GeM 10th Anniversary- सरकारी ई-बाज़ार GeM की अब तक की उपलब्धियां
संदर्भ:
हाल ही में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने 9 अगस्त 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत अपने सफल संचालन के 10 वर्ष पूरे किए।
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) क्या हैं?
- परिचय: गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) भारत का राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल (National Public Procurement Portal) है।
- यह एक एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (End-to-End Online Platform) है, जहां विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों द्वारा आवश्यक सामान्य उपयोग की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की जाती है।
- लॉन्च: इसकी शुरुआत 9 अगस्त 2016 को की गई थी।
- मंत्रालय: यह केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन काम करता है।
- नोडल एजेंसी: इसे गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM SPV) नामक एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle) द्वारा संचालित किया जाता है, जो धारा-8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी है।
- विशेषताएं:
- कवरेज: जीईएम केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), स्वायत्त निकायों, स्थानीय निकायों, पंचायतों और सहकारी समितियों सहित सार्वजनिक खरीदारों की एक विस्तृत श्रृंखला को सेवाएं प्रदान करता है ।
- डिजिटल एकीकरण: यह पोर्टल आधार (Aadhaar), पैन (PAN), एमसीए21 (MCA21), और ईपीएफओ (EPFO) प्रणालियों के साथ एकीकृत है, जो विक्रेताओं का फेसलेस और ऑनलाइन सत्यापन (Faceless Verification) सुनिश्चित करता है।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग: GeM वर्तमान में खरीद जीवनचक्र में कार्टेलाइजेशन (Cartelization), डंपिंग और मिलीभगत का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का उपयोग करता है।
- विविध खरीद विकल्प: खरीदारों के लिए इसमें सीधी खरीद (Direct Purchase), ई-बोली (e-Bidding), रिवर्स ऑक्शन (Reverse Auction) और मूल्य तुलना जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं।
- साहय पोर्टल (GeM Sahay): इसके माध्यम से एमएसएमई विक्रेताओं को उनके सक्रिय खरीद ऑर्डर (Purchase Orders) के आधार पर त्वरित और संपार्श्विक-मुक्त ऋण (Collateral-free Loans) प्रदान किया जाता है।
- जमीनी स्तर पर जुड़ाव (Grassroot Connect): जून 2026 में हुए सीएससी (CSC-SPV) समझौते के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे वेंडरों की सहायता के लिए 50 GeM सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसे पंचायतों के लिए ई-ग्राम स्वराज प्रणाली से भी जोड़ा गया है।
- लाभ:
- पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा: इसने बिचौलियों और मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त कर भ्रष्टाचार मुक्त माहौल तैयार किया है।
- वित्तीय बचत: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, मूल्य और प्रक्रिया दक्षता के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में सरकार को ₹1,76,411.46 करोड़ की शुद्ध सामाजिक बचत (Net Social Saving) हुई है।
- समावेशी विकास: ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ पहलों को गति देते हुए इसने देश के सुदूर हिस्सों के कारीगरों और बुनकरों को सीधे राष्ट्रीय बाजार से जोड़ा है।
10 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियां:
- सकल व्यापारिक मूल्य (Gross Merchandise Value – GMV): स्थापना से अब तक GeM ने ₹20 लाख करोड़ से अधिक का संचयी सकल व्यापारिक मूल्य दर्ज किया है। शुरुआती वर्ष (2016-17) में इसका वार्षिक GMV मात्र ₹422 करोड़ था, जो बढ़कर अब प्रति वर्ष ₹5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
- कुल ऑर्डर संख्या: इस मंच के माध्यम से अब तक 3.78 करोड़ से अधिक सफल ऑर्डर पूरे किए जा चुके हैं।
- एमएसएमई की भागीदारी: पोर्टल पर 12.28 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSEs) पंजीकृत हैं। कुल संचयी व्यापार में इन MSEs की हिस्सेदारी ₹9.07 लाख करोड़ (लगभग 45.6%) है।
- महिला सशक्तिकरण: ‘वूमनिया’ (Womaniya) पहल के तहत 2.25 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों ने इस मंच पर 50 लाख से अधिक ऑर्डर पूरे किए हैं।
- स्टार्टअप और वंचित वर्ग: इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से 42,000 से अधिक स्टार्टअप्स जुड़े हैं, जिनका खरीद व्यापार ₹19,000 करोड़ पार कर चुका है। इसके अलावा, एससी/एसटी (SC/ST) उद्यमों से खरीद में 28% की वार्षिक वृद्धि देखी गई है।
- सैन्य खरीद (Defence Procurement): सैन्य मामलों के विभाग (DMA) ने अकेले GeM के माध्यम से ₹1.35 लाख करोड़ से अधिक की संचयी खरीद पूरी की है, जो कुल प्लेटफॉर्म टर्नओवर का 14.93% है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: Government e-Marketplace (GeM) ने 10 साल कब पूरे किए?
उत्तर: गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने भारत में डिजिटल सार्वजनिक खरीद के 10 सफल वर्ष 9 अगस्त 2026 को पूरे कर लिए हैं।
प्रश्न 2: GeM क्या है और इसकी शुरुआत क्यों की गई थी?
उत्तर: यह सरकारी खरीद के लिए एक वन-स्टॉप राष्ट्रीय पोर्टल है, जिसे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और गति लाने हेतु 2016 में शुरू किया गया था।
प्रश्न 3: GeM पर सरकारी खरीद कैसे की जाती है?
उत्तर: इस पेपरलेस पोर्टल पर अधिकृत सरकारी खरीदार सीधे खरीद, ई-निविदा (e-Bidding), और रिवर्स ऑक्शन टूल का उपयोग करके पारदर्शी तरीके से सामान और सेवाएं खरीदते हैं।
प्रश्न 4: GeM के 10 साल पूरे होने पर कौन-कौन सी उपलब्धियां हासिल हुई हैं?
उत्तर: इस पोर्टल ने ₹20 लाख करोड़ से अधिक का संचयी GMV पार किया है, 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डर पूरे किए हैं और सरकारी धन में भारी बचत की है।
प्रश्न 5: GeM से MSMEs और छोटे कारोबारियों को क्या फायदा हुआ?
उत्तर: इससे 12.28 लाख से अधिक छोटे उद्योगों (MSME Sellers) को बिना किसी बाधा के सरकारी टेंडरों में भाग लेने और व्यापार विस्तार का समान अवसर मिला है।
