Former RBI Governor Urjit Patel appointed as IMF Executive Director
संदर्भ:
भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। सरकार ने उनकी तीन साल की इस जिम्मेदारी को मंजूरी दी
- यह आदेश 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में जारी हुआ, जिस पर मंत्रालय की सचिव मनीषा सक्सेना ने हस्ताक्षर किए हैं।
पृष्ठभूमि:
- मौजूदा कार्यकारी निदेशक डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम का कार्यकाल अप्रत्याशित रूप से 30 अप्रैल 2025 को समाप्त कर दिया गया।
- डॉ. सुब्रमण्यम का तीन साल का कार्यकाल नवंबर 2025 में पूरा होना था।
- IMF की आधिकारिक वेबसाइट पर 2 मई तक उनका नाम कार्यकारी निदेशक के रूप में दर्ज था, लेकिन 3 मई से यह पद रिक्त दिखने लगा।
- डॉ. सुब्रमण्यम को अगस्त 2022 में IMF बोर्ड में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था।
- इससे पहले वे 2018 से 2021 तक भारत सरकार के 17वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रहे।
ऊर्जित पटेल की प्रमुख जिम्मेदारियां:
- सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व: भारत और समूह के अन्य देशों की आर्थिक नीतियों और हितों को IMF बोर्ड में प्रस्तुत करना।
- आर्थिक नीति विश्लेषण: ग्लोबल, रीजनल और राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों के प्रभाव का मूल्यांकन और समीक्षा करना।
- IMF के दैनिक कामकाज की निगरानी: बोर्ड के निर्णयों के क्रियान्वयन और IMF के रोजाना संचालन की देखरेख।
- वित्तीय सहायता का अनुमोदन: IMF द्वारा प्रदान की जाने वाली वित्तीय मदद और कर्ज के प्रस्तावों की समीक्षा और मंजूरी में भाग लेना।
- क्षमता निर्माण (Capacity Development): देशों को आर्थिक नीति, वित्तीय प्रबंधन और सुधार प्रयासों में सहायता देने की योजनाओं का मार्गदर्शन और निगरानी करना।
ऊर्जित पटेल: शैक्षिक और पेशेवर पृष्ठभूमि
जन्म और प्रारंभिक करियर:
- जन्म: 1963
- 1998–2001: भारत के वित्त मंत्रालय में सलाहकार के रूप में कार्य।
- सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में विभिन्न कार्यभार:
RBI में भूमिका:
- 2016: रघुराम राजन के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 24वें गवर्नर बने।
- दिसंबर 2018: लाभांश हस्तांतरण को लेकर सरकार के साथ विवाद के बीच अचानक इस्तीफा।
- गवर्नर बनने से पहले: RBI के डिप्टी गवर्नर के रूप में विभिन्न विभागों का नेतृत्व: मौद्रिक नीति, आर्थिक नीति अनुसंधान, सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन, जमा बीमा, संचार और सूचना का अधिकार
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के बारे में:
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना जुलाई 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थित ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में 44 देशों द्वारा की गई थी। भारत भी IMF का संस्थापक सदस्य है। 1 मार्च 1947 से इसने कार्य करना शुरू किया और उसी वर्ष फ्रांस IMF से ऋण प्राप्त करने वाला पहला देश बना।
- इसका मुख्यालय वॉशिंगटन डी.सी. में स्थित है
- वर्तमान में इसके सदस्य देशों की संख्या 190 है।
IMF के मुख्य उद्देश्य हैं:
- अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग को प्रोत्साहित करना
- वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सरल बनाना
- उच्च स्तर के रोजगार और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देना तथा
- वैश्विक स्तर पर गरीबी को कम करना।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का शासन ढांचा:
- गवर्नर्स बोर्ड (Board of Governors)
- मंत्रिस्तरीय समितियाँ (Ministerial Committees)
- कार्यकारी निदेशक मंडल (Executive Board)