Henley Passport Index 2025
संदर्भ:
हर साल जारी होने वाला हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की रैंकिंग तय करता है। यह इंडेक्स इस आधार पर बनता है कि किसी देश के नागरिक बिना वीज़ा, वीज़ा ऑन अराइवल (VoA), ई-वीज़ा या ट्रैवल परमिट के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं। 2025 की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। भारत 2024 में 85वें स्थान पर था, जबकि 2025 में यह 8 स्थान की छलांग के साथ 77वें स्थान पर पहुंच गया है।
(Henley Passport Index 2025) हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की मुख्य विशेषताएं:
- शीर्ष रैंकिंग:
- सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया: संयुक्त रूप से पहले स्थान पर (193 देशों में वीज़ा-मुक्त यात्रा)।
- फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, फिनलैंड: दूसरे स्थान पर (190 देश)।
- यूनाइटेड किंगडम (UK): छठे स्थान पर (188 देश)।
- संयुक्त राज्य अमेरिका (USA): 10वें स्थान पर (185 देश)।
- निचले रैंक वाले देश:
- पाकिस्तान: 96वें स्थान पर।
- सीरिया, इराक, अफगानिस्तान: अंतिम तीन पायदान (99वां स्थान — अफगानिस्तान, केवल 25 देश)।
भारत की स्थिति: उल्लेखनीय सुधार:
- 2024 की रैंकिंग: 85वां स्थान
- 2025 की रैंकिंग: 77वां स्थान (8 पायदान की छलांग)
- वीज़ा फ्री/वीज़ा ऑन अराइवल सुविधा: 59 देशों में
- 2024 में यह संख्या: 57 थी
- नए शामिल देश:
- श्रीलंका
- फिलीपींस
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
- यह इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्ट की तुलना करता है।
- आंकड़े IATA (International Air Transport Association) के Timatic डेटाबेस से लिए जाते हैं।
- गणना प्रणाली:
- बिना वीज़ा या वीज़ा ऑन अराइवल की अनुमति मिलने पर 1 अंक।
- वीज़ा की आवश्यकता होने पर 0 अंक।
- कुल स्कोर तय करता है कि किसी देश का पासपोर्ट कितना “शक्तिशाली” है।
पासपोर्ट ताकत तय करने के मानदंड:
- वीज़ा-मुक्त या वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा प्राप्त देशों की संख्या।
- यात्रा की अवधि (छोटी/लंबी अवधि)।
- वीज़ा नियमों की कठोरता या लचीलापन।
- देश की राजनीतिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंध।
- आप्रवासन नीति और द्विपक्षीय समझौते।
शक्तिशाली पासपोर्ट के लाभ:
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा में सरलता और कम खर्च।
- पर्यटन, शिक्षा और व्यवसाय में वैश्विक अवसर।
- वैश्विक पहचान में वृद्धि।
- नागरिकों के लिए कम जटिल वीज़ा प्रक्रियाएं।
- देश की कूटनीतिक शक्ति और वैश्विक नेटवर्किंग में मजबूती।
निष्कर्ष:
भारत का 2025 में हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में 77वें स्थान तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और कूटनीतिक संबंध मजबूत हो रहे हैं। जैसे-जैसे और देश भारत को वीज़ा-मुक्त यात्रा की सुविधा देंगे, भारतीय नागरिकों को वैश्विक यात्रा और अवसरों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। यह सुधार भारत के वैश्विक प्रभाव, आर्थिक सशक्तिकरण और विदेश नीति की सफलता को भी दर्शाता है।