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अगली पीढ़ी का ठोस रॉकेट प्रणोदक ईंधन BAM-H24: निर्माणकर्ता, विशेषताएं एवं कार्यप्रणाली

अगली पीढ़ी का ठोस रॉकेट प्रणोदक ईंधन BAM-H24: निर्माणकर्ता, विशेषताएं एवं कार्यप्रणाली

BAM-H24 Rocket Fuel

संदर्भ:

हाल ही में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) के शोधकर्ताओं ने अगली पीढ़ी के ठोस रॉकेट प्रणोदक ईंधन (Next-Gen Solid Rocket Propellant Fuel) BAM-H24 के विकास और पेटेंट (Patent) अधिकार प्राप्त किया.

BAM-H24 सॉलिड रॉकेट प्रणोदक के बारे में:

  • परिचय: BAM-H24 सॉलिड रॉकेट प्रणोदक मुख्य रूप से बोरॉन (B), हाइड्रोजन (H), और नाइट्रोजन (N) तत्वों से समृद्ध एक अत्यधिक शक्तिशाली उच्च-ऊर्जा यौगिक (High-Energy Energetic Compound) है.
    • इसे विशेष रूप से अगली पीढ़ी के रॉकेट ईंधन (Next Generation Rocket Fuel) के रूप में डिज़ाइन किया गया है.
    • इसका पूर्ण रासायनिक नाम “N1,N1,N1,N4,N4,N4-हेक्साएथिलबट-2-आइन-1,4-डायमिनियमडोडेकाबोरेन” (N1,N1,N1,N4,N4,N4-hexaethylbut-2-yne-1,4-diaminiumdodecaborane) है.
  • निर्माणकर्ता: इस ईंधन का आविष्कार DRDO और हैदराबाद विश्वविद्यालय के ‘उन्नत उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान केंद्र’ (Advanced Centre of Research in High Energy Materials – ACRHEM) द्वारा एक संयुक्त शैक्षणिक-रक्षा सहभागिता के तहत किया गया है. 
  • मुख्य आविष्कारक: इस अनूठे यौगिक को ACRHEM के डॉ. मुद्दामर्री हनुमंत राव और प्रो. मुरलीधरन कृष्णमूर्ति (स्कूल ऑफ केमिस्ट्री, UoH) की टीम ने प्रयोगशाला स्तर पर संश्लेषित किया है. 
  • पेटेंट: भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय (Indian Patent Office) द्वारा इस नवप्रवर्तन को 20 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर पेटेंट संख्या 599900 प्रदान की गई.
    • इस तकनीक के लिए प्रारंभिक आवेदन 21 दिसंबर 2022 को दर्ज किया गया था. 
    • पिछले चार वर्षों के गहन संरचनात्मक विश्लेषण और प्रयोगात्मक सत्यापन के बाद इसे वैश्विक स्तर पर भारत की अनूठी उपलब्धि के रूप में स्वीकृत किया गया.
  • लक्ष्य: वर्तमान अनुसंधान का लक्ष्य आने वाले कुछ वर्षों में इस ईंधन को सामरिक मिसाइल प्रणालियों (Missile Propulsion Technology) और इसरो (ISRO) के अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहनों (Space Technology) के बूस्टर चरणों में व्यावहारिक उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार करना है. 
  • विशेषताएं:
    • उच्च तापीय और रासायनिक स्थिरता (Thermal & Chemical Stability): यह यौगिक अत्यधिक तापमान और दबाव की स्थितियों में भी बिना विघटित हुए स्थिर रहता है.
    • सुरक्षित संचालन (Enhanced Safety Profile): पारंपरिक ठोस ईंधनों के विपरीत, BAM-H24 घर्षण (Friction) और अचानक लगने वाले झटके (Impact) के प्रति अत्यधिक असंवेदनशील (Highly Insensitive) है, जिससे इसका भंडारण और परिवहन बेहद सुरक्षित हो जाता है.
    • नॉन-हाइग्रोस्कोपिक प्रकृति (Non-Hygroscopic Nature): यह ईंधन हवा से नमी या पानी को अवशोषित नहीं करता है. इसके कारण अत्यधिक आर्द्र (Humid) तटीय क्षेत्रों में भी प्रणोदक की आंतरिक रासायनिक गुणवत्ता खराब नहीं होती.
    • बहुमुखी अनुप्रयोग (Versatile Utility): यह प्रणाली न केवल मुख्य ठोस ईंधन (Solid Rocket Fuel) के रूप में बल्कि अन्य प्रणोदक मिश्रणों में ईंधन योज्य (Fuel Additive) या दहन दर त्वरक (Burn-rate Accelerator) के रूप में भी कार्य कर सकती है. 
  • कार्यप्रणाली: रॉकेट प्रणोदन तकनीक (Rocket Propulsion Technology) में BAM-H24 की कार्यप्रणाली रासायनिक ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में बदलने के सिद्धांत पर आधारित है:
  • बोरॉन की उच्च ऊर्जा डेंसिटी: इस ईंधन में प्रयुक्त मुख्य तत्व बोरॉन की आणविक संरचना बहुत सघन होती है. दहन के समय यह पारंपरिक एल्युमिनियम पाउडर की तुलना में प्रति इकाई आयतन बहुत अधिक मात्रा में थर्मल ऊर्जा उत्सर्जित करता है.
  • विशिष्ट आवेग में वृद्धि (High Specific Impulse): जब इस रॉकेट मोटर (Solid Rocket Motor) को प्रज्वलित किया जाता है, तो इसके कम आणविक भार वाले गैस उत्पाद अत्यधिक वेग से नोजल से बाहर निकलते हैं. यह रॉकेट को उच्च विशिष्ट आवेग प्रदान करता है.
  • न्यूनतम प्रज्वलन विलंब (Reduced Ignition Delay): इसका अनूठा नाइट्रोजन-हाइड्रोजन नेटवर्क कमांड मिलते ही बिना समय गंवाए तात्कालिक दहन (Instant Combustion) शुरू कर देता है, जिससे मिसाइल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Rapid Responsiveness) बढ़ती है. 

ठोस रॉकेट ईंधन और द्रव रॉकेट ईंधन में अंतर (Solid vs Liquid Rocket Fuel):

विशेषता (Attribute)ठोस रॉकेट ईंधन (Solid Rocket Fuel)द्रव रॉकेट ईंधन (Liquid Rocket Fuel)
भंडारण क्षमताइसे पूरी तरह से लोड करके महीनों तक रेडी-टू-यूज (Ready-to-use) स्थिति में रखा जा सकता है.इसे उड़ान से ठीक पहले भरना पड़ता है, लंबे समय तक भंडारण जटिल है।
नियंत्रण एवं थ्रस्टएक बार प्रज्वलित होने के बाद इसे बीच में रोका या थ्रॉटल (Throttle) नहीं किया जा सकता.इसे आवश्यकतानुसार बंद, चालू या इसके थ्रस्ट को नियंत्रित किया जा सकता है।
संरचनात्मक जटिलतासंरचना बेहद सरल होती है; इसमें किसी जटिल वाल्व, पंप या पाइपलाइन की आवश्यकता नहीं होती.पंप, टरबाइन और क्रायोजेनिक वाल्व के कारण अत्यधिक जटिल संरचना होती है।
दक्षता ($I_{sp}$)पारंपरिक रूप से इसका विशिष्ट आवेग थोड़ा कम होता है (BAM-H24 इसे बढ़ा रहा है).इसका विशिष्ट आवेग और पेलोड ले जाने की क्षमता बहुत उच्च होती है।

उन्नत प्रणोदक तकनीक में BAM-H24 का महत्व:

  • आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat): भारत उच्च-ऊर्जा सामरिक सामग्रियों के लिए अक्सर विदेशी आयात पर निर्भर रहा है. BAM-H24 का विकास देश को उन्नत प्रणोदक तकनीक (Advanced Propellant Technology) में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाता है.
  • हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम को गति: भारत के भावी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Hypersonic Cruise Missile) और लंबी दूरी की सामरिक मिसाइलों को ऐसे ईंधन की आवश्यकता होती है जो कम आयतन में अधिक ऊर्जा (High Volumetric Energy) दे सकें. बोरॉन-आधारित यह तकनीक इन मिसाइलों की मारक क्षमता और गति में क्रांतिकारी सुधार करेगी.
  • सुरक्षित सैन्य लॉजिस्टिक्स: इस ईंधन की झटके और घर्षण के प्रति संवेदनहीनता (Insensitivity) भारतीय सेना को युद्ध क्षेत्र और विषम परिस्थितियों में मिसाइलों के सुरक्षित संचालन और रख-रखाव की अभूतपूर्व सुविधा देती है. 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: BAM-H24 solid rocket propellant क्या है और इसे अगली पीढ़ी का rocket fuel क्यों कहा जा रहा है?

उत्तर: यह बोरॉन, हाइड्रोजन और नाइट्रोजन से बना एक उच्च-ऊर्जा यौगिक है. यह पारंपरिक ईंधनों की तुलना में उच्च ऊर्जा घनत्व, अधिक तापीय स्थिरता और उप-नैनोसेकंड प्रज्वलन गति देता है, इसलिए यह अगली पीढ़ी का ईंधन है.

प्रश्न 2: BAM-H24 rocket propellant का निर्माण किसने किया है?

उत्तर: इसका अनुसंधान और विकास DRDO तथा हैदराबाद विश्वविद्यालय (UoH) के संयुक्त रक्षा-अकादमिक अनुसंधान केंद्र ACRHEM द्वारा किया गया है. 

प्रश्न 3: BAM-H24 propulsion technology की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसकी मुख्य विशेषताएं उच्च रासायनिक स्थिरता, आघात और घर्षण के प्रति प्रतिरोधक क्षमता (Safety Profile), नमी न सोखने वाला गुण (Non-hygroscopic) और उच्च विशिष्ट आवेग हैं.

प्रश्न 4: solid rocket fuel और liquid rocket fuel में क्या अंतर होता है?

उत्तर: ठोस ईंधन को रेडी-टू-यूज स्थिति में लंबे समय तक भंडारित किया जा सकता है और इसकी संरचना सरल होती है, जबकि द्रव ईंधन अधिक थ्रस्ट नियंत्रण देता है परंतु इसकी भंडारण प्रणाली जटिल होती है।

प्रश्न 5: BAM-H24 किस तरह rocket propulsion system में काम करता है?

उत्तर: दहन के दौरान इसके सघन बोरॉन परमाणु अत्यधिक मात्रा में थर्मल ऊर्जा छोड़ते हैं, जिससे कम आणविक भार वाली गैसें तीव्र वेग से बाहर निकलती हैं और रॉकेट को अत्यधिक थ्रस्ट (Pranodan) मिलता है.

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