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VISTAR Scheme 2026 को मिली कैबिनेट मंजूरी, ₹4,371.10 करोड़ का बजट आवंटन

VISTAR Scheme 2026 को मिली कैबिनेट मंजूरी, ₹4,371.10 करोड़ का बजट आवंटन

संदर्भ:

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विस्तार योजना 2026 (VISTAR Scheme 2026) को मंजूरी दी। इस दूरगामी सरकारी योजना (Government Scheme) के लिए सरकार द्वारा कुल ₹4,371.10 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

VISTAR Scheme के बारे में:

  • परिचय: VISTAR Scheme एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसका उद्देश्य भारत की सांख्यिकी प्रणाली (Indian Statistical System) को आधुनिक, वास्तविक समय (Real-time) पर आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुकूल बनाना है।
    • विस्तार योजना का पूरा नाम विक्षित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च (Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research – VISTAR) है। 
  • समयावधि: कैबिनेट निर्णयों (Cabinet Decisions 2026) के अनुसार यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 (VISTAR Scheme 2026-31) तक पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू की जाएगी। 
  • योजना का बजट (VISTAR Scheme Budget): इस संपूर्ण अवधि के कार्यान्वयन हेतु कुल ₹4,371.10 करोड़ का वित्तीय परिव्यय स्वीकृत किया गया है। 
  • नोडल मंत्रालय (Nodal Ministry): इस महत्वाकांक्षी डिजिटल डेटा रूपांतरण योजना का नेतृत्व और संचालन भारत सरकार का सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation – MoSPI) कर रहा है।
  • योजना के तीन मुख्य घटक (Three Core Components of the Scheme): विस्तार योजना को सुचारू कार्यान्वयन के लिए तीन प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है:
  • व्यापक सांख्यिकीय संचालन और पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण (Comprehensive Statistical Operations and Strengthening of Ecosystem): इसके तहत देश के वृहद् सांख्यिकी प्रारूपों में सुधार किया जाएगा। मंत्रालय ने इसके अंतर्गत 16वें वित्त आयोग (16th Finance Commission) के चक्र के दौरान 59 राष्ट्रीय सर्वेक्षण आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जबकि पहले केवल 43 प्रमुख सर्वेक्षण ही होते थे। 
  • सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता (Support for Statistical Strengthening – SSS): इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकीय क्षमताओं को जिला और स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • आर्थिक जनगणना (Economic Census – EC): इसके अंतर्गत मंत्रालय राज्यों के समन्वय से देश की आठवीं आर्थिक जनगणना (8th Economic Census India) का आयोजन करेगा। 
  • प्रमुख विशेषताएं (Key Features):
  • एआई और मशीन लर्निंग का समावेश: यह योजना सांख्यिकीय प्रक्रियाओं के शुरू से अंत तक डिजिटलीकरण (End-to-end Digitalization) पर केंद्रित है। इसके वर्कफ्लो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) को शामिल किया जाएगा जिससे डेटा प्रोसेसिंग और वैलिडेशन तीव्र हो सके।
  • नए सांख्यिकीय संकेतक: इसके माध्यम से दो नए सूचकांक जारी किए जाएंगे—’हेडलाइन इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन’ (Headline Index of Services Production) और ‘इंडेक्स ऑफ अनइनकॉर्पोरेटेड सेक्टर एंटरप्राइजेस’ (Index of Unincorporated Sector Enterprises)।
  • वैकल्पिक डेटा स्रोतों का मुख्यधारा में लाना: पारंपरिक सर्वेक्षणों के साथ-साथ मोबाइल फोन डेटा, स्कैनर डेटा और ई-कॉमर्स डेटा जैसे आधुनिक स्रोतों का उपयोग किया जाएगा ताकि डेटा गैप को भरा जा सके।

भारतीय सांख्यिकी ढांचे के लिए योजना के लाभ:

  • साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण (Evidence-Based Policymaking): अत्यधिक सटीक, वास्तविक समय और विश्वसनीय डेटा की उपलब्धता से सरकार को विकासात्मक नीतियां बनाने, सामाजिक कल्याण योजनाओं को लक्षित समूहों तक पहुँचाने और उनका सटीक मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी।
  • असंगठित क्षेत्र का सटीक आकलन: 8वीं आर्थिक जनगणना के माध्यम से ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक के सभी गैर-कृषि प्रतिष्ठानों और अनौपचारिक श्रमिकों का बारीक डेटा (Granular Data) प्राप्त होगा। इससे देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में असंगठित क्षेत्र के वास्तविक योगदान का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।
  • सहकारी संघवाद को मजबूती (Strengthening Cooperative Federalism): राज्यों को जिला-स्तरीय सकल घरेलू उत्पाद (District-level GDP) और राज्य-स्तरीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (State-level IIP) संकलित करने के लिए तकनीकी सहायता दी जाएगी, जो विकेंद्रीकृत योजना (Localized Policymaking) को बढ़ावा देगा।
  • विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति: यह योजना सांख्यिकीय डेटा रूपांतरण भारत (Statistical Data Transformation India) के माध्यम से देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों की कड़े मापदंडों पर निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: VISTAR योजना क्या है?

उत्तर: यह सांख्यिकी प्रणाली के आधुनिकीकरण (Statistical Data Transformation India) के लिए नवंबर 2026 में स्वीकृत केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना है, जो डिजिटल गवर्नेंस और एआई-संचालित निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती है।

प्रश्न 2: VISTAR योजना को कितने करोड़ रुपये का बजट मिला है?

उत्तर: इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet Decisions 2026) द्वारा ₹4,371.10 करोड़ का वित्तीय बजट स्वीकृत किया गया है। 

प्रश्न 3: VISTAR योजना का पूरा नाम क्या है?

उत्तर: इसका पूरा नाम ‘सांख्यिकीय परिवर्तन, विश्लेषण और अनुसंधान के लिए विकसित भारत पहल’ (Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research) है। 

प्रश्न 4: VISTAR योजना कितने वर्षों के लिए लागू की गई है?

उत्तर: यह योजना 5 वर्षों की अवधि (वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 तक) के लिए पूरे देश में लागू की गई है।

प्रश्न 5: VISTAR योजना के तहत कौन-कौन से प्रमुख कार्य किए जाएंगे?

उत्तर: इसके तहत 59 बड़े राष्ट्रीय सर्वेक्षणों का आयोजन, सांख्यिकी प्रक्रियाओं में AI/ML तकनीक का उपयोग और भारत की आठवीं आर्थिक जनगणना का सफल संचालन किया जाएगा।

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