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SCO Council of Heads of Government 25th Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

SCO Council of Heads of Government 25th Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

SCO Council of Heads of Government 2026

संदर्भ:

हाल ही में 19 से 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक (SCO Council of Heads of Government 25th Meeting) आयोजित की गई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। 

SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक के मुख्य बिंदु:

  • आयोजन: यह बैठक 19-20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान के दुशांबे में आयोजित की गई।
    • इसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के मार्गदर्शन में की गई।
  • मुख्य एजेंडा: शासनाध्यक्षों की यह बैठक (SCO Heads of Government Meeting) विशेष रूप से व्यावहारिक सहयोग, वित्तीय एवं संस्थागत काम-काज, बजट 2027 और क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित थी।
  • भारतीय प्रतिनिधित्व: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की प्राथमिकताओं को रखा। इसके पूर्व वर्ष 2025 में मास्को में आयोजित 24वीं बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए भारत की विदेश नीति 2026 (India Foreign Policy 2026) के प्रमुख स्तंभों को रेखांकित किया: 
  • आतंकवाद के पूरे तंत्र का उन्मूलन (Dismantling Terrorism Ecosystem): पाकिस्तान के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में भारत ने सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) पर कड़ा रुख अपनाया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता और इससे निपटने में किसी भी प्रकार के ‘दोहरे मापदंड’ (Double Standards) के लिए कोई जगह नहीं है। जो देश आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह या आर्थिक मदद देते हैं, उनके खिलाफ सामूहिक कार्रवाई होनी चाहिए।
  • संप्रभुता का सम्मान करने वाली कनेक्टिविटी (Sovereignty-Respecting Connectivity): भारत ने साफ किया कि यूरेशिया क्षेत्र में आर्थिक सहयोग (SCO Economic Cooperation) के लिए संपर्क मार्ग बेहद आवश्यक हैं, लेकिन ये प्रयास सभी देशों की प्रादेशिक संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) का सम्मान करते हुए होने चाहिए (यह चीन के ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (BRI) और CPEC की ओर भारत का मौन इशारा था)।
  • वैकल्पिक व्यापार गलियारे (Alternative Trade Corridors): भारत ने व्यापार सुगमता के लिए अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) और चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) के विकास पर विशेष बल दिया, जो मध्य एशिया को सीधे बड़े वैश्विक बाजारों से जोड़ने में सक्षम हैं।
  • सांस्कृतिक कूटनीति की घोषणा: भारत ने क्षेत्रीय जन-समन्वय को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 के अंत तक पहले एससीओ सभ्यतागत संवाद मंच (First SCO Civilizational Dialogue Forum) की मेजबानी करने की आधिकारिक घोषणा की। 
  • संयुक्त वक्तव्य और प्रमुख निर्णय: बैठक के समापन पर सदस्य देशों ने एक संयुक्त घोषणापत्र (Joint Communiqué) जारी किया।
    • इसमें वर्ष 2027 के लिए एससीओ के प्रशासनिक और वित्तीय बजट को मंजूरी दी गई।
    • सदस्य देशों ने आपस में व्यापार सुगम बनाने के लिए स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन (Settlement in Local Currencies) का धीरे-धीरे विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।
    • इसके अलावा 2026-2030 की अवधि के लिए ‘PMTEC एक्शन प्लान’ को भी अंगीकार किया गया।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO): 

  • प्रकृति: यह एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन (Permanent Intergovernmental International Organization) है। इसे यूरेशिया का एक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गुट माना जाता है।
  • उत्पत्ति: इसकी घोषणा 15 जून 2001 को शंघाई (चीन) में की गई थी। इसके पूर्व इसे ‘शंघाई-5’ (1996) के नाम से जाना जाता था, जिसमें चाड, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान शामिल थे।
  • एससीओ सदस्य देश (SCO Member Countries): वर्तमान में संगठन का विस्तार हुआ है और इसके पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़ चुकी है। मुख्य देश निम्नलिखित हैं:
  • संस्थापक और स्थायी सदस्य: चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान।
  • दक्षिण एशियाई विस्तार: भारत और पाकिस्तान को वर्ष 2017 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में इसके पूर्ण सदस्य (Full Member) का दर्जा मिला।
  • हालिया विस्तार: ईरान और बेलारूस भी अब इसके पूर्णकालिक सदस्य बन चुके हैं।
  • मुख्यालय: एससीओ का मुख्य सचिवालय बीजिंग, चीन में स्थित है।
  • शासी निकाय: इसकी सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ‘राष्ट्राध्यक्षों की परिषद’ (Council of Heads of State) है।
    • दूसरी प्रमुख संस्था ‘शासनाध्यक्षों की परिषद’ (CHG) है, जो मुख्य रूप से आर्थिक व बजटीय सहयोग पर केंद्रित होती है।
  • RATS (Regional Anti-Terrorist Structure): इसका मुख्यालय ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में है, जिसका मुख्य कार्य आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटना है।
  • भारत-एससीओ संबंध (India SCO Relations):
  • कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा: मध्य एशियाई देशों के साथ सीधे राजनयिक संबंध बनाने और यूरेनियम तथा प्राकृतिक गैस जैसी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भारत के लिए यह मंच अपरिहार्य है।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा (SCO Regional Security): यूरेशिया और अफगानिस्तान की बदलती परिस्थितियों के बीच चीन और रूस के प्रभाव वाले इस मंच पर उपस्थित रहकर भारत अपनी रणनीतिक चिंताओं को वैश्विक पटल पर रख पाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: SCO शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक क्या है?

उत्तर: यह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के प्रधानमंत्रियों/शासने प्रमुखों की एक वार्षिक बैठक (CHG Meeting) है, जिसका फोकस आर्थिक सहयोग और बजट निर्णयों पर होता है।

प्रश्न 2: इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?

उत्तर: ताजिकिस्तान के दुशांबे में आयोजित इस 25वीं बैठक (SCO Meeting 2026) में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

प्रश्न 3: राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में भारत की ओर से किन मुद्दों को उठाया?

उत्तर: उन्होंने बिना दोहरे मापदंड के आतंकवाद के उन्मूलन, सदस्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करने वाली कनेक्टिविटी और चाबहार बंदरगाह जैसे व्यापारिक मार्गों को बढ़ावा देने की बात कही।

प्रश्न 4: Shanghai Cooperation Organisation यानी SCO क्या है?

उत्तर: यह वर्ष 2001 में स्थापित यूरेशिया क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक और क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन है, जिसका सचिवालय बीजिंग में है।

प्रश्न 5: SCO में कौन-कौन से देश सदस्य हैं?

उत्तर: इसके मुख्य पूर्ण सदस्यों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं।

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