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Malabar Naval Exercise 2026: अभ्यास में भाग लेने INS सह्याद्री पहुंचा जापान

Malabar Naval Exercise 2026: अभ्यास में भाग लेने INS सह्याद्री पहुंचा जापान

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय नौसेना का स्वदेशी गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस सह्याद्रि (INS Sahyadri) 4 नवंबर 2026 को जापान के योकोसुका नौसैनिक अड्डे पर पहुंचा। 

  • यह युद्धपोत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए आयोजित बहुपक्षीय मालाबार नौसैनिक अभ्यास 2026 (Malabar Naval Exercise 2026) में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।

मालाबार अभ्यास 2026 के मुख्य बिंदु:

  • मेजबान देश: वर्ष 2026 के Malabar Naval Exercise संस्करण की मेजबानी जापान द्वारा 5 से 12 नवंबर 2026 तक की जा रही है।
  • मुख्य नौसैनिक अड्डा: अभ्यास का प्रारंभिक चरण योकोसुका नौसैनिक बेस, जापान (Yokosuka Naval Base Japan) पर आयोजित किया जा रहा है।
  • भौगोलिक क्षेत्र: अभ्यास की समुद्री गतिविधियाँ मुख्य द्वीप होन्शू के दक्षिण में कांतो क्षेत्र के समुद्री जलक्षेत्र और पश्चिमी प्रशांत प्रशिक्षण क्षेत्र में संचालित की जा रही हैं।
  • मालाबार नौसैनिक अभ्यास के प्रतिभागी (Malabar Naval Exercise Participants): यह एक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास (Multilateral Naval Exercise) है जिसमें क्वाड (QUAD) संगठन के चारों सदस्य देशों की नौसेनाएं शामिल हैं:
  • भारत (India): भारतीय नौसेना (Indian Navy 2026) के पूर्वी बेड़े का प्रतिनिधित्व।
  • जापान (Japan): जापान समुद्री आत्मरक्षा बल (Japan Maritime Self Defense Force – JMSDF)।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): अमेरिकी नौसेना की 7वीं फ्लीट (US Navy 7th Fleet)।
  • ऑस्ट्रेलिया (Australia): रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (RAN) और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना (RAAF)।
    • यह अभ्यास 1992 में भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय (Bilaterally) नौसैनिक अभ्यास के रूप में शुरू हुआ था।
    • जापान इसमें 2015 से स्थाई रूप से शामिल हुआ।
    • ऑस्ट्रेलिया 2020 में इसका हिस्सा बना, जिसके बाद यह ‘क्वाड’ (Quad) देशों का संयुक्त अभ्यास बन गया।
  • अभ्यास के प्रमुख चरण (Core Phases of Exercise): मालाबार युद्धाभ्यास को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
  • बंदरगाह चरण (Harbour Phase): योकोसुका बेस पर आयोजित इस चरण में चारों देशों के नौसैनिक कमांडरों के बीच पेशेवर संवाद, अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability) बढ़ाने पर चर्चा और जटिल समुद्री अभियानों की समन्वित योजना (Coordinated Planning) बनाई जा रही है।
  • समुद्री चरण (Sea Phase): इस व्यावहारिक चरण में सभी प्रतिभागी देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और समुद्री गश्ती विमान वास्तविक युद्धाभ्यास करेंगे। इसमें एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), एंटी-सरफेस वारफेयर, लाइव-फायर ड्रिल और वायु रक्षा संचालन शामिल हैं।
  • भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व: INS सह्याद्रि (INS Sahyadri)
  • श्रेणी: यह प्रोजेक्ट-17 (शिवालिक श्रेणी) का स्वदेशी गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट (Indian Navy Stealth Frigate) है।
  • कमिशन: इसे 21 जुलाई 2012 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • संबद्धता: यह जहाज भारतीय सेना की ‘पूना हॉर्स’ बख्तरबंद रेजिमेंट से संबद्ध है।
  • तकनीकी क्षमता: आधुनिक रडार, स्टील्थ फीचर्स (रडार से बचने की क्षमता), लंबी दूरी की मिसाइलों और एंटी-सबमरीन सेंसर से लैस यह पोत भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का प्रतीक है।
    • इसकी लंबाई 468 फीट, चौड़ाई 55 फीट और विस्थापन क्षमता लगभग 6,800 टन है।
  • अन्य देशों के जहाज:
    • जापान: जेएस इसे (JS Ise), जेएस मोगामी (JS Mogami), एक पनडुब्बी और पी-1 गश्ती विमान।
    • ऑस्ट्रेलिया: एचएमएएस स्टुअर्ट (HMAS Stuart) और पी-8ए पोसीडॉन विमान।
    • अमेरिका: पी-8ए और एक उभयचर परिवहन डॉक।

Malabar Exercise का महत्व:

  • क्वाड नौसैनिक सहयोग का सुदृढ़ीकरण: यह मालाबार अभ्यास (Malabar Exercise) क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के बीच सैन्य तालमेल को मजबूत करता है। यह मंच किसी सैन्य गठबंधन के बजाय वैश्विक मानदंडों पर आधारित समुद्री व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता है।
  • मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत का विजन: चारों नौसेनाओं का यह संयुक्त जमावड़ा दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच एक “मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत” (Free and Open Indo-Pacific) के साझा संकल्प को प्रदर्शित करता है।
  • भारत का महासागर (MAHASAGAR) दृष्टिकोण: आईएनएस सह्याद्रि की यह भागीदारी भारत सरकार के दृष्टिकोण—महासागर (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के सर्वथा अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय नौसेनाओं के साथ पारस्परिक सुरक्षा और समग्र प्रगति को बढ़ावा देना है।
  • द्विपक्षीय भारत-जापान नौसैनिक अभ्यास को बढ़ावा: यह यात्रा भारत-जापान रक्षा कूटनीति और विशेष रूप से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं व समुद्री मार्गों (Sea Lines of Communication) की रक्षा के लिए दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: मालाबार नौसैनिक अभ्यास 2026 का आयोजन कहां हो रहा है?

उत्तर: मालाबार नौसैनिक अभ्यास 2026 का आयोजन जापान के योकोसुका नौसैनिक बेस और उसके आस-पास के प्रशांत महासागरीय जलक्षेत्र में किया जा रहा है।

प्रश्न 2: मालाबार अभ्यास 2026 में कौन-कौन से देश भाग ले रहे हैं?

उत्तर: इस बहुपक्षीय अभ्यास में चार प्रमुख लोकतांत्रिक देश—भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं।

प्रश्न 3: INS सह्याद्री क्या है?

उत्तर: आईएनएस सह्याद्रि (INS Sahyadri) भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का एक स्वदेशी निर्मित गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट (युद्धपोत) है।

प्रश्न 4: मालाबार नौसैनिक अभ्यास का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य मित्र नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय बढ़ाना, अंतर-संचालन क्षमता मजबूत करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 5: भारत और जापान के बीच नौसैनिक सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: भारत और जापान नौसैनिक अभ्यास (India Japan Naval Exercise) के बीच समुद्री सहयोग वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा, हिंद-प्रशांत में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने और चीनी नौसैनिक विस्तार को संतुलित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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