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BrahMos-NG मिसाइल: स्वदेशी तकनीक, विशेषताएं एवं महत्व

BrahMos-NG मिसाइल: स्वदेशी तकनीक, विशेषताएं एवं महत्व

BrahMos-NG Missile

संदर्भ:

हाल ही में ब्रह्मोस एयरोस्पेस (BrahMos Aerospace) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक डॉ. जयतीर्थ जोशी ने बताया है कि अगली पीढ़ी की मिसाइल ब्रह्मोस-एनजी (BrahMos-NG Missile) का पहला प्रोटोटाइप 2027 या 2028 तक तैयार करने की समयसीमा तय की गई है। 

ब्रह्मोस-एनजी मिसाइल के बारे मे:

  • परिचय: ब्रह्मोस-एनजी (Next Generation) एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Supersonic Cruise Missile) है, जो मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल का छोटा, 50% हल्का और अधिक स्टील्थ क्षमता वाला स्मार्ट संस्करण है। छोटा होने के कारण इसे तेजस जैसे हल्के लड़ाकू विमानों पर भी तैनात किया जा सकता है।
  • विशेषताएं:
वजन (Mass)1.2 से 1.5 टन (मानक ब्रह्मोस के 3 टन के मुकाबले 50% हल्का)
लंबाई (Length)लगभग 6 मीटर (मानक ब्रह्मोस 8.4 मीटर लंबी है)
व्यास (Diameter)0.5 मीटर
गति (BrahMos NG Missile Speed)3.5 मैक (Mach) (ध्वनि की गति से साढ़े तीन गुना तेज)
मारक क्षमता (BrahMos NG Missile Range)प्रारंभिक वायु सेना संस्करण के लिए 300 किलोमीटर
वारहेड क्षमता (Warhead)200 से 300 किलोग्राम पारंपरिक हथियार क्षमता

प्रमुख विशेषताएं:

  • स्टील्थ क्षमता (Stealth Characteristics): इसमें प्रयुक्त उन्नत सामग्रियों के कारण इसका राडार क्रॉस-सेक्शन (Radar Cross-Section – RCS) बहुत छोटा है, जिससे दुश्मन के हवाई रक्षा तंत्र (Air Defence Systems) के लिए इसे पहचानना बेहद कठिन हो जाता है।
  • मल्टी-प्लेटफ़ॉर्म क्षमता: यह भूमि, समुद्र, पानी के भीतर (पनडुब्बी की टॉरपिडो ट्यूब) और हवा से दागी जा सकेगी।
  • लड़ाकू विमान एकीकरण: छोटे आकार के कारण सुखोई-30MKI एक साथ 3 ब्रह्मोस-एनजी मिसाइलें ले जा सकेगा (वर्तमान में केवल 1 ले जा पाता है)। इसके अलावा, इसे भारत के हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस (LCA Tejas) पर भी एकीकृत किया जाएगा।
  • स्वदेशी तकनीक: इसकी निर्माण परियोजना आत्मनिर्भर भारत रक्षा (Atmanirbhar Bharat Defence) पहल के तहत की जा रही है:
  • उन्नत समग्र सामग्रियां (Advanced Composite Materials): मिसाइल के संरचनात्मक वजन को 56% तक कम करने के लिए कार्बन फाइबर और विशेष पॉलिमर जैसी स्वदेशी तकनीकों का उपयोग किया गया है।
  • स्वदेशी सीकर (Indigenous Seeker): मिसाइल के टर्मिनल गाइडेंस के लिए डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित स्वदेशी सीकर और एईएसए (AESA) राडार का उपयोग किया जाएगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स (ECCM): दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग प्रयासों को विफल करने के लिए इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां जोड़ी गई हैं।
  • घरेलू विनिर्माण: इस मिसाइल का श्रृंखला उत्पादन (Series Production) उत्तर प्रदेश के लखनऊ डिफेंस नोड में किया जाएगा, जिससे घरेलू रक्षा आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) मजबूत होगी। 

इसका महत्व:

  • सामरिक वायु शक्ति में भारी वृद्धि: तेजस और सुखोई बेड़े पर इसकी तैनाती से भारतीय वायुसेना (IAF) को दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसे बिना ‘स्टैंड-ऑफ’ दूरी से सटीक हमला करने की घातक क्षमता मिलेगी। 
  • युद्ध-परीक्षित विश्वसनीयता (Combat-Proven Asset): मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान वास्तविक युद्ध स्थितियों में ब्रह्मोस के सफल प्रदर्शन (जैसे नूर खान जैसे पाकिस्तानी एयरबेस पर सटीक प्रहार) ने इसकी अजेयता साबित की है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर इसकी मांग बढ़ी है। 
  • रक्षा निर्यात को बढ़ावा (Defence Exports): फिलीपींस (2022) के बाद मई 2026 में वियतनाम और जुलाई 2026 में इंडोनेशिया के साथ हुए $200 मिलियन के समझौतों से ब्रह्मोस का कुल निर्यात $600 मिलियन पार कर गया है।
    • ब्रह्मोस-एनजी के आने से दक्षिण-पूर्वी एशिया और अन्य मित्र देशों में भारत का निर्यात कई गुना बढ़ेगा। 
  • भविष्य का रोडमैप: ब्रह्मोस एयरोस्पेस वर्तमान में 1,500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले एक नए वेरिएंट पर वैचारिक चरण (Conceptual Stage) में काम कर रहा है, जो भविष्य में भारत की रणनीतिक पहुंच को अभूतपूर्व विस्तार देगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: BrahMos-NG मिसाइल क्या है और यह मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल से कैसे अलग है?

उत्तर: ब्रह्मोस-एनजी (Next Generation) मौजूदा मिसाइल का छोटा, 50% हल्का और अधिक स्टील्थ क्षमता वाला स्मार्ट संस्करण है। छोटा होने के कारण इसे तेजस जैसे हल्के लड़ाकू विमानों पर भी तैनात किया जा सकता है।

प्रश्न 2: BrahMos-NG मिसाइल की प्रमुख तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?

उत्तर: इसका वजन 1.2-1.5 टन और लंबाई 6 मीटर है। यह स्वदेशी एईएसए (AESA) सीकर, कम राडार क्रॉस-सेक्शन और उन्नत ईसीसीएम (ECCM) तकनीक से लैस है। 

प्रश्न 3: BrahMos-NG मिसाइल की मारक क्षमता और गति कितनी है?

उत्तर: इसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है और यह 3.5 मैक की अत्यधिक सुपरसोनिक गति (Supersonic Cruise Missile) से उड़ान भर सकती है। 

प्रश्न 4: BrahMos-NG मिसाइल के विकास में स्वदेशी तकनीक की क्या भूमिका है?

उत्तर: इसमें स्वदेशी सीकर, हल्के कंपोजिट मटीरियल और लखनऊ विनिर्माण इकाई का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसमें स्वदेशी सामग्री की मात्रा बहुत अधिक होगी।

प्रश्न 5: भारतीय सशस्त्र बलों के लिए BrahMos-NG मिसाइल का क्या रणनीतिक महत्व है?

उत्तर: यह सुखोई और तेजस को बहु-मिसाइल ले जाने की क्षमता देकर वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ाएगी, विदेशी जैमिंग से सुरक्षित रहेगी और भारत के रक्षा निर्यात को वैश्विक बाजार में मजबूत करेगी।

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