्रदान की गई।
- CA|TS फ्रेमवर्क: कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स (Conservation Assured Tiger Standards – CA|TS)।
- यह वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त एक ऐसा विनियामक ढांचा है, जो दुनिया भर में बाघ आवासों और बाघ अभयारण्य प्रबंधन मानकों (Tiger Reserve Management Standards) की प्रभावशीलता का निष्पक्ष मूल्यांकन करता है।
- इसे आधिकारिक तौर पर वर्ष 2013 में वैश्विक बाघ फोरम (Global Tiger Forum) और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से विकसित किया गया था।
- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority – NTCA) भारत में इसके कार्यान्वयन को संचालित करता है।
- प्रमुख मानदंड: नामेरी को यह विशिष्ट दर्जा प्राप्त करने के लिए ‘सीए|टीएस अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी समिति’ (CA|TS International Executive Committee) द्वारा निर्धारित 17 मानकों के तहत कड़ा मूल्यांकन पास करना पड़ा:
- वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Protection): अवैध शिकार विरोधी (Anti-poaching) मजबूत उपायों का होना। नामेरी में 39 एंटी-पोचिंग कैंप सक्रिय हैं, जहाँ असम वन सुरक्षा बल (AFPF) द्वारा दिन-रात गश्त (Foot & Elephant Patrol) की जाती है।
- आवास प्रबंधन (Habitat Management): घास के मैदानों और जलस्रोतों का जीर्णोद्धार। अभयारण्य प्रशासन ने 120 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराकर 75 हेक्टेयर से अधिक घास के मैदानों को पुनर्जीवित किया है।
- वैज्ञानिक निगरानी (Scientific Monitoring): NTCA के ‘फेज-IV’ प्रोटोकॉल के तहत कैमरा ट्रैप (Camera Traps) और डिजिटल ट्रैकिंग तकनीकों के माध्यम से बाघों व शिकार प्रजातियों (Prey Base) की सटीक निगरानी।
- सामुदायिक भागीदारी (Community Participation): स्थानीय समुदायों को पर्यावरण-विकास (Eco-development) समितियों के माध्यम से आजीविका सहायता प्रदान करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में त्वरित मुआवजा तंत्र सुनिश्चित करना।
इस वैश्विक मान्यता का महत्व:
- असम का पूर्ण संरक्षण मील का पत्थर: नामेरी की इस स्वीकृति के साथ अब असम के सभी चारों बाघ अभयारण्य—काजीरंगा, मानस, ओरंग और नामेरी—सीए|टीएस स्वीकृत (CA|TS Approved) हो चुके हैं। यह दीर्घकालिक संरक्षण योजना के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
- पारिस्थितिक अंतःसंबंधों का सुदृढ़ीकरण (Ecological Connectivity): नामेरी-पक्के लैंडस्केप ब्रह्मपुत्र घाटी और अरुणाचल की पहाड़ियों के बीच वन्यजीवों (बाघ, हाथी, क्लाउडेड लेपर्ड) के मुक्त आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर के रूप में कार्य करता है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।
- वैश्विक वित्तीय और कूटनीतिक सहायता: यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन अभयारण्य को भविष्य में वैश्विक जैव विविधता वित्तपोषण (Global Biodiversity Financing) और अनुसंधान सहयोग प्राप्त करने में मदद करेगा।
- सतत पर्यावरण पर्यटन (Eco-Tourism): सीए|टीएस का दर्जा मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पार्क की साख बढ़ेगी, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए जिम्मेदार और संधारणीय पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: नामेरी बाघ अभयारण्य को CA|TS वैश्विक मान्यता क्यों मिली?
उत्तर: नामेरी को यह मान्यता प्रभावी वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Protection India), सुदृढ़ एंटी-पोचिंग उपायों, वैज्ञानिक निगरानी (Camera Traps) और स्थानीय समुदायों की सफल भागीदारी के कारण मिली है।
प्रश्न 2: CA|TS क्या है और इसका पूरा नाम क्या है?
उत्तर: इसका पूरा नाम कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स (Conservation Assured Tiger Standards) है। यह बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन की प्रभावशीलता को जांचने वाला एक वैश्विक ढांचा (Global Framework) है।
प्रश्न 3: बाघ अभयारण्यों को CA|TS मान्यता देने के प्रमुख मानदंड क्या हैं?
उत्तर: इसके प्रमुख मानदंडों में अवैध शिकार पर प्रभावी रोक, वैज्ञानिक तकनीकों से वन्यजीव ट्रैकिंग, प्राकृतिक आवास (Grasslands) का पुनरुद्धार और स्थानीय समुदायों का समावेशन शामिल हैं।
प्रश्न 4: CA|TS मान्यता से भारत में बाघ संरक्षण को कैसे बढ़ावा मिलता है?
उत्तर: यह मान्यता भारत के बाघ आवास संरक्षण (Tiger Habitat Protection) को अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष लाती है, जिससे वैज्ञानिक प्रबंधन प्रथाओं और वैश्विक कूटनीतिक सहयोग को बल मिलता है।
प्रश्न 5: नामेरी बाघ अभयारण्य के लिए इस वैश्विक मान्यता का क्या महत्व है?
उत्तर: इसके साथ असम के सभी 4 बाघ अभयारण्य इस सूची में शामिल हो गए हैं। यह नामेरी की पारिस्थितिक प्रासंगिकता को मजबूत करता है और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व संरक्षण को बढ़ावा देता है।
