Karst Mud Volcano Complex यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल, जानिए कॉम्प्लेक्स की विशेषता
संदर्भ:
हाल ही में पेरिस में यूनेस्को (UNESCO) के लिए भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने घोषणा की कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कार्स्ट-मड-वोल्केनो कॉम्प्लेक्स (Karst Mud Volcano Complex) को यूनेस्को की संभावित सूची (UNESCO Tentative List) में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है।
कार्स्ट-मड-वोल्केनो कॉम्प्लेक्स के बारे में:
- स्थान: Karst Mud Volcano Complex, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बाराटांग द्वीप (Baratang Island) पर स्थित है।
- विस्तार: बाराटांग द्वीप का कुल क्षेत्रफल लगभग 299.57 वर्ग किलोमीटर है। इस धरोहर में शामिल मुख्य चूना पत्थर गुफा तंत्र (Limestone Cave System) लगभग 1 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
- पारिस्थितिकीय क्षेत्र: यह संपूर्ण क्षेत्र बाराटांग आरक्षित वन (Baratang Reserve Forest) और जारवा जनजातीय रिजर्व (Jarawa Tribal Reserve) के अंतर्गत आता है, जो इसके संरक्षण को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
- भूवैज्ञानिक विशेषताएं (Key Geological Features): यह स्थल मुख्य रूप से दो अभूतपूर्व प्राकृतिक घटनाओं का एक दुर्लभ संयोजन है:
- कार्स्ट स्थलाकृति और चूना पत्थर गुफाएं (Karst Topography & Limestone Caves):
- निर्माण: समय के साथ वर्षा का जल जब चूना पत्थर (Limestone) की चट्टानों में प्रवेश करता है, तो वह चट्टानों को धीरे-धीरे घुला देता है (Dissolutional Karst)। इससे भूमिगत कक्षों और जटिल गुफा तंत्रों का निर्माण होता है।
- वैज्ञानिक महत्व: यहाँ की महादेव गुफा (Mahadev Gupha) के भीतर बने खनिज संरचनाओं (Stalagmites & Stalactites) का अध्ययन वैज्ञानिकों द्वारा सदियों से भारत के ग्रीष्मकालीन मानसून (Indian Summer Monsoon) के पैटर्न और जलवायु परिवर्तन के सुराग खोजने के लिए किया जा रहा है।
- मड वोल्केनो या कीचड़ के ज्वालामुखी (Mud Volcano Geological Features):
- स्थानीय नाम: स्थानीय लोग इन मड वोल्केनो को ‘जलकी’ (Jalki) कहते हैं।
- उद्गार की प्रकृति: ये सामान्य मैग्मा वाले ज्वालामुखी नहीं हैं। इसके बजाय, जब पृथ्वी के नीचे शेल (Shale) की परतों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो वे ठंडे कीचड़, पानी और गैसों (मुख्य रूप से मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड) को सतह पर धकेलती हैं।
- स्वरूप: बाराटांग में ऐसे मड वोल्केनो के चार मुख्य क्लस्टर हैं, जो लगभग दो मीटर ऊंचे शंकु (Cones) और उबलते हुए कीचड़ के पूलों का निर्माण करते हैं। वर्ष 2025 में, लगभग 20 वर्षों की निष्क्रियता के बाद इनमें पुनः सक्रियता देखी गई, जिसने भू-पर्यटन (Geotourism) को बढ़ावा दिया।
भू-विज्ञान के लिए महत्व:
- विवर्तनिक और अवसादी इतिहास (Tectonic & Sedimentary History): यह परिसर भारत-ऑस्ट्रेलियाई और यूरेशियाई विवर्तनिक प्लेटों के सबडक्शन ज़ोन (Subduction Zone) के पास स्थित है।
- इसके चट्टानी निर्माण क्षेत्र के विवर्तनिक विकास को समझने के लिए अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।
- प्राकृतिक धरोहर संरक्षण (Geological Heritage Conservation): यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल होने से इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक संरक्षण मानकों (Global Conservation Standards) के तहत सुरक्षा मिलेगी।
- जैव विविधता का समर्थन: यह कार्स्ट लैंडस्केप उष्णकटिबंधीय वर्षावनों और तटीय मैंग्रोव पारिस्थितिकी प्रणालियों से घिरा हुआ है, जो क्षेत्रीय जैव विविधता (Regional Biodiversity) को बनाए रखने में मदद करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: कार्स्ट-मड-वोल्केनो कॉम्प्लेक्स क्या है?
उत्तर: यह अंडमान के बाराटांग द्वीप पर स्थित एक दुर्लभ प्राकृतिक स्थल है, जहां चूना पत्थर की गुफाएं (कार्स्ट स्थलाकृति) और मिट्टी उगलने वाले ज्वालामुखी (मड वोल्केनो) एक साथ पाए जाते हैं।
प्रश्न 2: कार्स्ट-मड-वोल्केनो कॉम्प्लेक्स को UNESCO की संभावित सूची में क्यों शामिल किया गया?
उत्तर: इसके अद्वितीय भूवैज्ञानिक रिकॉर्ड, भूकंपीय रूप से सक्रिय मड वोल्केनो (‘जलकी’) और मानसून जलवायु अनुसंधान में इसके वैज्ञानिक महत्व के कारण इसे शामिल किया गया है।
प्रश्न 3: Karst Topography कैसे बनती है?
उत्तर: जब कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वर्षा का जल भूमिगत रूप से बहता है, तो वह घुलनशील चट्टानों (जैसे चूना पत्थर या डोलोमाइट) को रासायनिक रूप से घुलाकर गुफाएं और सिंकहोल बनाता है।
प्रश्न 4: मड वोल्केनो सामान्य ज्वालामुखी से कैसे अलग होता है?
उत्तर: सामान्य ज्वालामुखी गर्म लावा और मैग्मा उगलते हैं, जबकि मड वोल्केनो गैर-आग्नेय (Non-igneous) होते हैं जो मीथेन गैस के दबाव में ठंडी मिट्टी, पानी और गैसों का उत्सर्जन करते हैं।
प्रश्न 5: कार्स्ट-मड-वोल्केनो कॉम्प्लेक्स की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
उत्तर: इसकी प्रमुख विशेषताएं उप-नैनोसेकंड कैलिब्रेशन जैसी प्राकृतिक जल प्रणाली, 1 वर्ग किमी का गुफा तंत्र, मीथेन उत्सर्जित करने वाले चार ‘जलकी’ क्लस्टर और जारवा जनजातीय आरक्षित क्षेत्र में इसकी अवस्थिति हैं।
प्रश्न 6: UNESCO की Tentative List में शामिल होने का क्या अर्थ है?
उत्तर: अस्थायी सूची (Tentative List) में शामिल होना किसी भी स्थल को भविष्य में पूर्ण यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) का दर्जा दिलाने की दिशा में पहला अनिवार्य औपचारिक कदम है।
