National Cancer Awareness Day: परिचय, शुरुआत, उद्देश्य एवं महत्वपूर्ण तथ्य
संदर्भ:
भारत में 7 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: परिचय, इतिहास एवं उद्देश्य:
- परिचय: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day), भारत में प्रत्येक वर्ष 7 नवंबर को मनाए जाने वाला कैंसर जागरूकता दिवस है।
- इसका प्राथमिक उद्देश्य देश के नागरिकों के बीच कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान (Cancer Prevention and Early Detection) के प्रति चेतना जागृत करना तथा समय पर सुलभ उपचार सुनिश्चित करना है।
- शुरुआत (Launch): भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में इस दिवस की घोषणा वर्ष 2014 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन द्वारा की गई थी।
- प्रथम राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day Date) 7 नवंबर 2014 को मनाया गया था।
- ऐतिहासिक प्रासंगिकता: 7 नवंबर महान पोलिश-फ्रांसीसी वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता मैडम मैरी क्यूरी (Madame Marie Curie) की जयंती (7 नवंबर 1867) को समर्पित है।
- मैरी क्यूरी द्वारा की गई रेडियम और पोलोनियम की ऐतिहासिक खोज ने आधुनिक ऑन्कोलॉजी (Oncology) में प्रयुक्त होने वाली रेडियोथेरेपी (Radiotherapy) और परमाणु चिकित्सा का आधार तैयार किया, जो आज कैंसर उपचार जागरूकता (Cancer Treatment Awareness) का मुख्य स्तंभ है।
- विश्व कैंसर जागरूकता: वैश्विक स्तर पर ‘विश्व कैंसर दिवस’ (World Cancer Awareness / World Cancer Day) प्रतिवर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है।
- मुख्य उद्देश्य (Core Objectives):
- प्रारंभिक निदान को बढ़ावा (Early Diagnosis of Cancer): भारत में लगभग 70 से 80% कैंसर के मामलों का निदान अत्यंत उन्नत या अंतिम चरणों (Advanced Stages) में होता है। यह दिवस शुरुआती लक्षणों की पहचान के महत्व पर बल देता है ताकि मृत्यु दर (Mortality Rate) को कम किया जा सके।
- सुलभ कैंसर स्क्रीनिंग (Cancer Screening in India): देश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को समय पर मुफ्त या किफायती स्क्रीनिंग के प्रति जागरूक करना।
- सामाजिक भ्रांतियों और कलंक का उन्मूलन: कैंसर से जुड़े सामाजिक भय, भ्रांतियों और अफ़वाहों को दूर करना, जिससे लोग चिकित्सा परामर्श लेने में संकोच न करें।
- नीतिगत अभिसरण: सरकार की स्वास्थ्य अवसंरचनात्मक पहलों को जन-जन तक पहुँचाना।
भारत में कैंसर की वर्तमान स्थिति और जोखिम कारक (Cancer Burden and Risk Factors in India):
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैश्विक स्थिति रिपोर्ट 2026 और आईसीएमआर (ICMR) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में कैंसर एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है:
- नए मामले: भारत में प्रतिवर्ष 15.6 से 16 लाख से अधिक नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। अनुमान के अनुसार यह संख्या वर्ष 2025 तक 15.7 लाख या उससे अधिक तक पहुंचने का आकलन किया गया है।
- मृत्यु दर: देश में हर साल कैंसर के कारण 9 लाख के करीब लोगों की जान जाती है। अब 30 से 40 वर्ष की कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
- भारत में सामान्य कैंसर के प्रकार (Common Types of Cancer):
- महिलाओं में: स्तन कैंसर (Breast Cancer) और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (Cervical Cancer) भारत में सर्वाधिक प्रसारित हैं।
- पुरुषों में: मुंह का कैंसर (Oral Cancer), फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) और पेट का कैंसर पुरुषों में सबसे आम हैं। भारत में कुल कैंसर के मामलों में से लगभग एक-तिहाई मामले तंबाकू जनित ओरल कैंसर के होते हैं।
- कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक (Cancer Risk Factors):
- तंबाकू और मदिरा सेवन: धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू उत्पाद देश में कैंसर के सबसे बड़े परिवर्तनीय जोखिम कारक (Modifiable Risk Factors) हैं।
- बदलती जीवनशैली और आहार: प्रसंस्कृत भोजन का उपभोग, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और फलों-सब्जियों का न्यून सेवन।
- जैविक संक्रमण (Infections): ह्यूमन पपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण (सर्वािकल कैंसर हेतु जिम्मेदार) और हेपेटाइटिस बी/सी संक्रमण (लीवर कैंसर हेतु जिम्मेदार)।
- पर्यावरणीय और औद्योगिक कारक: तीव्र शहरीकरण के कारण वायु प्रदूषण, कीटनाशकों का अनियंत्रित उपयोग और रासायनिक औद्योगिक अपशिष्ट का असुरक्षित संपर्क।
कैंसर नियंत्रण संबंधी सरकारी नीतियां:
भारत सरकार ने देश में कैंसर प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए त्रि-स्तरीय (रोकथाम, प्रारंभिक जांच और उपचार) नीतिगत ढांचा तैयार किया है:
- राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम (National Cancer Control Programme – NCCP): यह कार्यक्रम (वर्तमान में एनएचएम के तहत NP-NCD – गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम) देश में कैंसर अवसंरचना को संवर्धित करने का मुख्य जरिया है:
- तटीय/प्राथमिक स्तर पर स्क्रीनिंग: 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जनसंख्या-आधारित मुफ्त स्क्रीनिंग की जाती है।
- डे केयर कैंसर सेंटर (DCCC): केंद्रीय बजट 2025-26 की घोषणा के तहत, देश के प्रत्येक जिला अस्पताल में डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- वर्तमान में 524 से अधिक केंद्र संचालित हैं, जहाँ रोगियों को उनके गृह जनपद के निकट ही कीमोथेरेपी की सुविधा मिलती है।
- आयुष्मान भारत (AB-PMJAY) और वित्तीय सुरक्षा: इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है, जिसमें ऑन्कोलॉजी (सर्जिकल, मेडिकल और रेडिएशन) से जुड़ी जटिल प्रक्रियाएं पूरी तरह शामिल हैं।
- सीमा शुल्क छूट (Customs Duty Exemptions): सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण प्रयासों को राहत देते हुए तीन अत्यंत महत्वपूर्ण कैंसर जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क को पूर्णतः समाप्त कर दिया है, जिससे इलाज की वहनीयता बढ़ी है।
- राष्ट्रव्यापी टीकाकरण और तकनीकी नवाचार (Cancer Prevention Initiatives):
- एचपीवी टीकाकरण अभियान (HPV Vaccination): सरकार ने 28 फरवरी 2026 को भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन ‘सर्ववैक’ (CERVAVAC) के सहयोग से 14 वर्ष की किशोरियों के लिए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया है।
- अत्याधुनिक चिकित्सा: भारत ने अपनी पहली स्वदेशी कार-टी सेल थेरेपी (NexCAR19) विकसित की है, जो कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व वैज्ञानिक क्रांति है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का अनुप्रयोग: पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों ने कैंसर स्क्रीनिंग (Cancer Screening) में एआई-सक्षम उपकरणों और मोबाइल स्क्रीनिंग वैन का प्रयोग शुरू किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: भारत में प्रत्येक वर्ष 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस (National Cancer Awareness Day 2026) आधिकारिक स्वास्थ्य कैलेंडर के तहत मनाया जाता है।
प्रश्न 2: भारत में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की शुरुआत कब हुई?
उत्तर: इस राष्ट्रीय दिवस की शुरुआत भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014 में वैज्ञानिक मैडम मैरी क्यूरी की जयंती पर की गई थी।
प्रश्न 3: राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य कैंसर के लक्षणों, जोखिम कारकों (Cancer Risk Factors) तथा प्रारंभिक पहचान (Early Detection) के प्रति देश भर में कैंसर जागरूकता अभियान (Cancer Awareness Campaign) चलाना है।
प्रश्न 4: कैंसर की शुरुआती पहचान क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: शुरुआती पहचान (Early Diagnosis of Cancer) से चिकित्सा के विकल्प बढ़ते हैं, इलाज की जटिलता और लागत कम होती है तथा मरीज के जीवित रहने की दर (Survival Rate) अत्यधिक सुधर जाती है।
प्रश्न 5: कैंसर से बचाव के लिए कौन-से उपाय अपनाए जा सकते हैं?
उत्तर: तंबाकू और मदिरा से पूर्ण दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय पर एचपीवी टीकाकरण (HPV Vaccination) और 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच (Screening) आवश्यक है।