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Mission Karmayogi: UP मिशन कर्मयोगी कार्यान्वयन में पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा

Mission Karmayogi: UP मिशन कर्मयोगी कार्यान्वयन में पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा

Mission Karmayogi

संदर्भ: 

हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मिशन कर्मयोगी (Mission Karmayogi) के प्रभावी क्रियान्वयन में पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। 

  • इस मूल्यांकन में राजस्थान दूसरे स्थान पर और जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर रहा।

मिशन कर्मयोगी: उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान (UP First in Mission Karmayogi)

  • उत्तर प्रदेश के शीर्ष प्रदर्शन के प्रमुख सांख्यिकीय आंकड़े
    • पंजीकरण दर: राज्य के लगभग 19.23 लाख सरकारी कर्मचारी आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल (iGOT Karmayogi Platform) पर पंजीकृत हैं।
    • सक्रिय भागीदारी: कुल पंजीकृत कर्मचारियों में से 99% से अधिक कर्मी सक्रिय (Active Users) रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
    • साधना सप्ताह रिकॉर्ड: हाल ही में संचालित ‘साधना सप्ताह’ अभियान के दौरान यूपी के लोक सेवकों ने 1 करोड़ 25 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
    • संस्थागत नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के 350 से अधिक सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान (Training Institutions) राष्ट्रीय ‘उन्नति’ पहल के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। 
  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के विभाग (Departmental Rankings): समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के तहत यूपी के विभागों को पुरस्कृत किया गया: 
  • श्रेणी ‘क’ (Category A): गृह विभाग (Home Department) देश भर में पहले स्थान पर रहा, जिसने अकेले 1 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग इसी श्रेणी में दूसरे स्थान पर रहा (1 करोड़ से अधिक कोर्स)।
  • श्रेणी ‘ख’ (Category B): उच्च शिक्षा विभाग प्रथम स्थान पर तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग दूसरे स्थान पर रहा।
  • श्रेणी ‘ग’ (Category C): हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने पहला और प्रशासनिक सुधार विभाग ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। 

मिशन कर्मयोगी क्या है?

  • परिचय: यह सिविल सेवा क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय कार्यक्रम  (National Programme for Civil Services Capacity Building – NPCSCB) है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली को ‘नियम-आधारित’ से ‘भूमिका-आधारित’ बनाकर नागरिक-केंद्रित सुशासन सुनिश्चित करना है।
  • मंजूरी: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सितंबर 2020 में इसे स्वीकृति दी गई थी।
  • मूल दर्शन: यह लोक प्रशासन को ‘नियमों पर आधारित’ (Rule-based) शासन से ‘भूमिका पर आधारित’ (Role-based) शासन की ओर स्थानांतरित करता है।
  • क्षमता विकास आयोग (Capacity Building Commission India): यह आयोग मिशन के केंद्र में है, जो सभी सिविल सेवा संस्थानों के लिए मानक तय करता है, वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाएं (ACBP) तैयार करता है और प्रगति की निगरानी करता है। 
  • मिशन के मुख्य उद्देश्य (Mission Karmayogi Objectives):
  • नागरिक-केंद्रित प्रशासन: लोक सेवकों को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-अनुकूल बनाना।
  • डिजिटल सशक्तिकरण: सरकारी कर्मचारियों (Mission Karmayogi Government Employees) को आधुनिक वैश्विक तकनीकों जैसे एआई, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल गवर्नेंस से लैस करना।
  • समान अवसर: पदानुक्रम (Hierarchy) को तोड़ते हुए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से लेकर सचिव स्तर के अधिकारियों को समान उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण सुलभ कराना। 
  • तकनीक: आई-गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म (iGOT Karmayogi Platform): यह एक ऑनलाइन शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र (Online Learning Ecosystem) है। यह ‘कहीं भी, कभी भी सीखने’ (Anytime-Anywhere Learning) की सुविधा देता है। इसके माध्यम से सरकारी अधिकारी अपनी विशिष्ट व्यावसायिक और व्यवहार संबंधी दक्षताओं (Competencies) का मूल्यांकन कर प्रासंगिक पाठ्यक्रम पूरा करते हैं। 
  • नवीनतम राष्ट्रीय पहलें (Latest Technical Initiatives – 2026): लखनऊ कार्यशाला में देशव्यापी प्रशासनिक सुधारों के लिए दो नए तकनीकी उपकरण लॉन्च किए गए: 
  • उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स (Unnati Capability Index): इसके माध्यम से एआई (AI) की मदद से देशभर के प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता, बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता का नियमित स्टार-रेटिंग मूल्यांकन किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय पाठ्यक्रम डिजाइन फ्रेमवर्क (National Curriculum Design Framework – NCDF): यह कर्मयोगी कॉम्पिटेंसी मॉडल पर आधारित है, जिसके तहत चार स्तरों (बुनियादी, निपुणता, उन्नत और विशेषज्ञता) पर भूमिका-आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: Mission Karmayogi के implementation में Uttar Pradesh पूरे देश में पहले स्थान पर कैसे पहुंचा?

उत्तर: उत्तर प्रदेश ने अपने 19.23 लाख कर्मचारियों को आई-गॉट पोर्टल पर जोड़कर (99% सक्रियता) तथा ‘साधना सप्ताह’ में रिकॉर्ड 1.25 करोड़ पाठ्यक्रम पूर्ण कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रश्न 2: Mission Karmayogi क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: यह सिविल सेवा क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCSCB) है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली को ‘नियम-आधारित’ से ‘भूमिका-आधारित’ बनाकर नागरिक-केंद्रित सुशासन सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 3: Uttar Pradesh में Mission Karmayogi के तहत Government Employees को कैसे Training दी जाती है?

उत्तर: राज्य में 350+ पंजीकृत संस्थानों के माध्यम से डिजिटल रूप से तथा ‘निर्भय नेत्री’ व ‘कौशल सारथी’ जैसी विशेष राज्य-स्तरीय पहलों के जरिए भूमिका-आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है।

प्रश्न 4: Capacity Building Commission की Mission Karmayogi में क्या भूमिका है?

उत्तर: क्षमता विकास आयोग (CBC) पूरे देश में प्रशिक्षण के मानक तय करता है, राष्ट्रीय नीति का समन्वय करता है तथा सिविल सेवा संस्थानों की रैंकिंग के लिए ‘उन्नति सूचकांक’ जारी करता है।

प्रश्न 5: iGOT Karmayogi Platform सरकारी कर्मचारियों की skills को कैसे बेहतर बनाता है?

उत्तर: यह एक ऑनलाइन पोर्टल है जो लोक सेवकों को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार तकनीकी, व्यावहारिक और डोमेन-विशिष्ट ज्ञान के लिए विश्वस्तरीय डिजिटल पाठ्यक्रम (Digital Courses) प्रदान करता है।

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